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Pitru Paksha 2019: गया पिंडदान से पूर्वजों को दें सम्मान, जानें महत्व, विधि और श्रेष्ठ मुहूर्त

Pind Daan Vidhi: विद्वानों के मुताबिक, किसी वस्तु का गोलाकर रूप पिंड कहा जाता है। पिंडदान के समय मृतक के निमित्त अर्पित किए जाने वाले पदार्थ, जो जौ या चावल के आंटे को गूंथकर बनाया जाता है वह गोलाकृति पिंड कहलाता है।

pitru paksha 2019, what is pind daan, how to do pind daan, pind daan process, ditiya shradh muhuratपितृ पक्ष में पितरों की शांति के लिए ऐसे करें पिंडदान।

श्राद्ध पक्ष में पितरों की शांति के लिए पिंडदान करने का खास महत्व बताया गया है। वैसे तो भारत में पिंडदान करने के विभिन्न तीर्थ स्थल है लेकिन सभी में से गया को सबसे प्रमुख माना गया है। ऐसी मान्यता है कि गया में पिंडदान और श्राद्ध पूजा करने से पितरों को मुक्ति मिल जाती है। गया भारत के बिहार राज्य में स्थित हैं। ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु के चरण गया में उपस्थित हैं। जहां पिंडदान किया जा सकता है। जानें कैसे किया जाता है पिंडदान…

पिंडदान की विधि:
– पिंडदान या श्राद्ध कर्म करते हुए श्वेत वस्त्र ही पहनें।
– जौ के आटे या खोये से पिंड का निर्माण कर लें। फिर चावल, कच्चा सूत, फूल, चंदन, मिठाई, फल, अगरबत्ती, तिल, जौ, दही आदि से पिंड का पूजन करें।
– पिंड को हाथ में लेकर इस मंत्र का जाप करते हुए, ‘इदं पिण्ड (पितर का नाम लें) तेभ्य: स्वधा’ के बाद पिंड को अंगूठा और तर्जनी उंगली के मध्य से छोड़ें।
– इस तरह से कम से कम तीन पीढ़ी के पितरों का पिंडदान करना चाहिए।
– पिंडदान करने के बाद पितरों की अराधना करें। इसके बाद पिंड को उठाकर जल में प्रवाहित कर दें।
– श्राद्ध हमेशा दोपहर के समय ही किया जाना चाहिए।

क्या होता है पिंडदान? विद्वानों के मुताबिक, किसी वस्तु का गोलाकर रूप पिंड कहा जाता है। पिंडदान के समय मृतक के निमित्त अर्पित किए जाने वाले पदार्थ, जिसमें जौ या चावल के आंटे को गूंथकर बनाया जाता है वह गोलाकृति पिंड कहलाता है। दक्षिण की तरफ मुख करके, जनेऊ को दाएं कंधे पर रखकर चावल, गाय के दूध, घी, शक्कर और शहद को मिलाकर तैयार किये गए पिंडों को श्रद्धा भाव के साथ अपने पितरों को अर्पित करना ही पिंडदान कहलाता है।

द्वितीया श्राद्ध, सितंबर 15, 2019 मुहूर्त:
कुतुप मुहूर्त – 11:29 AM से 12:17 PM तक
अवधि – 49 मिनट
रौहिण मुहूर्त – 12:17 PM से 01:06 PM तक
अवधि – 49 मिनट
अपराह्न काल – 01:06 PM से 03:33 PM तक
अवधि – 2 घंटे 26 मिनट
द्वितीया तिथि आरंभ – 12:24 PM, सितंबर 15, 2019
द्वितीया तिथि समाप्त – 02:35 PM, सितंबर 16, 2019

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