ज्योतिष शास्त्र में मोती को बेहद शुभ और प्रभावशाली रत्न माना गया है। मान्यता है कि यह चंद्रमा का रत्न होता है और मान्यता है कि सही विधि और योग्य ज्योतिषीय सलाह के अनुसार इसे धारण करने से मानसिक शांति, आत्मविश्वास और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा कमजोर होता है, उन्हें ज्योतिषी अक्सर मोती पहनने की सलाह देते हैं। खास बात यह है कि कुछ राशियों के लिए मोती को बेहद लकी स्टोन माना जाता है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए मोती शुभ माना जाता है, इसे पहनने के नियम क्या हैं और इसके क्या लाभ बताए गए हैं।

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ये लोग धारण कर सकते हैं मोती

वैदिक ज्योतिष अनुसार अगर आपकी कुंडली में चद्र ग्रह उच्च के स्थित हैं तो आप मोती रत्न धारण कर सकते हैं। साथ ही कुंडली में चंद्रमा और गुरु का संयोग बन रहा है तो भी आप कुंडली का विश्लेषण कराकर मोती पहन सकते हैं। वहीं मेष ,कर्क ,वृश्चिक और मीन लग्न के लिए मोती धारण करना शुभ माना जाता है। वहीं अगर चंद्रमा की महादशा चल रही हो तो भी मोती कुंडली का विश्लेषण कराकर पहन सकते हैं। साथ ही अगर कुंडली में शनि और चंद्रमा की युति बन रही हो तो मोती रत्न नहीं धारण करें। वहीं मोती के साथ नीलम, गोमेट और लहसुनिया धारण न करने की सलाह दी जाती है।

मोती धारण करने के लाभ

मोती धारण करने से मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलने की मान्यता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्रमा से जुड़ा रत्न माना जाता है, इसलिए इसे पहनने से मन शांत रहता है और तनाव कम हो सकता है। कई लोग मानते हैं कि मोती आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने में सहायक होता है। इसके अलावा इसे पारिवारिक सुख, रिश्तों में मधुरता और बेहतर नींद से भी जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि मोती धारण करने से व्यक्ति के स्वभाव में सौम्यता आती है और मानसिक बेचैनी कम हो सकती है।

मोती पहनने के नियम

ज्योतिष मान्यता के अनुसार मोती को चांदी की अंगूठी में धारण करना शुभ माना जाता है।
इसे सोमवार के दिन सुबह स्नान के बाद पहनना बेहतर माना जाता है।
मोती पहनने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से शुद्ध करने की परंपरा है।
अंगूठी को दाएं हाथ की छोटी उंगली में धारण किया जाता है।
रत्न धारण करने से पहले किसी जानकार ज्योतिषी से सलाह लेना उचित माना जाता है।

मोती पहनते समय रखें ये सावधानियां

  • हर व्यक्ति के लिए मोती शुभ हो, यह जरूरी नहीं माना जाता।
  • गलत रत्न धारण करने से नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकते हैं।
  • कुंडली का विश्लेषण कराकर ही रत्न पहनना बेहतर माना जाता है।

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डिस्कलेमर (Disclaimer):

“इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र और प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता (Jansatta) इसकी सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करता है। किसी भी रत्न (जैसे मोती) को धारण करने से पहले उसके संभावित लाभ, नुकसान और अपनी कुंडली के प्रभाव को जानने के लिए किसी प्रमाणित विशेषज्ञ या ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें। व्यक्तिगत अनुभव और परिणाम भिन्न हो सकते हैं।”