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Rahu Dosh: कुंडली में राहु दोष होने पर करें ये उपाय, शुभ फल प्रदान कर कष्टों से मिल सकता है छुटकारा

ऐसी मान्यता है कि राहु के अशुभ फल मिलने से राजा से रंक बन जाता है। यदि आपकी कुंडली में राहु कमजोर है तो राहु ग्रह शांति के लिए इन उपायों को अवश्य करें।

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प्रतीकात्मक तस्वीर- (जनसत्ता)

राहु भगवान भैरव का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु ग्रह एक क्रूर पापी ग्रह है। यह ग्रह लोगों की जिंदगी में बाधाएं पैदा करता है। ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियां और 9 ग्रहों का अध्ययन किया जाता हैं। कुंडली के अनुसार ही राहु जातक को शुभ और अशुभ फल देता है। अगर आपकी कुंडली में राहु दोष है तो इसके कारण कुंडली में राहु दोष होने से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान, तालमेल की कमी होने लगती है।

आपको बता दें कि किसी समय विशेष पर हर कोई ग्रह अशुभ प्रभाव देने लगता है। अगर कुंडली में राहु दोष हो तो इससे काल सर्प दोष का भी योग बनता है। वहीं अगर कुंडली में राहु मजबूत स्थिति में है तो यह रंक को भी राजा बना सकता है। मान्यता है कि राहु शनि ग्रह की तरह ही प्रभाव देता है। ऐसी स्थिति में ग्रह शांति के लिए उपाय किये जाते हैं। राहु ग्रह शांति के लिए कई उपाय बताये गये हैं। आइये जानते हैं राहु ग्रह शांति के लिए क्या उपाय करें-

कुंडली में राहु दोष के प्रभाव: ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक पापी ग्रह माना जाता है। अगर कुंडली में राहु दोष है तो जातक की जिंदगी पर इसके बुरे प्रभाव पड़ते हैं। आर्थिक नुकसान, मान, प्रतिष्ठा और धन-वैभव से भी व्यक्ति हाथ धो बैठता है। आर्थिक क्षति के साथ-साथ तालमेल में कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए जिस जातक की कुंडली में राहु दोष होता है तो उन्हें राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए उपाय करने चाहिए। इससे जिंदगी में आने वाले कष्टों में कमी आती है और परेशानियां दूर हो सकती हैं।

राहु ग्रह शांति के उपाय: राहु दोष से पीड़ित व्यक्तियों को राहु ग्रह शांति के लिये नीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इसके साथ ही अपने ससुर, नाना-नानी एवं मरीज लोगों का सम्मान करना चाहिए। ऐसे लोगों को भूलवश भी शराब एवं मांस का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा माना जाता है कि से जातकों को कुत्तों की देखभाल करना चाहिए।

सुबह के समय करें यह उपाय: राहु की अशुभ दशा से बचने के लिये जातकों को माँ दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही वराह देव की आराधना और भैरव देव की पूजा करें। साथ ही दुर्गा चालिसा का पाठ करना लाभकारी सिद्ध हो सकता है। साथ ही कुंडली में राहु की शांति के लिए रोजाना अपने नहाने के पानी में शुद्ध चंदन का इत्र डालकर स्नान करें, इससे राहु शुभ प्रभाव देता है। इसके अलावा शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाने से भी कुंडली का राहु दोष कम होने लगता है।

राहु शांति के लिये दान करें: राहु की अशुभ दशा से बचने के लिये जातकों को राहु ग्रह से संबंधित वस्तुओं को बुधवार के दिन राहु के नक्षत्र (आर्द्र, स्वाति, शतभिषा) में शाम और रात में जौ, सरसो, सिक्का, सात प्रकार के अनाज (जौ, तिल, चावल, साबूत मूंग, कंगुनी, चना, गेहूँ ), गोमेद रत्न, नीले अथवा भूरें रंग के कपड़े, कांच निर्मित वस्तुएं आदि दान करना चाहिए।

राहु के लिए रत्न और यंत्र: राहु के लिए गोमेद रत्न है। इस रत्न को धारण करने से जातकों को राहु दोष से मुक्ति मिलती है तथा जातक को बहुत अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। वहीं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह, वैभव वृद्धि, अचानक आने वाली बाधाओं और बीमारियों से बचने के लिए राहु यंत्र का पूजन करें। राहु यंत्र को बुधवार के दिन राहु के नक्षत्र में धारण करें।

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