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Rakhi Festival 2019: इन 10 बातों के कारण इस बार राखी का त्यौहार रहने वाला है खास

Rakhi ka Tyohar: गुरुवार को पूर्णिमा तिथि व श्रवण नक्षत्र के मिलने से सिद्धि योग भी बन रहा है। 14 अगस्त से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हो रही है जो 15 अगस्त के दिन 4:23 बजे तक रहेगी। इसलिए चार बजे तक राखी बांधी जा सकती है।

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Raksha Bandhan 2019: इस बार का रक्षाबंधन कई मायनों में खास रहने वाला है। सबसे पहले तो ये कि इस बार भद्रा का बुरा साया इस पर्व पर नहीं पड़ रहा है। जिस कारण बहने पूरे दिन राखी बांध सकती हैं। इसी के साथ 19 साल बाद रक्षाबंधन का दिन 15 अगस्त के दिन पड़ा है। गुरु का इस त्यौहार से कुछ दिन पहले मार्गी हो जाना भी इस पर्व की शुभता को और भी अधिक बड़ा रहा है। राखी पर लगभग 13 घंटे का मुहूर्त रहेगा जिस दौरान बहन अपने भाई को राखी बांध सकेंगी। जानिए इस राखी से जुड़ी कुछ 10 खास बातें…

1. 15 अगस्त को श्रवण नक्षत्र प्रात: 8:01 बजे तक ही है। इसके बाद घनिष्ठा नक्षत्र आ जाएगा। इसलिए रक्षा बंधन का कार्य सुबह के समय करना अतिशुभ होगा।

2. रक्षाबंधन से 4 दिन पहले ही गुरु मार्गी होकर सीधी चाल चलने लगे हैं। किसी भी ग्रह की इस चाल को शुभ माना जाता है।

3. इस राखी पर कई शुभ योग बन रहे हैं। बहनें सिद्धि, सौभाग्य और शोभन योग योग में भाइयों को रक्षा सूत्र बांधेंगी। सावन पूर्णिमा के दिन की शुरुआत श्रवण नक्षत्र से हो रही है। इस नक्षत्र में किया गया कार्य शुभ होता है।

4. इस बार 19 साल बाद स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन एक ही दिन है। इससे पहले यह संयोग साल 2000 में बना था। इस बार बहनें इस खास योग में अपने भाई को राखी बांधेगी।

5. गुरुवार को पूर्णिमा तिथि व श्रवण नक्षत्र के मिलने से सिद्धि योग भी बन रहा है। 14 अगस्त से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हो रही है जो 15 अगस्त के दिन 4:23 बजे तक रहेगी। इसलिए चार बजे तक राखी बांधी जा सकती है।

6.  रक्षाबंधन का त्योहार इस बार गुरुवार के दिन पड़ रहा है। यह दिन देव गुरु बृहस्पति का माना जाता है। इस पर्व को लेकर मान्यता है कि देवगुरु बृहस्पति ने देवराज इंद्र की विजय प्राप्ति के लिए इंद्र की पत्नी को रक्षासूत्र बांधने को कहा था। जिससे गुरुवार के दिन इस पर्व का आना इसके महत्व को बढ़ा देता है।

7.  इस बार राखी पर भद्रा का साया भी नहीं है। हिंदू धर्म में इस काल में शुभ काम नहीं किये जाते हैं। इसलिए बहनें भाइयों की कलाई पर सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक राखी बांध सकेंगी। रक्षाबंधन के अनुष्ठान का समय प्रात: 05:53 से सांय 17:58 बजे तक रहेगा। अपराह्न मुहूर्त 13:43 बजे से 16:20 बजे तक है।

8. इस बार ये विशेष संयोग बन रहे हैं- श्रवण नक्षत्र, सौभाग्य योग, बव करण के साथ सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा होंगे मकर राशि में, साथ ही भद्रा का साया न होने से 15 अगस्त को शाम तक राखी बांध सकते हैं।

9. गुरुवार के दिन रक्षा बंधन पड़ने से इसका महत्व बढ़ जाता है। क्योंकि इस दिन गंगा स्नान करना, शिव और विष्णु की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।

10. इस दिन हयग्रीव जयंती भी है, साथ ही रात में 9.40 से पंचक की शुरुआत हो रही है। पूर्णिमा तिथि पर उत्तरार्ध के भाग में पंचक के नक्षत्र का रात्रि अनुक्रम इस त्योहार की शुभता को कई गुना बढ़ा देता है।

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