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क्या है चालीसा का महत्व, जानिए क्यों किया जाता है हनुमान चालीसा का पाठ

भगवान की सरल भाषा में की जाने वाली प्रार्थना को चालीसा कहा जाता है।

हनुमान जी की तस्वीर।

हनुमान चालीसा का पाठ करने से माना जाता है कि सभी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। कई बार लोग भगवान को प्रसन्न करने के लिए कड़ी साधना करते हैं और तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं तो ये आपकी गलतफहमी है। भगवान इस चालीस लाइनों के पाठ से भी प्रसन्न हो जाते हैं और आपके कर्मों का फल देते हैं। कड़ी तप से ही भगवान हमारी प्रार्थना सुनते हैं ये मान्यताएं सिर्फ धरती पर चलती हैं लेकिन ईश्वर लोक में पूजा किस श्रद्धा से की जा रही है उसी का महत्व होता है। पुरातन काल से ही भगवान को खुश करने के लिए कई तरीके चले आ रहे हैं उन्हीं में से एक चालीसा का पाठ करना भी है। कलयुग के समय हनुमान चालीसा सबसे शक्तिशाली मानी जाती है।

भगवान की सरल भाषा में की जाने वाली प्रार्थना को चालीसा कहा जाता है। इष्ट देव की चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में अद्भुत प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही इस प्रार्थना को चालीसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें चालीस लाइनें होती हैं। सरल भाषा में होने के कारण इसे आसानी से पढ़ा जा सकता है। सरलता से ईश्वर को प्रसन्न करने का ये तरीका हिंदू धर्म में बहुत लोकप्रिय माना जाता है। इसके पाठ के लिए किसी खास नियम की आवश्यकता नहीं होती है। सिर्फ श्रद्धा, स्वच्छता का ध्यान रखकर ही चालीसा का पाठ किया जा सकता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार हनुमान को वरदान मिला था कि वो धरती पर हमेशा रहेंगे। इसलिए हनुमान जी को सबसे शक्तिशाली माना जाता है।

हनुमान चालीसा को सभी चालिसाओं में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण और लोकप्रिय माना जाता है। हनुमान चालीसा की रचना तुलसीदास ने की थी। हनुमान चालीसा की हर पंक्ति में अलग-अलग रुप से शक्ति विराजमान है। माना जाता है कि हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन की सभी समस्याओं को समाप्त और इसके पाठ से चमत्कारी प्रभाव होते हैं। इसका पाठ करने से पहले भगवान राम और हनुमान के चित्र की स्थापना करें और इसके बाद जितनी क्षमता हो उतनी बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जा सकता है।

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