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प्रेग्नेंसी के दौरान इन उपायों से करें बच्चे के नवग्रहों को मजबूत, जानिये क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

Jyotish Shastra for Pregnant Woman : ज्योतिष शास्त्र में यह माना जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं अगर अपने दैनिक कार्यों में थोड़ा-सा परिवर्तन करें तो इससे आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के नवग्रह मजबूत हो सकते हैं।

प्रेग्नेंसी के दौरान ग्रहों के उपाय करने से बच्चे की कुंडली के ग्रह मजबूत हो जाते हैं।

Jyotish Shastra for Pregnant Woman : ज्योतिष शास्त्र में यह माना जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं अगर अपने दैनिक कार्यों में थोड़ा-सा परिवर्तन करें तो इससे आपके गर्भ में पल रहे बच्चे के नवग्रह मजबूत हो सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिस बच्चे की कुंडली में नवग्रह मजबूत होते हैं उन्हें जीवन में सभी सुख बहुत आसानी से मिल जाते हैं। ऐसे बच्चों को जीवन में ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ता है। इसलिए सभी प्रेग्नेंट महिलाओं को ज्योतिष में बताए नवग्रह के उपायों को अपने बच्चे के हित के लिए जरूर करना चाहिए।

शुक्र ग्रह का है पहला महीना – शुक्र ग्रह के समय के दौरान आप सुंदर बनकर रहें। क्योंकि शुक्र देव सुंदरता के ही देवता हैं। संभव हो तो रोज पाउडर लगाएं। मैकअप करें। इस महीने में बादामी रंग के कपड़े पहनें। हो सके तो सफेद वस्त्रों का दान करें।

दूसरे महीने में आते हैं मंगल – इस महीने में ज्यादा-से-ज्यादा लाल रंग के कपड़े पहनें। हो सके तो लाल कपड़ा दान करें। हनुमान जी की पूजा करें। अपने हाथ में लाल रंग का धागा पहनें। सुबह उठने के बाद सबसे पहले कोई लाल फल या लाल मिठाई खाएं।

बृहस्पति हैं तीसरे महीने के देव – इस पूरे महीने में पीले कपड़े ज्यादा पहनें। बृहस्पतिवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें। रोज भगवान विष्णु की पूजा करें। हाथ में पीला धागा जरूर पहनें। सुबह उठकर पीला भोजन करें। पीले कपड़ों का दान करें।

चौथे महीने में करें सूर्य देव की आराधना – इस महीने सूर्य देव को अर्घ्य दें। नारंगी और लाल रंग के कपड़े पहनें। हाथ में संतरी रंग का धागा पहनें। रोज सुबह उठते ही थोड़ा-सा गुड़ जरूर खाएं। रिंग फिंगर में तांबे की अंगुठी पहनें। अपने पिता या ससुर की सेवा करें।

चंद्र देव के पूजन को माना गया है शुभ – बादामी रंग के कपड़े पहनें। हाथ में सफेद धागा पहनें। रोज चंद्रमा की रोशनी में बैठें। भगवान शिव की आराधना करें उन्हें जल चढ़ाएं। अपनी माता या सास की सेवा करें। उन्हें चांदी के उपहार दें। हाथ में चांदी की अंगुठी पहनें।

छठें महीने में शनि ग्रह को करें मजबूत – नीले, स्लेटी या काले रंग के कपड़े पहनें। शनिदेव की पूजा करें। हर शनिवार कुष्ठ रोगिया की सेवा करें। पक्षियों को सात तरह का दाना डालें। उनके लिए पानी भी रखें। पैर में काले रंग का धागा पहनें। गरीबों की सेवा करें।

बुध ग्रह देगा बुद्धि – हरे रंग के कपड़े पहनें। आठ साल से छोटी कन्याओं की सेवा करें। उन्हें खट्टी-मीठी गोलियां खिलाएं। बुआ को हरे रंग का भोजन करवाएं। हर बुधवार गाय को हरा चारा खिलाएं। बुधवार को अपने हाथ से हरे रंग का कपड़ा दान करें। आप चाहें तो रुमाल भी दान कर सकते हैं।

आठवें महीने में होती है चंद्र देव की उपासना – अपनी माता और सास के साथ ज्यादा-से-ज्यादा समय व्यतीत करें। उनकी सेवा करें। उन्हें चांदी का उपहार दें। खुद भी चांदी पहनें। सफेद कपड़ों का दान करें। हर सोमवार को शिव जी को खीर का भोग लगाएं।

आखिरी महीने में सूर्य देव को मनाएं – पिता या ससुर की सेवा करें। संतरी- नारंगी रंग के कपड़े पहनें। हाथ में तांबे की अंगुठी पहनें। हाथ में संतरी रंग का धागा पहनें। कोशिश करें कि इस दौरान पानी में गुड़ डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।

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