ताज़ा खबर
 

इन मंत्रों के उच्चारण से मिलती है विद्या, जानें देवी सरस्वती के जन्म की कहानी

सरस्वती के प्रति आकर्षित होने के कारण ब्रह्मा जी हमेशा उन पर दृष्टि डाले रखते थे और उनसे बचने के लिए देवी सरस्वती चारो दिशाओं में छिपती रहीं।

Author Published on: December 11, 2017 2:23 PM
माता सरस्वती थीं ब्रह्मा जी की पत्नी।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार माता सरस्वती को विद्या की देवी के रुप में जाना जाता है। इन्हें शतरुपा के साथ अनेकों नामों से जाना जाता है। माना जाता है कि इनकी अराधना करने से मूर्ख को भी बुद्धि प्राप्त हो सकती है। सरस्वती पुराण और मत्सय पुराण के अनुसार इन्हें ब्रह्मा जी की पत्नी माना जाता है। माना जाता है कि ब्रह्मा जी इस सृष्टि में अकेले थे। ऐसे में उन्होनें अपने मुख से सरस्वती, सान्ध्य, ब्राह्मी को उत्पन्न किया। सरस्वती के प्रति आकर्षित होने के कारण वो हमेशा उन पर दृष्टि डाले रखते थे। ब्रह्मा से बचने के लिए देवी सरस्वती चारो दिशाओं में छिपती रहीं लेकिन ज्यादा समय तक बच नहीं पाईं।

ब्रह्मा जी के पांचवे सिर ने उन्हें ढूंढ निकाला था। इसके बाद उन्होनें सरस्वती जी से सृष्टि के विकास में योगदान करने के लिए कहा। सरस्वती से विवाह के बाद उनके पुत्र स्वयंभु मनु को जन्म दिया और ब्रह्मा जी और माता सरस्वती की संतान को पृथ्वी पर जन्म लेने वाली पहली संतान माना गया है। देवी सरस्वती को संगीत, कला, साहित्य, मधुर वाणी की देवी माना जाता है। वीणा संगीत की, पुस्तक विचारणा की और मयूर वाहव कला की अभिव्यक्ति है। माना जाता है कि हर दिन मां शारदा के मंत्र जपने से सुख, संपत्ति, बुद्धि और प्रतिभा का आशीष मिलता है। इसी के साथ ज्योतिष विद्या के अनुसार माना जाता है कि हर दिन अपनी राशि के अनुसार माता सरस्वती के मंत्रों का जाप करना चाहिए।

मेष- ऊं वाग्देवी वागीश्वरी नमः
वृषभ- ऊं कौमुदी ज्ञानदायनी नमः
मिथुन- ऊं मां भुवनेश्वरी सरस्वत्यै नमः
कर्क- ऊं मां चंद्रिका दैव्यै नमः

सिंह- ऊं मां कमलहास विकासिनी
कन्या- ऊं मां प्रणवनाद विकासिनी नमः
तुला- ऊं मां हंससुवाहिनी नमः
वृश्चिक- ऊं शारदै दैव्यै चंद्रकांति नमः
धनु- ऊं जगती वीणावादिनी नमः
मकर- ऊं बुद्धिदात्री सुधामूर्ति नमः
कुंभ- ऊं ज्ञानप्रकाशिनि ब्रह्मचारिणी नमः
मीन- ऊं वरदायिनी मां भारती नमः

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 भाषण से पैदा होगा विवाद! जानें और क्या कहती है नरेंद्र मोदी की कुंडली?
2 ब्रह्मा जी ने करवाया था राधा का श्रीकृष्ण से विवाह, गर्ग संहिता में है यह उल्लेख
3 पति-पत्नी में प्रेम बढ़ाती है इस दिशा में लगी हुई वॉल क्लॉक