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Onam 2019: दक्षिण भारत का मुख्य पर्व ओणम आज, जानें इसका इतिहास और थिरुवोणम मुहूर्त

Thiruvonam Onam 2019: 1 सितंबर से शुरु हुआ यह पर्व 11 सितंबर तक मनाया जायेगा। कृषि की अच्छी पैदावार के लिए इस पर्व को मनाया जाता है। जबकि स्थानीय लोग पूरे 13 दिनों तक ओणम का जश्न मनाएंगे। इस दिन लोग घरों में दीपक जलाकर पूजा अर्चना करते हैं।

Onam 2019 date, thiruvonam 2019 date, thiruvonam muhurat, Onam festival celebration, how celebrate onamओणम दक्षिण भारत का एक मुख्य त्योहार है।

ओणम दक्षिण भारत का एक मुख्य त्यौहार है। इस पर्व को खासकर केरल में बड़े ही धूम धाम के साथ मनाया जाता है। 1 सितंबर से शुरु हुआ यह पर्व 11 सितंबर तक मनाया जायेगा। कृषि की अच्छी पैदावार के लिए इस पर्व को मनाया जाता है। जबकि स्थानीय लोग पूरे 13 दिनों तक ओणम का जश्न मनाएंगे। इस दिन लोग घरों में दीपक जलाकर पूजा अर्चना करते हैं।

मलयालम कैलेंडर के अनुसार ओणम चिंगम महीने में मनाया जाता है। जो आमतौर पर अगस्त या सितंबर के महीने में पड़ता है। इस साल यह उत्सव 1 सितंबर से 13 सितंबर के बीच मनाया जा रहा है। इस उत्सव में चार दिन सबसे अहम होते हैं। पहला सबसे महत्वपूर्ण दिन ‘उत्तरादम’ जो 10 सितंबर को पड़ा है। मान्यता है कि इसी दिन राजा महाबलि केरल आते हैं। इसके बाद दूसरा महत्वपूर्ण दिन होता है ‘थिरु ओणम या थिरुवोनम’। यह खास दिन 11 सितंबर को है। मान्यता है कि राजा महाबलि इस दिन लोगों के घरों में आते हैं। इसके बाद उत्सव का तीसरा सबसे अहम दिन ‘अवितम’ है जिसके तहत राजा बलि की विदाई की तैयारियां की जाती हैं। इसके बाद उत्सव का आखिरी दिन ‘चत्तयम’ होता है।

क्यों मनाया जाता है ओणम पर्व? ओणम को मनाने के पीछे धार्मिक मान्यता ये है कि केरल में महाबली नाम का एक असुर राजा था। जिसके आदर सत्कार में ही ओणम मनाया जाता है। इस पर्व का खेती और किसानों से भी गहरा संबंध है। किसान अपनी फसलों की सुरक्षा और अच्छी उपज के लिए इन दिनों श्रावण देवता और पुष्पदेवी की आराधना करते हैं। 13 दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार में लोग अपने पूरे घर को फूलों से सजाते हैं। घरों को फूलों से सजाने का कार्यक्रम पूरे 10 दिनों तक चलता है। लोग अपने दरवाजों पर फूलों से रंगोली भी बनाते हैं। ओणम पर्व के दौरान नाव रेस, नृत्य, संगीत, महाभोज जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। इस महाभोज कार्यक्रम के दौरान मीठे व्यंजनों और नौ स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं जिनमें मुख्य रूप से पचड़ी काल्लम, ओल्लम, दाव, घी, सांभर, केले और पापड़ के चिप्स शामिल हैं। खास बात ये है कि इन व्यंजनों को केले के पत्तों पर परोसा जाता है।

थिरुवोणम मुहूर्त:
सितंबर 10, 2019 को सुबह 11:09 बजे से थिरुवोणम नक्षत्रं आरम्भ
सितंबर 11, 2019 को दोपहर 1:59 पर थिरुवोणम नक्षत्रं समाप्‍त

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