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Ramadan 2019 Fifth Roza: सेहरी करना फर्ज नहीं सुन्नत है, एक छोटी-सी गलती रोजे से कर सकती है महरूम

इफ्तार और सहरी में ज्यादा से ज्यादा फल और प्रोटीन- फाइबर युक्त वाली चीजें जैसे जैसे-अंडा, आलू, ब्रेड खाएं. खाते। रोजों में तेल के भुने और मसाले वाले खाने से बचे। इससे आपका सेहत भी खराब हो सकता है और रोजे से महरूम भी रहना पड़ सकता है।

ramadanramadan 2019 Fourth Roza: ऐसे रखें अपने रोजे का ख़्याल।

आजाद खान

Ramadan 2019 Fifth Roza: मुसलमानों का मुबारक महीना रमजानुल मुबारक अपने फैज़ान को लेकर एक बार फिर इस साल हाजिर है। लोग सेहरी से लेकर इफ्तार तक और फर्ज नमाज़ से लेकर तरावीह नमाज़ तक की तैयारियों में लगे हैं। ऐसे में जनसत्ता की खास सीरीज ‘माह-ए-मुकद्दस रमजान’ में हम आपको बता रहे हैं सेहरी और इफ्तार की खासियत। साथ ही, उनकी छोटी-छोटी गलतियों के बारे में, जो रोजे से महरूम कर सकती हैं।

सेहरी नहीं खा पाए तो गुनाह नहीं: रमजान में सेहरी को अहम दर्जा दिया गया है। सुबह के वक्त सेहरी खाना फर्ज ही नहीं, बल्कि सुन्नत है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी वजह से सेहरी नहीं खा पाए तो कोई गुनाह नहीं होगा, क्योंकि यह सुन्नत है। गुनाह फर्ज को तोड़ने पर होता है, सुन्नत को तोड़ने पर नहीं।

सेहरी खाना बहुत मुबारक: सेहरी की बहुत फज़ीलत है। सेहरी करने के बारे में मदीने के सरताज मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया था, ‘‘सेहरी किया करो, क्योंकि इसमें बहुत फायदा है। सेहरी का खाना बड़ा ही मुबारक खाना होता है। सेहरी में अगर कुछ खाने का मन नहीं भी करे तो केवल खजूर ही खा लें या पानी पी लें।’’

ईसाइयों से अलग हैं मुस्लिमों के रोजे: हुजूर ए अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया कि मुसलमानों के रोजे ईसाइयों के रोजों से अलग होते हैं। इसकी वजह यह है कि ईसाई सेहरी नहीं करते हैं, लेकिन मुसलमान सेहरी करके रोजे रखता है।

डकार से मकरूह हो सकता है रोजा : इस्लामिक जानकार कहते हैं कि सेहरी में ज्यादा नहीं, सिर्फ हल्का खाना खाना चाहिए। सेहरी में ज्यादा खाने से रोजे के दौरान डकारें आती हैं, जिससे रोजा महरूह होने का अंदेशा होता है। परिवार के साथ सेहरी करने का तरीका सुन्नत तरीका है, लेकिन दौर बदलने के कारण लोग सेहरी भी मॉर्डन तरीके से कर रहे हैं। इसके तहत वे आउटिंग पर जाकर, रेस्टोरेंट में तरह-तरह के शाही पकवान निहारी, बिरयानी, कबाब आदि खाकर सेहरी कर रहे हैं।

National Hindi News, 09 May 2019 LIVE Updates: पढ़ें आज की बड़ी खबरें

इफ्तार के नियम भी अहम: इफ्तार के भी कुछ अहकाम हैं, जिसे सुन्नत तरीके पर ही पूरा करना चाहिए। इफ्तार करने का सुन्नत तरीका है दस्तरखान पर इफ्तार करना। इफ्तार करने से पहले वजू करके बैठे और इफ्तार की दुआ पढ़ें। गर्मी के दौरान रोजे में शरीर में पानी का स्तर बरकरार रखने के लिए नारियल पानी, ऑरेंज जूस और ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इफ्तार और सेहरी में ज्यादा से ज्यादा फल और प्रोटीन-फाइबर युक्त वाली चीजें जैसे अंडा, आलू, ब्रेड खाएं। रोजे में तेल के भुने और मसाले वाले खाने से बचें। इससे आपकी सेहत भी खराब हो सकती है और रोजे से भी महरूम होना पड़ सकता है।

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