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Sakat Chauth 2020: जानिए क्यों खास होता है सकट चौथ व्रत, क्या है इसकी तारीख और मुहूर्त

Sakat Chauth Ki Katha: हर माह में दो चतुर्थी व्रत पड़ते हैं लेकिन माघ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी का खास महत्व माना गया है। इस तिथि को सकट चौथ (Sakat 2020), माघी चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi 2020), तिल चौथ नाम से जाना जाता है। इस बार संकष्टी चौथ व्रत 13 जनवरी दिन सोमवार को रखा जायेगा।

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Sakat Chauth 2020 Kab Hai: सकट चौथ का व्रत महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए रखती हैं। ये व्रत निर्जला रखा जाता है और इस दिन भगवान गणेश की विधि विधान पूजा होती है। हर माह में दो चतुर्थी व्रत पड़ते हैं लेकिन माघ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी का खास महत्व माना गया है। इस तिथि को सकट चौथ, माघी चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी, तिल चौथ नाम से जाना जाता है। इस बार संकष्टी चौथ व्रत 13 जनवरी दिन सोमवार को रखा जायेगा। जानिए इस व्रत की महिमा…

एक बार देवता कई विपदाओं में घिरे थे। तब वह मदद मांगने भगवान शिव के पास आए। उस समय शिव के साथ कार्तिकेय तथा गणेशजी भी बैठे थे। देवताओं की बात सुनकर शिवजी ने कार्तिकेय व गणेशजी से पूछा कि तुम में से कौन देवताओं के कष्टों का निवारण कर सकता है। तब कार्तिकेय व गणेशजी दोनों ने ही स्वयं को इस कार्य के लिए सक्षम बताया। इस पर भगवान शिव ने दोनों की परीक्षा लेते हुए कहा कि तुम दोनों में से जो सबसे पहले पृथ्वी की परिक्रमा करके आएगा वही देवताओं की मदद करने जाएगा।

भगवान शिव के मुख से यह वचन सुनते ही कार्तिकेय अपने वाहन मोर पर बैठकर पृथ्वी की परिक्रमा के लिए निकल गए, परंतु गणेशजी सोच में पड़ गए कि वह चूहे के ऊपर चढ़कर सारी पृथ्वी की परिक्रमा करेंगे तो इस कार्य में उन्हें बहुत समय लग जाएगा। तभी उन्हें एक उपाय सूझा। गणेश अपने स्थान से उठें और अपने माता-पिता की सात बार परिक्रमा करके वापस बैठ गए। परिक्रमा करके लौटने पर कार्तिकेय स्वयं को विजेता बताने लगे। तब शिवजी ने श्रीगणेश से पृथ्वी की परिक्रमा ना करने का कारण पूछा।

तब श्रीगणेश ने कहा- ‘माता-पिता के चरणों में ही समस्त लोक हैं।’ यह सुनकर भगवान शिव ने गणेशजी को देवताओं के संकट दूर करने की आज्ञा दी। इस प्रकार भगवान शिव ने गणेशजी को आशीर्वाद दिया कि चतुर्थी के दिन जो तुम्हारा पूजन करेगा और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देगा उसके तीनों ताप यानी दैहिक ताप, दैविक ताप तथा भौतिक ताप दूर होंगे। इस व्रत को करने से व्रतधारी के सभी तरह के दुख दूर होंगे और उसे जीवन के भौतिक सुखों की प्राप्ति होगी। चारों तरफ से मनुष्य की सुख-समृद्धि बढ़ेगी। पुत्र-पौत्रादि, धन-ऐश्वर्य की कमी नहीं रहेगी।

सकट चौथ व्रत मुहूर्त: सकट चौथ सोमवार, जनवरी 13, 2020 को
सकट चौथ के दिन चन्द्रोदय समय – 08:33 पी एम
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – जनवरी 13, 2020 को 05:32 पी एम बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – जनवरी 14, 2020 को 02:49 पी एम बजे

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