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प्रदोष व्रत: सप्ताह के दिन अनुसार मिलता है इस व्रत का फल, मंगलवार को मिल सकती है रोगों से मुक्ति

Pradosh Vrat: मंगलवार के प्रदोष व्रत को रखने से भक्तों की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं दूर होती है और उनके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार आता है।

पति-पत्नी के रिश्ते में सुख-शान्ति के लिए ये व्रत किया जाता है।

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि प्रदोष व्रत रखने से दो गायों के दान करने जितना पुण्य मिलता है। इस दिन व्रत करने से व्रत करने वाले और उसके परिवार पर हमेशा भगवान की कृपा बनी रहती है। जिससे व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से परिवार हमेशा आरोग्य रहता है। साथ ही सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। प्रदोष व्रत की महत्वता सप्ताह के दिनों के अनुसार भी होती है। गुरु प्रदोष व्रत शत्रुओं के विनाश के लिए किया जाता है। शुक्रवार के दिन होने वाला प्रदोष व्रत सौभाग्य और पति-पत्नी के रिश्ते में सुख-शान्ति के लिए किया जाता है। जिन दंपतियों को संतान की इच्छा होती है उनके लिए शनिवार के दिन होने वाला प्रदोष व्रत लाभकारी होता है। इससे उनकी इच्छापूर्ति होती है और संतान सुख के संकेत बनते हैं। आज जानते हैं कि किस दिन प्रदोष का व्रत रखने से किस प्रकार से भगवान शिव फल देते हैं।

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सोम प्रदोष व्रत- यह सोमवार को आता है इसलिए इसे ‘सोम परदोषा’ कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से भक्तों के अन्दर सकारात्मक विचार आते है और वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करते है।

भोम प्रदोष व्रत- जब प्रदोष व्रत मंगलवार को आता है तो इसे ‘भौम प्रदोश’ कहा जाता है। इस व्रत को रखने से भक्तों की स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं दूर होती है और उनके शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार आता है। भोम प्रदोष व्रत जीवन में समृद्धि लाता है।

सौम्य वारा प्रदोष व्रत- सौम्य वारा प्रदोष बुधवार को आता है। इस शुभ दिन पर व्रत रखने से भक्तों की इच्छाएं पूरी होती है और ज्ञान भी प्राप्त होता हैं।

गुरुवार प्रदोष व्रत- यह व्रत गुरुवार को आता है और इस उपवास को रख कर भक्त अपने सभी मौजूदा खतरों को समाप्त कर सकते हैं। इसके अलावा गुरुवार प्रदोष व्रत रखने से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है।

भृगु वारा प्रदोष व्रत- जब प्रदोष व्रत शुक्रवार को मनाया जाता है तो उसे भृगु वारा प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस व्रत को करने से जीवन से नकारात्मकता समाप्त होती है और सफलता मिलती है।

शनि प्रदोष व्रत- शनि प्रदोष व्रत शनिवार को आता है और सभी प्रदोष व्रतों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है वह खोये हुए धन की प्राप्ति करता है और जीवन में सफलता प्राप्त करता है।

भानु वारा प्रदोष व्रत– यह रविवार को आता है और भानु वारा प्रदोष वात का लाभ यह है कि भक्त इस दिन उपवास को रखकर दीर्घायु और शांति प्राप्त कर सकते है।

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