Ramadan 2026 Date and Time in India: इस्लाम धर्म में रमजान का महीना सबसे पवित्र माना जाता है। यह महीना पूरे एक माह तक चलता है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नौवां महीना होता है और इसका आरंभ शब-ए-बारात के लगभग 14 दिन बाद माना जाता है।
इस पूरे महीने में रोज़ा रखने के साथ-साथ नमाज, कुरान की तिलावत और ज़कात का विशेष महत्व होता है। मुस्लिम समुदाय के लोग इस दौरान संयम, धैर्य और नेक कार्यों पर विशेष ध्यान देते हैं। भारत में भी रमजान की शुरुआत चांद देखने के बाद ही की जाती है, इसलिए इसकी तारीखें हर साल बदलती रहती हैं। आइए जानते हैं कि वर्ष 2026 में भारत में रमजान का पवित्र महीना कब से शुरू होने की संभावना है।
कब से शुरू होगा रमजान 2026? (Ramadan 2026 Date)
इस्लामिक फाइंडर के अनुसार, रमज़ान इस्लामी (हिजरी) पंचांग का नौवां महीना है। ग्रेगोरियन पंचांग में यह महीना हर साल 11 दिन आगे बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस्लामी पंचांग चंद्र चक्र पर आधारित है। इसी महीने के आखिरी दिन जब चांद दिखाई देता है, तो उसके अगले दिन ही रमजान आरंभ हो जाते हैं। बता दें कि साल का पहला रोजा सऊदी अरब और खाड़ी देशों में 17 या फिर 18 फरवरी को हो सकता है और एक दिन बाद यानी 19 फरवरी को भारत में पहला रोजा रखा जा सकता है। ऐसे में रमजान 18 या फिर 19 फरवरी से आरंभ होकर 21 मार्च 2026 को समाप्त हो सकता है। बता दें कि चंद्रमा देखने के बाद तारीख ऊपर-नीचे हो सकती है।
रमजान 2026 का महत्व? (Significance Of Ramadan 2026)
मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार, रमजान के माह में पाक पहली बार कुरान शरीफ़ पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर नाज़िल हुई थी। यह महीना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक रोज़ा के पालन का भी प्रतीक है।
रमज़ान के दौरान रोज़ा रखना हर उस मुसलमान पर फर्ज होता है जो बालिग हो चुका हो और शारीरिक रूप से सक्षम हो। इस महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाने-पीने और अन्य वर्जित कार्यों से परहेज करते हैं।
इस पवित्र महीने में किए गए नेक कामों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है। इसलिए मुसलमानों को अधिक से अधिक इबादत करने, अल्लाह से अपने रिश्ते को मजबूत करने, सदका देने, ज़कात अल-फ़ितर (फ़ितराना) अदा करने और अपने गुनाहों की माफ़ी मांगने के लिए प्रेरित किया जाता है। रमजान संयम, आत्मशुद्धि और इंसानियत की सेवा का संदेश देता है, जो हर मुसलमान के जीवन में आध्यात्मिक सुधार लाने का अवसर प्रदान करता है।
रमजान के दौरान 5 वक्त की नमाज जरूरी
रमज़ान के दौरान रोज़ा रखने के साथ-साथ पांच वक्त की नमाज़ अदा करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इन नमाज़ों की शुरुआत सूर्योदय से पहले पढ़ी जाने वाली नमाज-ए-फज्र से होती है। इसके बाद सूर्य के ढलने के बाद पढ़ी जाने वाली दूसरी नमाज को नमाज़े-ज़ुहर कहा जाता है। तीसरी नमाज, जो सूर्यास्त से कुछ पहले अदा की जाती है, नमाज-ए-अस्र कहलाती है। चौथी नमाज़ सूर्यास्त के तुरंत बाद पढ़ी जाने वाली नमाज-ए-मग़रिब होती है, जबकि दिन की अंतिम नमाज़ रात में अदा की जाती है, जिसे नमाज़े-इशा कहा जाता है।
कब है ईद-उल-फितर 2026? (eid ul fitr 2026 Date)
रमजान के पाक माह के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं। इसके साथ ही अल्लाह की इबादत करते हैं और रमजान के आखिरी दिन ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाता है। ईद अल-फितर प्रत्येक वर्ष रमजान महीने के अंत में आती है और ईद अल-अधा इस्लामी वर्ष के 12वें और अंतिम महीने, धूल हिज्जा के 10वें दिन मनाई जाती है। ईद चांद के दिखने के ऊपर निर्भर है। बता दें कि इस साल शायद ईद 21 मार्च, शनिवार को मनाई जा सकती है।
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