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सोमवार को शिव रुद्राष्टक स्तोत्र के पाठ से तुरंत फल मिलने की है मान्यता, यहां पढ़ें

Somvaar Ke Upay : माना जाता है कि भोलेनाथ की पूजा के साथ ही चालीसा, स्तुति और स्तोत्र का जाप करना चाहिए

somvaar ke upay, Shiv puja for marriage, monday tipsधर्म विद्वानों का मानना है कि शिव भक्तों को सोमवार के दिन रुद्राष्टकम का पाठ जरूर करना चाहिए

Monday Tips: कल सोमवार है, धार्मिक दृष्टि से इस दिन का महत्व बहुत होता है। ये दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार इस दिन जो सच्चे मन से महादेव की पूजा-अर्चना करता है उसपर भोलेनाथ सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। धर्मग्रंथों में शिवजी से जुड़ी स्तुतियों और स्तोत्रों का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि भोलेनाथ की पूजा के साथ ही चालीसा, स्तुति और स्तोत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही, धर्म विद्वानों का मानना है कि शिव भक्तों को सोमवार के दिन रुद्राष्टकम का पाठ जरूर करना चाहिए। मान्यता है कि इससे मनोकामनाओं की पूर्ति त्वरित होती है। हालांकि, इस स्तोत्र का सटीक पाठ करने से ही लाभ होता है, ऐसे में आइए पढ़ते हैं रुद्राष्टकम –

शिव रुद्राष्टक स्तोत्र: नमामीशमीशान निर्वाणरूपं । विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ॥

निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं । चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥1॥

निराकारमोङ्कारमूलं तुरीयं । गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम् ।

करालं महाकालकालं कृपालं । गुणागारसंसारपारं नतोऽहम् ॥2॥

तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभीरं । मनोभूतकोटिप्रभाश्री शरीरम् ॥

स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गा । लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा ॥3॥

चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं । प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् ॥

मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं । प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि ॥4॥

प्रचण्डं प्रकृष्टं प्रगल्भं परेशं । अखण्डं अजं भानुकोटिप्रकाशं ॥

त्रय: शूलनिर्मूलनं शूलपाणिं । भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यम् ॥5॥

कलातीतकल्याण कल्पान्तकारी । सदा सज्जनानन्ददाता पुरारी ॥

चिदानन्दसंदोह मोहापहारी । प्रसीद प्रसीद प्रभो मन्मथारी ॥6॥

न यावद् उमानाथपादारविन्दं । भजन्तीह लोके परे वा नराणाम् ।

न तावत्सुखं शान्ति सन्तापनाशं । प्रसीद प्रभो सर्वभूताधिवासं ॥7॥

न जानामि योगं जपं नैव पूजां । नतोऽहं सदा सर्वदा शम्भुतुभ्यम् ॥

जराजन्मदुःखौघ तातप्यमानं । प्रभो पाहि आपन्नमामीश शंभो ॥8॥

रुद्राष्टकमिदं प्रोक्तं विप्रेण हरतोषये ॥।

ये पठन्ति नरा भक्त्या तेषां शम्भुः प्रसीदति ॥9॥

जानें दूसरे सोमवार के उपाय: 
विवाह योग के लिए – ‘पत्नीं मनोरमां देहि, मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारिणीम दुर्गसंसारसागरस्य कुलोद्भवाम्।।’ गौरी-शंकर भगवान के अर्धनारीश्वर रूप के सामने बैठकर इस मंत्र का पांच माला जाप करें। यह मंत्र बहुत जल्द विवाह के योग बनाता है। साथ ही अच्छे जीवनसाथी की कामना को भी पूरा करता है।

धन लाभ के लिए – आर्थिक लाभ के लिए सोमवार की शाम को काले तिल और कच्चे चावल मिलाकर इसका दान करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष का प्रभाव कम हो जाता है। साथ ही आपके जीवन की समस्याएं भी दूर हो जाती हैं।

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