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Mere Sai Upcoming story: गुरु वेंकुसा का साईं के प्रति लगाव उनके अन्य शिष्यों को नहीं आ रहा रास, साईं सुना रहे अपने बचपन की गाथा

Mere sai aaj ka episode, Mere sai shraddha aur saburi: आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि किस तरह से गुरु वेंकुसा का साईं के प्रति खास लगाव देखकर उनके अन्य शिष्यों को अच्छा नहीं लग रहा है।

Author नई दिल्ली | August 13, 2019 11:31 AM
Mere Sai Sony Tv Serial: मेरे साईं सीरियल में साईं बाबा सुना रहे अपने बचपन की कहानी।

Mere Sai 13th August Preview/Written Episode Update: सोनी पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक मेरे साईं श्रद्धा और सबूरी का आज का एपिसोड काफी दिलचस्प रहने वाला है। साई अपने भक्तों और बाईजा मां के आग्रह पर अपने जीवन से जुड़ी पुरानी स्मृतियों के बारे में बता रहे हैं। आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि किस तरह से गुरु वेंकुसा का साईं के प्रति खास लगाव देखकर उनके अन्य शिष्यों को अच्छा नहीं लग रहा है। और उनके शिष्य साईं को परेशान करने की कोशिश करेंगे। उनके भोजन में कुछ मिलाने की साजिश रचेंगे। ये सब देख गुरु वेंकुसा साईं से कहेंगे कि तुम्हारी मदद तब तक कोई नहीं करेगा, जब तक कि तुम खुद अपने लिए खड़े नहीं होते। इस पर साईं कहते हैं कि मैं ऐसा तभी करूंगा जब मैं किसी से परेशान हूं।

आपको बता दें कि बीते एपिसोड में दिखाया गया था कि किस तरह से रघुनाथ साईं के भजन को सुनने में मशगूल लोगों की भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला का हार चोरी करने की कोशिश करता है। लेकिन साईं के चमत्कार से उसका वहां से ध्यान हटकर साई के झोले पर चला जाता है। जिसमें उसे कोई चमकती हुई वस्तु दिखती है जिसे लेने की वो कोशिश करता है। लेकिन झिपरी उसे ऐसा करने से रोक देती है और कहती है कि साईं के झोले को छूने का अधिकार किसी का नहीं है। क्योंकि इसमें एक ईट रखी है जिससे साईं का खास लगाव है। तब लोग साई का उस ईट से लगाव और उनके बारे में जानने की इच्छा जताते हैं। सभी के आग्रह पर साई अपने बचपन की स्मृतियों से अपने बारे में बताना शुरु करते हैं। जिसमें उन्होंने अपने गुरु वेंकुसा के बारे में बताया। साईं कहते हैं कि वो आज जो कुछ भी हैं उसमें उनके गुरु का हाथ है।

गुरु वेंकुसा भगवान वेंकटेश्वर के परम भक्त थे। जब साईं की उनसे मुलाकात होती है तब उन्होंने कहा कि वह उनका ही इंतजार कर रहे थे। इस पर झिपरी ने पूछा कि आपके गुरु ने ऐसा क्यों कहा? तब साई कहते हैं कि इससे पहले भी ये बात उनके गुरु से किसी ने पूछी थी। तब उन्होंने बताया कि एक बार वे साधना में लीन थे। तब आकाश से भविष्यवाणी हुई और उनसे कहा गया कि वेंकुसा तुमने कठिन परिश्रम से बहुत ज्ञान अर्जित कर लिया है अब समय आ गया है तुम्हारे पिछले जन्म के शिष्य से मिलने का। जो तुम्हारा मार्ग दर्शन पाकर जगत गुरु बनेगा। वेंकुसा गुरु का साईं के प्रति खास लगाव उनके अन्य शिष्यों को रास नहीं आ रहा है।

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