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नवरात्रि 2018: आज है छठवां नवरात्र मां कात्यायनी का दिन, विवाह समस्या दूर करने के लिए इस विधि से करें पूजा

Navratri 2018, Maa Katyayani Puja Vidhi: दिव्य रूपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समान चमकीला है। इन्हें ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। कात्यायनी देवी की पूजा गोपियों ने भगवान कृष्ण को पाने के लिए की थी।

सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी पूजा फलदायी मानी जाती है।

Navratri 2018: आज (23 मार्च) को नवरात्र का छठवां दिन है। इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। देवी कात्यायनी का जन्म कात्यायन ऋषि के घर में हुआ था, इसलिए इनको कात्यायनी कहा जाता है। इनके चार हाथ हैं, जिनमें अस्त्र-शस्त्र और कमल का पुष्प है। इनका वाहन सिंह है। मां कात्यायनी का यह रूप बेहद सरस, सौम्य और मोहक है। दिव्य रूपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समान चमकीला है। इन्हें ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी कहा जाता है। कात्यायनी देवी की पूजा गोपियों ने भगवान कृष्ण को पाने के लिए की थी। माना जाता है कि इनकी पूजा करने से योग्य और मनचाहा पति प्राप्त होता है। ज्योतिष में बृहस्पति का सम्बन्ध इनसे माना जाना चाहिए।

मां कात्यायनी की पूजा से कन्याओं के शीघ्र विवाह की मनोकामना जल्दी पूरी हो जाती है। सुखमय वैवाहिक जीवन के लिए भी इनकी पूजा फलदायी मानी जाती है। इनकी पूजा करने से अगर कुंडली में विवाह के योग क्षीण हों तो भी विवाह हो सकता है।

इस तरह करें पूजा – पूजा के समय लाल या पीले वस्त्र धारण करें। इनको पीले फूल और पीला नैवेद्य अर्पित करें। शहद अर्पित करना बहुत लाभकारी माना जाता है। मां कात्यायनी को सुगन्धित पुष्प चढ़ाने से शीघ्र विवाह के योग बन सकते हैं। इसके बाद मां के मंत्रों का जाप करें।

देवी मंत्र: ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

देवी स्तुति:

चंद्र हासोज्ज वलकरा शार्दू लवर वाहना।
कात्यायनी शुभं दद्या देवी दानव घातिनि।

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