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Navratri 2018 3rd Day Puja Vidhi: नवरात्र के तीसरे दिन इन मंत्रों और पूजा विधि से करें मां चंद्रघंटा की आराधना

Navratri 2018 3rd Day, Maa Chandraghanta Puja Vidhi, Vrat Katha: आज यानी कि 12 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को नवरात्र का तीसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के इस रूप को बहुत ही सौम्य कहा जाता है।

मां चंद्रघंटा के इस रूप को बहुत ही सौम्य कहा जाता है।

Navratri 2018 3rd Day, Maa Chandraghanta Puja Vidhi, Vrat Katha: नवरात्र में नौ दिन तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्रों में इन सभी रूपों का अलग-अलग महत्व बताया गया है। कहते हैं कि जो भक्त लगातार नौ दिन तक नवरात्र में मां के इन सभी रूपों की आराधना करता है, उसे विशेष फल की प्राप्ति होती है। आज यानी कि 12 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को नवरात्र का तीसरा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के इस रूप को बहुत ही सौम्य कहा जाता है।

चंद्रघंटा देवी सिंह पर सवार हैं। मां दुर्गा का यही रूप सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। मालूम हो कि चंद्रघंटा देवी के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र है, इसलिए माता को चंद्रघंटा नाम से पुकारा जाता है। मां का यह अवतार सोने के समान कांतिवान है। मां की दस भुजाएं हैं और दसों भुजाओं में अस्त्र-शस्त्र हैं। चंद्रघंटा देवी अपने हाथों में कमल, धनुष-बाण, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र धारण करती हैं।

पूजा विधि: मां चंद्रघंटा की वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों से आराधना की जाती है। इसके तहत मां का आवाहन, आसन, पाद्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधितद्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्रपुष्पांजलि आदि होता है।

पूजा मंत्र: मां चंद्रघंटा देवी की पूजा के लिए इन मंत्रों का जप किया जाता है।

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।

महत्व: कहते हैं कि मां चंद्रघंटा की आराधना करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। व्यक्ति की राह में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती है। मान्यता है कि चंद्रदेवी का आशीर्वाद मिलने से व्यक्ति निडर हो जाता है। व्यक्ति के सभी दुखों का नाश हो जाता है। ऐसे व्यक्ति के परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

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