Raj Panchak 2026: वैदिक ज्योतिष और पंचांग में पंचक का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिषियों के अनुसार, जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि के अंतिम पांच नक्षत्रों- धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तर भाद्रपद और रेवती से होकर गुजरता है, तब पंचक लगता है। पंचक के भी अलग-अलग प्रकार माने जाते हैं, जिनमें से एक राज पंचक है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज से राज पंचक की शुरुआत हो गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राज पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचना चाहिए, क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है। हालांकि इस समय कुछ कार्य ऐसे भी होते हैं जिन्हें करना शुभ और लाभकारी माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं राज पंचक के इन पांच दिनों में किन कार्यों को करने से बचना चाहिए।
कब से कब तक रहेगा पंचक
पंचांग के अनुसार मार्च 2026 में पंचक की शुरुआत 16 मार्च को शाम 6 बजकर 14 मिनट से होगी और इसका समापन 20 मार्च को देर रात 2 बजकर 28 मिनट पर होगा। इस बार खास बात यह है कि पंचक की शुरुआत सोमवार के दिन हो रही है, इसलिए इसे राज पंचक कहा जाता है।
क्या होता है राज पंचक?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब पंचक की अवधि किसी विशेष वार से शुरू होती है तो उसका अलग महत्व होता है। जब पंचक सोमवार से शुरू होता है तो उसे राज पंचक कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक के पांच दिनों को संवेदनशील समय माना जाता है। कहा जाता है कि इस दौरान किए गए कुछ कार्यों का प्रभाव जीवन पर नकारात्मक पड़ सकता है। इसलिए शास्त्रों में इन दिनों में सावधानी बरतने और सोच-समझकर काम करने की सलाह दी जाती है।
पंचक के दौरान किन कामों से बचना चाहिए
पंचक के दिनों में कुछ कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इन दिनों में घर की छत बनवाना या लकड़ी इकट्ठा करना अशुभ फल दे सकता है। इसके अलावा दक्षिण दिशा की यात्रा करने से भी बचने की सलाह दी जाती है। कई जगहों पर यह भी माना जाता है कि पंचक के समय चारपाई बनवाना या खरीदना भी ठीक नहीं होता। वहीं धार्मिक मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार पंचक में होता है तो कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है।
पंचक में क्या करना माना जाता है शुभ
हालांकि पंचक को पूरी तरह अशुभ नहीं माना जाता। इस समय भगवान की पूजा, जप, तप, दान और धार्मिक कार्य करना बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इन दिनों में किए गए दान-पुण्य से व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें
