Kab Hai Papmochani Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। आपको बता दें कि साल में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं। वहीं हर एकादशी का अपना अलग- अलग महत्व है। यहां हम बात करने जा रहे हैं पापमोचनी एकादशी के बारे में, चैत्र मास की कृष्ण पत्र में आने वाली एकादशी का नाम पापमोचनी एकादशी है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। इस साल पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा। वहीं इस दिन त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त…
कब है पापमोचनी एकादशी 2026 (Kab Hai Papmochani Ekadashi 2026)
- फ्यूचर पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि का प्रारंभ 14 मार्च को सुबह 8 बजकर 11 मिनट पर होगा।
- इस तिथि का समापन 15 मार्च को सुबह में 9 बजकर 17 मिनट पर होगा।
- उदया तिथि के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च को रखा जाएगा।
पापमोचनी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026
फ्यूचर पंचांग के मुताबिक इस दिन श्रवण नक्षत्र और परिध योग का संयोग बना रहेगा। इन योगों में आप भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना कर सकते हैं। वहीं आप चौघड़िया मुहूर्त में भी पूजा- अर्चना कर सकते हैं।
चल चौघड़िया (15 मार्च 2026) सुबह में 8 बजे से 9 बजकर 30 मिनट पर
लाभ चौघड़िया (15 मार्च 2026) सुबह में 9 बजकर 30 मिनट से 11 बजे तक
पापमोचनी एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति के दुखों का अंत होता है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ने लगती हैं। पापमोचनी एकादशी का व्रत व्यक्ति को जाने अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति दिलाता है। मान्यता है कि इस व्रत को पूरे विधि विधान के साथ करने से व्यक्ति के भाग्य में भी वृद्धि होती है। वहीं इस दिन दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
