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30 साल बाद मूल त्रिकोण राशि में शनि देंगे शुभ फल, इन राशियों की रातों रात चमक सकती है किस्मत!

ग्रहों की ऐसी स्थिति चार राशि वालों की कुंडली में शश और मालव्य नाम के दो महापुरुष राजयोग बना रही है। आइए जानते हैं ये लकी राशियों कौन सी हैं और इन्हें क्या लाभ मिलने वाला है।

30 साल बाद मूल त्रिकोण राशि में शनि देंगे शुभ फल, इन राशियों की रातों रात चमक सकती है किस्मत!
शनि देव मकर राशि में हुए वक्री- (जनसत्ता)

मकर राशि में शनि: इस समय सूर्य ग्रह मिथुन राशि में है, जहां बुध के साथ युति बनने से बुधादित्य योग बन रहा है, साथ ही भद्र योग भी। शुक्र ग्रह भी अपनी ही वृष राशि में रहकर मालव्य योग बना रहा है, लेकिन 13 जुलाई के बाद मिथुन राशि में गोचर करने के बाद त्रिग्रही योग के साथ-साथ लक्ष्मी नारायण योग भी बन रहा है।

बता दें कि 30 वर्ष के बाद शनि ने अपनी मूल त्रिकोण राशि यानि कुंभ राशि में प्रवेश किया था। वहीं मंगल मेष राशि में विराजमान हैं और मेष राशि में रहकर रूचक राजयोग योग बना रहे हैं। जबकि बृहस्पति मीन राशि में रहकर हंस योग बना रहे हैं। वहीं शनि द्वारा शश योग का निर्माण हो रहा है। इस वजह से 4 राशियों की गोचर राशिफल में दोहरा महापुरुष राज योग बन रहा है।

वृष राशि: शनि आपकी राशि के नवम भाव में गोचर कर रहा है। गोचर कुंडली में 2 महापुरुष राज योग बन रहा है। इस गोचर के कारण लोगों को अपने काम में जबरदस्त सफलता मिलेगी और अगर वे व्यवसायी हैं तो लाभ होगा। सुविधाओं का विस्तार होगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। यात्रा योग बन रहे हैं।

सिंह राशि: शनि आपकी राशि से छठे भाव में गोचर कर रहा है, यह आपके शत्रुओं को पराजित करेगा। आपकी गोचर राशिफल में शश और मालव्य नाम के 2 राज योग बन रहे हैं, जिससे आकस्मिक धन लाभ हो सकता है। बिगड़ी हुई सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। इस दौरान संभल कर रहें, जीवनसाथी से विवाद हो सकता है। किसी भी न्यायिक मामले में जीत होने के संकेत हैं। साथ ही नौकरी में प्रमोशन होगा। व्यापार में समय सामान्य रहेगा।

वृश्चिक राशि: शनि का वक्री गोचर आपकी राशि के तीसरे भाव में हो चुका है। गोचर कुंडली में 2 राज योग बन रहे हैं। नौकरी में सकारात्मक बदलाव की संभावना है। वेतन वृद्धि से इनकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। व्यापारियों को उनके पिछले कार्यों में लाभ मिल सकता है। योजना और काम। हालांकि भाई-बहनों से विवाद न करें।

कुंभ राशि: आपकी राशि के बारहवें भाव में शनि का वक्री गोचर विदेश यात्रा या लंबी यात्रा का कारण बन सकता है। करियर में वृद्धि होगी। आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। हालांकि यह गोचर स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है। वाहन चलाते समय आपको सावधान रहना होगा। 2 राज योग बने हैं, जिससे भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि होगी।

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