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सावन के पहले मंगलवार को ये करने की है मान्यता, जानिए पूजा विधि, कथा, मंत्र और आरती

इस व्रत में एक समय भोजन किया जाता है। इस दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए। सावन के प्रत्येक सोमवार शिवलिंग को जल जरूर अर्पित करना चाहिए।

sawan somvar, sawan somvar 2020, sawan somvar puja vidhi, sawan somvar 2020 date, sawan somvar 2020 start date,Sawan Somvar 2020 Date, Puja Vidhi, Vrat Vidhi, Vrat Katha, Samagri, Mantra: शिव पूजा के लिये सामग्री में उनकी प्रिय वस्तुएं भांग, धतूरा आदि भी रख सकते हैं।

वैसे तो प्रत्येक सोमवार भगवान शिव की उपासना के लिये उपयुक्त माना जाता है लेकिन सावन के सोमवार की अपनी अलग महत्ता है। सावन माह भगवान शिव की उपासना का माह माना जाता है। जो इस बार 6 जुलाई सोमवार के दिन से शुरू हुआ है। सावन का सोमवार जितना शिव जी को प्रिय है, वैसे ही मंगलवार मां पार्वती को पसंद है। उन्हें प्रसन्न करने के लिए सावन के मंगलवार को भक्त मंगला गौरी व्रत रखते हैं। इस दिन पति-पत्नी के साथ में पूजा करने से दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। इसके अलावा, इस दिन चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को लगाने से भी लाभ मिलने की मान्यता है।

Sawan Somvar 2020 Puja Vidhi, Vrat Katha, Samagri: सावन सोमवार व्रत कैसे करें, क्या है इसकी पूजा विधि, मंत्र और कथा

सावन सोमवार की सभी तारीखें:
सावन का पहला सोमवार 06 जुलाई 2020
सावन का दूसरा सोमवार 13 जुलाई 2020
सावन का तीसरा सोमवार 20 जुलाई 2020
सावन का चौथा सोमवार 27 जुलाई 2020
सावन का पांचवा सोमवार 03 अगस्त 2020

शिव पूजा सामग्री: भगवान शिवजी की पूजा में गंगाजल का उपयोग जरूर करें। शिवजी की पूजा के समय उनके पूरे परिवार अर्थात् शिवलिंग, माता पार्वती, कार्तिकेयजी, गणेशजी और उनके वाहन नन्दी की संयुक्त रूप से पूजा की जानी चाहिए। शिवजी की पूजा में लगने वाली सामग्री में जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, कलावा, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बिल्वपत्र, दूर्वा, फल, विजिया, आक, धूतूरा, कमल−गट्टा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, पंचमेवा, भांग, धूप, दीप का इस्तेमाल किया जाता है।

Happy Sawan 2020 Wishes Images, Quotes, Status: शिव शंकर की पूजा का पावन महीना हुआ शुरू, अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को ऐसे करें विश

सावन सोमवार पूजा विधि:
– सुबह जल्दी उठें और स्नान करके साफ कपड़े धारण करें।
– पूजा स्थान की अच्छी तरह साफ-सफाई करें और वहां गंगाजल का छिड़काव करें।
– संभव हो तो आसपास के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल व दूध का अभिषेक भी करें।
– भगवान शिव और शिवलिंग को चंदन का तिलक लगाएं। उन्हें सुपारी, पंच अमृत, नारियल, बेल पत्र, धतूरा, फल, फूल आदि अर्पित करें।
– अब दीपक जलाएं और भगवान शिव का ध्यान लगाएं। मंत्र जाप करें।
– सावन सोमवार व्रत की कथा सुनें व शिव चालीसा का पाठ करें और महादेव की आरती उतारें।

Live Blog

Highlights

    06:16 (IST)07 Jul 2020
    भगवान शंकर को तुलसी, नारियल कभी भी नहीं चढ़ाएं

    भगवान शंकर के मंदिर, शिवलिंग और मूर्ति पर तुलसी, नारियल आदि नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव के साथ नाग देव की भी पूजा करनी चाहिए। उन्हें भी दूध चढ़ाना चाहिए। इससे भगवान प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

    05:25 (IST)07 Jul 2020
    सोमवार को व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से घर में आती हैं शांति

    इस बार सावन में पांच सोमवार पड़ रहे हैं। सावन का आरंभ और अंत दोनों सोमवार के दिन हो रहा है। सोमवार को व्रत रखने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से घर में शांति आती है। मानसिक पीड़ा दूर होती है। आर्थिक उन्नति होती है। 

    05:21 (IST)07 Jul 2020
    भगवान शिव को दूध, धतूरा, मदार, बेलपत्र चढ़ाएं

    भगवान शिव को दूध, धतूरा, मदार, बेलपत्र चढ़ाएं। शिवस्तोत्र का पाठ करें। शिवस्तुति करें। भगवान शिव सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं।

    02:37 (IST)07 Jul 2020
    भगवान शिव का सबसे प्रिय मास है सावन

    सावन भगवान शिव का सबसे प्रिय मास है। इस महीने भगवान का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और  अन्य प्रकार की पूजाएं करके उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।

    21:33 (IST)06 Jul 2020
    इसलिए भी भगवान शिव को प्रिय है सावन का महीना

    भगवान शिव को सावन का महीना प्रिय है। इसका एक कारण ये भी है कि भोलेनाथ सावन के महीने में पृथ्वी पर अवतरित होकर अपने ससुराल गए थे। ससुराल में उनका स्वागत अर्घ्य और जलाभिषेक से किया गया था। माना जाता है कि प्रत्येक वर्ष सावन माह में भगवान शिव अपने ससुराल आते हैं।

    20:24 (IST)06 Jul 2020
    क्या होता है सोलह सोमवार व्रत

    सावन में शिव के कुछ भक्त सोमवार व्रतों को सावन के बाद तक भी जारी रखते हैं, एसे भक्त सावन के प्रथम सोमवार से प्रारंभ करते हुए लगातार सोलह(16) और सोमवारों को यह व्रत जारी रखते हैं। इस प्रक्रिया को सोलह सोमवार उपवास के नाम से जाना जाता है।

    19:55 (IST)06 Jul 2020
    सावन में देवघर के बैद्यनाथ मंदिर के आनलाइन दर्शन

    सोमवार से श्रावण मास की शुरुआत हो चुकी है। इस बार श्रद्धालु झारखंड के देवघर के बैद्यनाथ मंदिर में पूजा नहीं कर सकेंगे लेकिन भक्तों के लिए लाइव स्ट्रीमिंग की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस साल वार्षिक आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

    18:58 (IST)06 Jul 2020
    Sawan 2020: हल्दी या चंदन किसका करें इस्तेमाल

    भगवान शिव की पूजा में हल्दी चढ़ाना भी वर्जित माना गया है। हल्दी का संबंध सौंर्दय से होता है शिव बैराग को धारण करते हैं। शिव पूजा में चंदन का इस्तेमाल शुभ माना गया है।

    18:20 (IST)06 Jul 2020
    तुलसी पत्ते का प्रयोग

    शिव पूजन करते समय कभी भी तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। तुलसी के पत्ते भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण को प्रिय है। 

    17:45 (IST)06 Jul 2020
    ये बन रहे हैं संयोग

    इस बार सावन मास में 11 सर्वार्थसिद्धि, 3 अमृतसिद्धि और 12 दिन के रवियोग बन रहे हैं। इस बार सावन सोमवार जुलाई मास में 6, 13, 20 और 27 को और 3 अगस्त को है। इसके अलावा 10 जुलाई को मोनी पंचमी, 14 जुलाई को मंगला गौरी व्रत, 16 जुलाई को एकादशी, 18 जुलाई को प्रदोष, 20 जुलाई को हरियाली अमावस्या, सोमवती अमावस्या, 23 जुलाई को हरियाली तीज, 25 जुलाई को नागपंचमी और 3 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस बार शिवालयों की बजाय घर पर ही शिव अनुष्ठान कर पूजा का फल प्राप्त किया जा सकता है।

    17:14 (IST)06 Jul 2020
    सोमवार से शुरू और सोमवार को ही होगा समाप्त

    इस बार का सावन इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इस बार पांच सोमवार पड़ रहे हैं. इसके साथ ही शुभ संयोग है कि सोमवार से ही शुरू होकर सावन मास सोमवार को ही समाप्त हो रहा है. सोमवार, चंद्र देव का विशेष दिन है जिन्हें महादेव ने ही दक्ष के क्षय शाप से अभय दान दिया था.

    16:33 (IST)06 Jul 2020
    29 दिनों का होगा सावन

    इस साल सावन मास 29 दिनों का रहेगा। इस मास में पांच शिवप्रिय सोमवार और 25 से ज्यादा विशेष योग रहेंगे।

    15:54 (IST)06 Jul 2020
    भगवान शिव के साथ विष्णु की पूजा से भी होगा लाभ

    इस बार सावन मास का प्रारंभ 6 जुलाई सोमवार को होगा और समापन 3 अगस्त सोमवार के दिन होगा। सावन मास का प्रारंभ उत्तराषाढ़ा नक्षत्र वैधृति योग, कौलव करण औऱ प्रतिपदा तिथि में होगा। इस दिन बृहस्पति धनु राशि में और चंद्रमा मकर राशि में रहेगा। इसलिए इस सोमवार को शिव पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होगी। इस दिन शिव के साथ भगवान विष्णु की पूजा से भी विशेष फल की प्राप्ति होगी।

    15:10 (IST)06 Jul 2020
    Sawan 2020: ये है महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का यह महीना भगवान शिव को काफी पसंद होता है। इस दिन व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस महीने में लोग सुखी विवाहित जीवन की कामना के लिए व्रत रखते हैं। इसके साथ ही महिलाएं अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए भी इस महीने व्रत रखती हैं।

    14:26 (IST)06 Jul 2020
    सावन में ऐसे करें भगवान शिव की पूजा

    शिव पुराण पढ़े। -शिव गायत्री की एक माला करें अन्यथा 3, 5, 7, 11, 13, 21 या 33 बार पढ़ें। 11-11-11 सुबह दोपहर( 2 बजे 3 के बीच) और शाम को 7 बजे से पहले कर लें। इस तरह एक दिन में 33 हो जाएंगे।-भगवान शिव की पूजा में तीन के अंक का विशेष महत्व है। संभव हो तो तीन बार रुद्राष्टक पढ़ ले। अथवा ॐ नमः शिवाय के मन्त्र से अंगन्यास करें। एक बार अपने कपाल पर हाथ रखकर मन्त्र सस्वर पढ़े। फिर दोनों नेत्रों पर और फिर ह्रदय पर। यह मंत्र योग शास्त्र के प्राणायाम भ्रामरी की तरह होगा।-भगवान शिव को 11 लोटे जल अर्पण करें। प्रयास करें कि यह पूरे सावन मास हो जाये। काले तिल,और दूध के साथ।-भगवान शिव का व्रत तीन पहर तक ही होता है। इसलिये सात्विक भाव से पूजन करें।-यदि विल्व पत्र नहीं मिले तो एक जनेऊ अथवा तीन या पांच कमलगट्टे अर्पित कर दें। ( यह एक बार ही अर्पित होंगे और पूरे मास रखे रहेंगे।)

    13:47 (IST)06 Jul 2020
    पूजन में इनका होता है इस्तेमाल

    जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, कलावा, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बिल्वपत्र, दूर्वा, फल, विजिया, आक, धूतूरा, कमल−गट्टा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, पंचमेवा, भांग, धूप, दीप का इस्तेमाल किया जाता है।

    13:11 (IST)06 Jul 2020
    शिव की पूजा में इन चीजों का प्रयोग है वर्जित...

    शिव पूजन करते समय कभी भी तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। तुलसी के पत्ते भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण को प्रिय है। नारियल का प्रयोग कभी भी शिव जी का पूजन करते समय इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। दरअसल नारियल का संबंध देवी लक्ष्मी से होता है और देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी है। शिवलिंग की पूजा में कभी भी कुमकुम का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कुमकुम सुहाग की निशानी है।

    12:54 (IST)06 Jul 2020
    सावन के मुख्य त्योहार (Sawan Vrat Tyohar):

    सावन सोमवार- 6, 13, 20, 27 जुलाई और 3 अगस्तमंगला गौरी व्रत- 07, 14, 21, 28 जुलाईसावन शिवरात्रि- 19 जुलाईहरियाली तीज- 23 जुलाईनाग पंचमी- 25 जुलाईश्रावण पुत्रदा एकादशी व्रत- 30 जुलाई

    12:21 (IST)06 Jul 2020
    पंचाग के अनुसार सावन पूजा का शुभ मुहूर्त-

    इस बार सावन महीने की शुरुआत कृष्ण पक्ष प्रतिपदा 5 जुलाई रविवार को सुबह 10.15 से होगी, जो 6 जुलाई, सोमवार को सुबह 9.25 तक रहेगी।

    11:54 (IST)06 Jul 2020
    भगवान शिव के मंत्र...

    ॐ नमः शिवाय॥

    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहितन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

    11:16 (IST)06 Jul 2020
    Sawan Somvar 2020 Dates: इस बार सावन में पड़े हैं पांच सोमवार...

    इस बार सावन में कुल 5 सोमवार आएंगे। पहला सोमवार 6 जुलाई, दूसरा 13 जुलाई, तीसरा 20 जुलाई, चौथा 27 जुलाई और पांचवा 3 अगस्त को है। श्रावण मास के सोमवार बहुत ही सौभाग्यशाली एवं पुण्य फलदायी माने जाते हैं।

    10:47 (IST)06 Jul 2020
    शिव को ऐसे करें प्रसन्न...

    भगवान शिव का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है, परंतु विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दूध, दही, घी, शहद, चने की दाल, सरसों तेल, काले तिल, आदि कई सामग्रियों से अभिषेक की विधि प्रचलित है।

    10:26 (IST)06 Jul 2020
    Sawan ke Gane: सावन के गाने

    Shiv Bhajan Video: 6 जुलाई से महादेव का पसंदीदा महीना सावन की शुरुआत हो रही है। संयोगवश, सावन का पहली सोमवारी भी सावन की शुरुआत के साथ ही पड़ी है। शास्त्रों में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए बताया गया है। मान्यता है कि सोमवार के दिन व्रत रखने से भोले शंकर अपने भक्तों पर विशेष कृपा करते हैं। पूरे श्रावण मास में 06, 13, 20, 27 जुलाई और 03 अगस्त को सोमवार है। ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस महीने में सच्चे मन से भगवान शंकर की पूजा करते हैं, उनकी मुराद जरूर पूरी होती है। यहां आप देखेंगे शिव शंकर के पॉपुलर भजन...

    10:09 (IST)06 Jul 2020
    शिव की उत्पत्ति कैसे हुई:

    शिव जी को स्वयंभू माना गया है, यानी कि उनका जन्म नहीं हुआ और वो अनादिकाल से सृष्टि में हैं। लेकिन उनकी उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग कथाएं सुनने को मिलती है। जैसे पुराणों के अनुसार शिव जी भगवान विष्णु के तेज से उत्पन्न हुए हैं जिस वजह से महादेव हमेशा योगमुद्रा में रहते हैं। वहीं, श्रीमद् भागवत के अनुसार एक बार जब भगवान विष्णु और ब्रह्मा अहंकार के वश में आकर अपने आप को श्रेष्ठ बताते हुए लड़ रहे थे तब एक जलते हुए खंभे से भगवान शिव प्रकट हुए। विष्णु पुराण में शिव के वर्णन में लिखा है कि एक बच्चे की जरूरत होने के कारण ब्रह्माजी ने तपस्या की जिसकी वजह से अचानक उनकी गोद में रोते हुए बालक शिव प्रकट हुए।

    09:40 (IST)06 Jul 2020
    सावन सोमवार व्रत कथा (Sawan Somvar Katha):

    एक समय की बात है, किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी इस कारण वह बहुत दुखी था। पुत्र प्राप्ति के लिए वह प्रत्येक सोमवार व्रत रखता था और पूरी श्रद्धा के साथ शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और पार्वती जी की पूजा करता था। उसकी भक्ति देखकर एक दिन मां पार्वती प्रसन्न हो गईं और भगवान शिव से उस साहूकार की मनोकामना पूर्ण करने का आग्रह किया। पार्वती जी की इच्छा सुनकर भगवान शिव ने कहा कि ‘हे पार्वती, इस संसार में हर प्राणी को उसके कर्मों का फल मिलता है और जिसके भाग्य में जो हो उसे भोगना ही पड़ता है।’ लेकिन पार्वती जी ने साहूकार की भक्ति का मान रखने के लिए उसकी मनोकामना पूर्ण करने की इच्छा जताई। पूरी कथा पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

    09:19 (IST)06 Jul 2020
    सावन सोमवार पूजा विधि...

    सावन सोमवार व्रत रखने वाले लोगों को इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दैनिक क्रियाओं को पूरा कर स्नान करना चाहिए। साफ वस्त्र पहनकर पूजा घर या मंदिर जाएं। वहां भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को स्वच्छ जल से धोकर साफ कर लें। फिर तांबे के लोटे या अन्य किसी पात्र में जल भरें और उसमें गंगा जल मिला लें। इसके बाद उस जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करें। उन्हें सफेद फूल, अक्षत्, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, धूप आदि अर्पित करें। प्रसाद में फल और मिठाई का उपयोग करें। ध्यान रखें कि भगवान शिव को तुलसी का पत्ता, हल्दी और केतकी का फूल कभी अर्पित न करें। माना जाता है कि इससे भगवान शिव अप्रसन्न हो जाते हैं जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है। पूजा के दौरान भगवान शिव के ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव की आरती करें। आरती के बाद प्रसाद ग्रहण कर पारण कर सकते हैं। दिन में फल का सेवन कर सकते हैं।

    09:19 (IST)06 Jul 2020
    सावन सोमवार पूजा विधि...

    सावन सोमवार व्रत रखने वाले लोगों को इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दैनिक क्रियाओं को पूरा कर स्नान करना चाहिए। साफ वस्त्र पहनकर पूजा घर या मंदिर जाएं। वहां भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को स्वच्छ जल से धोकर साफ कर लें। फिर तांबे के लोटे या अन्य किसी पात्र में जल भरें और उसमें गंगा जल मिला लें। इसके बाद उस जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करें। उन्हें सफेद फूल, अक्षत्, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, धूप आदि अर्पित करें। प्रसाद में फल और मिठाई का उपयोग करें। ध्यान रखें कि भगवान शिव को तुलसी का पत्ता, हल्दी और केतकी का फूल कभी अर्पित न करें। माना जाता है कि इससे भगवान शिव अप्रसन्न हो जाते हैं जिससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है। पूजा के दौरान भगवान शिव के ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव की आरती करें। आरती के बाद प्रसाद ग्रहण कर पारण कर सकते हैं। दिन में फल का सेवन कर सकते हैं।

    08:56 (IST)06 Jul 2020
    Sawan 2020 Start: सावन का पवित्र महीना हुआ शुरू, पूजा के बाद जरूर पढे़ं ये मंत्र...

    भगवान शिव से क्षमा याचना मंत्र: पूजा के बाद भगवान शिव के सामने ये मंत्र पढ़ कर क्षमा मांग लें यदि पूजा में कोई भूल हुई हो:

    'आवाहनं न जानामि, न जानामि तवार्चनम, पूजाश्चैव न जानामि क्षम्यतां परमेश्वर':.

    08:29 (IST)06 Jul 2020
    दिल्ली गौरी शंकर मंदिर

    सावन में भगवान शिव की पूजा सामग्री: भगवान शंकर का एक नाम भोलेनाथ भी है। भोलेनाथ ऐसे देवता हैं जो मात्र एक लोटा जल चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते हैं। उनकी पूजा में किसी भी तरह के स्वादिष्ट पकवान और प्रसाद को चढ़ाने की जरूरत नहीं होती है। शिव जी की पूजा में जल, दूध, दही, फूल,बिल्वपत्र, दूर्वा घास, धतूरा और भांग का प्रयोग किया जाता है।

    08:11 (IST)06 Jul 2020
    सावन पूजा शुभ मुहूर्त (Sawan Puja Shibh Muhurat):

    इस बार सावन महीने की शुरुआत कृष्ण पक्ष प्रतिपदा 5 जुलाई रविवार को सुबह 10.15 से होगी, जो 6 जुलाई, सोमवार को सुबह 9.25 तक रहेगी। 

    07:51 (IST)06 Jul 2020
    सावन शिव पूजा सामग्री (Sawan Shiv Puja Samagri):

    बिल्व पत्र, रुद्राक्ष, भस्म, त्रिपुण्ड्रक, धतूरा, भांग, अक्षत, आक, धतूरा या कनैल का फूल, शिवलिंग पर यह चीजें बारी बारी से अर्पित करते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का पाठ करें. इसके बाद हाथ जोड़कर शिव लिंग की परिक्रमा करें. लेकिन याद रखें कि शिवलिंग की परिक्रमा आधी ही करनी है.

    07:29 (IST)06 Jul 2020
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योदी आदित्यनाथ ने मानसरोवर मंदिर में की पूजा अर्चना...

    सावन सोमवार व्रत विधि: इस व्रत में एक समय भोजन किया जाता है। इस दिन शिव जी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए। सावन के प्रत्येक सोमवार शिवलिंग को जल जरूर अर्पित करना चाहिए। संभव हो तो रात्रि में आसन बिछा कर सोना चाहिए। सावन के पहले सोमवार से लेकर 9 या फिर 16 सोमवार तक लगातार व्रत रख सकते हैं। अगर ऐसा संभव नहीं है तो सिर्फ सावन में आने वाले सोमवार के भी व्रत रख सकते हैं। शिव पूजा के लिये सामग्री में उनकी प्रिय वस्तुएं भांग, धतूरा आदि भी रख सकते हैं।

    07:12 (IST)06 Jul 2020
    शिव जी के मंत्र (Lord Shiva Mantra):

    1. ॐ नमः शिवाय॥2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥3. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहितन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

    07:12 (IST)06 Jul 2020
    शिव जी के मंत्र (Lord Shiva Mantra):

    1. ॐ नमः शिवाय॥2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥3. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहितन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

    06:19 (IST)06 Jul 2020
    घर बैठकर श्रद्धालु करेंगे देवघर के बैद्यनाथ मंदिर के दर्शन, ऑनलाइन दर्शन की तैयारी पूरी

    आज से शुरू हो रहे श्रावण माह में श्रद्धालुओं के लिए झारखंड के देवघर के बैद्यनाथ मंदिर से पूजा अर्चना की लाइव स्ट्रींमिंग की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के कारण इए वर्ष सालाना श्रावणी मेले का आयोजन नहीं किया गया है। गुरु पूर्णिमा के एक दिन बाद होने वाले श्रावणी मेले में देशभर से लाखों लोग हर साल मंदिर आते हैं। राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण झारखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस साल वार्षिक आयोजन की अनुमति देने से इनकार कर दिया और अधिकारियों को श्रद्धालुओं को वर्चुअल दर्शन कराने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

    06:00 (IST)06 Jul 2020
    हाथ में कमंडल और मन में भक्ति पहचान है कांवड़ियों की

    कांवडिए भगवान महादेव के भक्त होने के साथ ही साथ नगर के चौकीदार भी होते हैं। सावन महीने में बोल-बम के नारे के साथ वे शिवधाम की ओर चलते हैं तो नगर की सुरक्षा भी करते हैं। उनके हाथ में जल से भरा कमंडल, छत्र, कांवड़, और मन में भगवान विश्वनाथ की भक्ति होती है।

    05:06 (IST)06 Jul 2020
    कांवड़ यात्रा काशी विश्वनाथ और बाबा बैजनाथ धाम में मुख्य रूप से करते हैं जलाभिषेक

    कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले शिव भक्त गंगा से जल लेकर पैदल ही कई मील दूर शिवधाम, शिवमंदिर या शिवालयों पर जाया करते हैं। खास तौर पर सभी कांवड़ यात्री काशी विश्वनाथ और देवघर बाबा बैजनाथ धाम जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं

    04:42 (IST)06 Jul 2020
    सावन इस बार नहीं निकलेगी कांवड़ यात्रा

    सावन में इस बार कांवड़ यात्रा नहीं निकल सकेगी। शिवभक्त घर के आसपास ही शिवमंदिरों में जलाभिषेक करेंगे और भगवान महादेव का आशीर्वाद लेंगे।

    03:34 (IST)06 Jul 2020
    आज से आरंभ होकर 3 अगस्त तक चलेंगे सावन

    गुरु पूर्णिमा तथा आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन, 6 जुलाई से उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और वैधृति योग लिए ,सावन के सोमवार आरंभ हो रहे हैं जो 3 अगस्त को समाप्त होंगे।

    23:19 (IST)05 Jul 2020
    सावन में भगवान शंकर का अभिषेक और शिवस्तोत्र का पाठ कराने से विशेष फल मिलता है

    सावन में भगवान शंकर का अभिषेक कराने और शिवस्तोत्र का पाठ कराने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। वैसे तो यह सावन में कभी भी कराया जा सकता है, लेकिन सोमवार को इसका विशेष महत्व है।

    22:32 (IST)05 Jul 2020
    भगवान शंकर को चढ़ाएं दूध, धतूरा और बेलपत्र

    सावन के महीने में भगवान शंकर का ध्यान लगाकर जो भक्त उनकी आराधना करता है, उनके सब दुख दूर हो जाते हैं और संकटों का सामना नहीं करना पड़ता है। शिवालयों में दूध, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाएं।

    21:01 (IST)05 Jul 2020
    भगवान शंकर को ये करते हैं अर्पण

    इस दिन लोग उपवास करते हैं और शिवालय में जाकर दूध, दही, शहद से शिवलिंग का अभिषेक करके बेलपत्र, फल, फूल आदि भगवान को अर्पण करते हैं।

    20:35 (IST)05 Jul 2020
    पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार...

    6 जुलाई से सावन या श्रावण मास का महीना शुरु हो रहा है और इसी के साथ भक्त महादेव शिव शंभु की आराधना में लीन होंगे। श्रावण का शुभ हिंदू महीना कल पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार शुरू होने वाला है।

    20:10 (IST)05 Jul 2020
    नेपाल में सावन

    नेपाल, हिमाचल और उत्तराखण्ड के कुछ हिस्सों में सावन महीने की शुरुआत 16 जुलाई से होगी और इसका आखिरी दिन 15 अगस्त को रहेगा। इन जगहों पर सौर कैलेंडर के अनुसार त्योहार मनाए जाते हैं।

    19:38 (IST)05 Jul 2020
    इन ज्योतिर्लिंगों में कल से होगा सावन

    पूर्णिमांत कैलेंडर के अनुसार मध्यप्रदेश के महाकाल और ओंकारेश्वर, उत्तराखंड के केदारनाथ, उत्तरप्रदेश के काशी विश्वनाथ, बिहार के वैद्यनाथ धाम ज्योतिर्लिंग की पूजा के लिए सावन महीने की शुरुआत 6 जुलाई से हो रही है। इसका आखिरी दिन 3 अगस्त रहेगा।

    19:06 (IST)05 Jul 2020
    इन बातों का रखें ख्याल

    भगवान शिवजी की पूजा में गंगाजल का उपयोग जरूर करें। शिवजी की पूजा के समय उनके पूरे परिवार अर्थात् शिवलिंग, माता पार्वती, कार्तिकेयजी, गणेशजी और उनके वाहन नन्दी की संयुक्त रूप से पूजा की जानी चाहिए।

    18:32 (IST)05 Jul 2020
    Sawan 2020: सावन में पड़ेंगे ये व्रत और त्योहार

    7 जुलाई को मंगला गौरी व्रत है।

    -10 जुलाई को मोनी पंचमी है।

    -14 जुलाई को मंगला गौरी व्रत है।

    -16 जुलाई को एकादशी है।

    -18 जुलाई को प्रदोष व्रत है।

    -20 जुलाई को सोमवती अमावस्या है।

    -23 जुलाई को हरियाली तीज है।

    -25 जुलाई को नागपंचमी है।

    -जबकि 3 अगस्त को रक्षाबंधन है।

    18:05 (IST)05 Jul 2020
    सावन के सोमवार भी चार ही होंगे

    अमांत कैलेंडर के कारण गुजरात के सोमनाथ और नागेश्वर, महाराष्ट्र के भीमाशंकर, त्र्यंब्यकेश्वर और घ्रुश्मेश्वर, आंध्रप्रदेश के मल्लिकार्जुन, तमिलनाडु के रामेश्वर ज्योतिर्लिंग में सावन की शुरुआत 21 जुलाई से हो रही है और इसका आखिरी दिन 19 अगस्त को रहेगा। यहां सावन के सोमवार भी चार ही होंगे।

    17:34 (IST)05 Jul 2020
    इन जगहों पर 21 से होगा शुरू

    इस वजह से हर साल गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु सहित दक्षिण भारत में 15 दिन की देरी से सावन की शुरुआत होती है। इन राज्यों में 7 ज्योतिर्लिंग आते हैं, यहां 21 जुलाई से सावन शुरू होगा। इनके अलावा नेपाल और इसके पास के भारतीय राज्यों के साथ हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सौर कैलेंडर के अनुसार त्योहार मनाए जाते हैं। इसलिए इन जगहों में सावन की तारीखें अलग-अलग होती हैं।

    17:02 (IST)05 Jul 2020
    क्यों है सावन के शुरुआत की अलग-अलग तिथि

    पश्चिम और दक्षिण भारत में अमावस्या के अगले दिन से नया महीना शुरू होता है। जिसे अमांत महीना कहते हैं। नेपाल और इसके पास के भारतीय राज्यों के साथ हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सौर कैलेंडर के अनुसार त्योहार मनाए जाते हैं। इसलिए इन जगहों में सावन की तारीखें अलग-अलग होती हैं।

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