ताज़ा खबर
 

Pongal 2020 Date: जानिए इस साल कब मनाया जायेगा पोंगल, दक्षिण भारत के लोगों के लिए क्यों खास है यह पर्व?

Pongal 2020 Date in Tamil Nadu India: तमिलनाडू में इस पर्व को पूरे चार दिनों तक मनाया जाता है। जिसका पहला दिन भोगी पोंगल, दूसरा दिन सूर्य पोंगल, तीसरा दिन मट्टू पोंगल और चौथा दिन कन्या पोंगल कहलाता है। दिनों के हिसाब से अलग अलग तरीके से पूजा की जाती है।

pongal 2020, pongal 2020 date, pongal 2020 date in tamilnadu, pongal 2020 in karnataka, pongal 2020 tamil calendar, pongal 2020 date in india, tamil pongal 2020, tamil pongal 2020 date, tamil pongal 2020 date in india, tamil pongal 2020 tamil calendarPongal 2020 Date: इस पर्व के पहले दिन इंद्र देव की अराधना की जाती है।

Pongal 2020 Date: सूर्य के मकर राशि में जाने पर जहां पूरे उत्तर भारत में मकर संक्रांति (Makar Sankranti) मनाई जाती है तो वहीं यहां के दक्षिणी इलाकों में पोंगल पर्व मनाया जाता है। ये 4 दिनों का उत्सव होता है जिसकी शुरुआत मकर संक्रांति से हो जाती है। सौर पंचांग के अनुसार यह त्योहार तमिल माह की पहली तारीख यानि 14 या 15 जनवरी को आता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन तमिल के लोग बुरी आदतों का त्याग करते हैं। इस परंपरा को पोही कहा जाता है। जानिए क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पर्व…

तमिलनाडू में इस पर्व को पूरे चार दिनों तक मनाया जाता है। जिसका पहला दिन भोगी पोंगल, दूसरा दिन सूर्य पोंगल, तीसरा दिन मट्टू पोंगल और चौथा दिन कन्या पोंगल कहलाता है। दिनों के हिसाब से अलग अलग तरीके से पूजा की जाती है। दक्षिण भारत के लोग फसल समेटने के बाद खुशी प्रकट करने और आने वाली फसल के अच्छे होने की प्रार्थना करते हैं। पोंगल पर्व में सुख समृद्धि के लिए लोग धूप, सूर्य, इन्द्रदेव और पशुओं की पूजा कर उनका आभार प्रकट करते हैं।

पोंगल पर्व के सभी दिनों का धार्मिक महत्व:
– इस पर्व के पहले दिन इंद्र देव की अराधना की जाती है। क्योंकि इंद्र देव वर्षा के लिए उत्तरदायी होते हैं इसलिए खेती के लिए अच्छी बारिश की कामना से इनकी पूजा की जाती है। इस दिन लोग अपने घरों से पुराने खराब सामानों को निकालकर उन्हें जलाते हैं।
– दूसरे दिन सूर्य देव की अराधना की जाती है। इस दिन विशेष तरह की खीर बनाकर उसे भगवान सूर्य को अर्पित किया जाता है।
– इस पर्व के तीसरे दिन कृषि पशुओं जैसे गाय, बैल की पूजा की जाती है। उन्हें नहला धुलाकर तैयार किया जाता है। बैलों के सींगों को रंगा जाता है।

– पोंगल के चौथे दिन घर को फूलों से सजाया जाता है। इस मौके पर घर की महिलाएं आंगन में रंगोली बनाती हैं। ये इस पर्व का आखिरी दिन होता है इसलिए लोग एक दूसरे को मिठाई बाटकर इस त्योहार की शुभकामनाएं देते हैं।

2020 का वार्षिक राशिफल देखें यहां…

मेष (Aries ) | वृषभ (Taurus) | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | कन्या (Virgo) | तुला (Libra) | वृश्चिक (Scorpio) | धनु (Sagittarius) | मकर (Capricorn) | कुंभ (Aquarius) | मीन (Pisces)

Next Stories
1 Lohri 2020: लोहड़ी पर्व की पूजा विधि, कथा, मुहूर्त, महत्व और सभी डिटेल मिलेगी यहां
2 Sakat Chuth, Ganesh Ji Ki Aarti: जय गणेश जय गणेश देवा…भगवान गणेश की इस आरती को उतार कर सकट व्रत की पूजा करें संपन्न
3 Sakat Chauth Ki Katha: सकट चौथ व्रत की 3 पौराणिक कथाएं यहां, इन तीनों में से एक कथा को पढ़ अपना व्रत करें पूरा
आज का राशिफल
X