Moonga Ratna: रत्न शास्त्र में मूंगा रत्न (Red Coral) को मंगल का रत्न माना जाता है।  जिसे  ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, भाई और शक्ति का मुख्य कारक माना जाता है। ऐसे में इस रत्न को अधिकतर लोग पहने हुए नजर आ जाते हैं। हेमा मालिनी, एकता कपूर, करीना कपूर जैसे कई सेलिब्रिटी भी इस रत्न को पहन चुके हैं। इस रत्न को धारण करने से साहस, आत्मविश्वास में तेजी से वृद्धि होने के साथ क्रोध, डर, मानसिक तनाव कंट्रोल होता है। बृहत् पराशर होरा शास्त्र में मूंगा रत्न के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया है। आमतौर पर यह पुखराज या नीलम जितना महंगा नहीं होता। लेकिन फिर भी मूंगा बाजार में काफी मात्रा में नकली भी मिलता है। इस लेख में पंडित केपी शुक्ल से जानते है मूंगा रत्न क्या है, इसे पहनने के लाभ, विधि से लेकर असली पन्ना पहचानने का तरीका तक…

क्या है मूंगा रत्न? What is Red Coral Gemstone)

मूंगा (Coral) समुद्र में पाया जाने वाला एक प्राकृतिक रत्न है। ये रत्न समुद्री जीव कोरल पॉलीप्स के कंकाल का कठोर रूप होता है। ये एक प्राकृतिक जैविक रत्न रत्न है और ये मंगल ग्रह से संबंधित है। मंगल को साहस, ऊर्जा तथा इच्छाशक्ति को नियंत्रित करने वाला माना जाता है। ऐसे में ये डर, तनाव और आत्मविश्वास की कमी को दूर करने में मदद करता है। नौकरी और बिजनेस में भी काफी लाभ मिलने के योग नजर आने लगते हैं।

मूंगा रत्न के प्रकार

आमतौर पर मूंगा के पांच रंग के पाए जाते हैं और हर एक का अपना-अपना महत्व है। लाल रंग का मूंगा सबसे बेहतरीन माना जाता है। इसके अलावा गुलाबी मूंगा (Pink Coral) सौंदर्य और आकर्षण के लिए खास होता है और तीसरा सफेद मूंगा (White Coral) होता है, जो मानसिक शांति और स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन माना जाता है। इसके अलावा काला और पीले रंग का भी मूंगा होता है।

मूंगा पहनने के फायदे (Benefits of Red Coral Gemstone)

  • बृहत् पराशर होरा शास्त्र के अनुसार मूंगा रत्न पहने से मांगलिक दोष को कम किया जा सकता है।
  • मूंगा रत्न धारण करने से साहस, नेतृत्व और शक्ति में वृद्धि होती है।
  • खून और हड्डियों से संबंधी रोगों में लाभ मिल सकता है।
  • शरीर से नकारात्मक ऊर्जा कम हो सकती है और सकारात्मकता बढ़ती है।
  • मूंगा रत्न धारण करने से व्यापार और कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल हो सकती है।
  • इस रत्न को धारण करने से मंगल दोष का भी निवारण होता है। जिनकी कुंडली में मंगल नीचस्थ, वक्र या फिर द्वादश भाव में हो, तो इस रत्न को धारण करने से विशेष लाभ मिल सकता है।
  • मूंगा रत्न धारण करने से मानसिक तनाव, घबराहट, अनिश्चितता में कमी आती है।
  • वैवाहिक जीवन में चला आ रहा तनाव, झगड़े और तालमेल की कमी को दूर करने में मदद करता है।
  • मूंगा रत्न मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक रूप से भी मजबूत रखता है।
  • बच्चों के लिए मूंगा रत्न बहुत लाभकारी है। इस रत्न को धारण करने से बुरी नजर, टोना-टोटका और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है।

मूंगा किसे पहनना चाहिए? (Who Should Wear Red Coral)

  • रत्न शास्त्र के अनुसार, मूंगा रत्न मेष और वृश्चिक राशि के लिए लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इन राशियों के स्वामी मंगल है।
  • जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर हो या फिर मंगल नीच का हो तो इस रत्न को धारण कर सकते हैं।
  • जिन जातकों की कुंडली में मांगलिक दोष हो, तो वे भी मूंगा धारण कर सकते हैं।
  • सेना, पुलिस, एथलीट, डॉक्टर या नेता जैसे पेशों में कार्यरत जातकों के लिए मूंगा रत्न काफी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि ये साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करता है।
  • जिन जातकों की कुंडली में मंगल छठे, अष्टम, या द्वादश भाव में स्थित हो, उन्हें मूंगा धारण करना चाहिए।

मूंगा किन्हें नहीं पहनना चाहिए? (Who Should Not Wear Red Coral)

रत्न शास्त्र के अनुसार, वृषभ, कुंभ, तुला, मिथुन और कन्या राशि के जातकों को लाल मूंगा नहीं पहनना चाहिए। बुध, शुक्र और शनि तीनों ही ग्रह मंगल के अनुकूल नहीं होते हैं। अगर आप पहनना चाहते हैं, तो ज्योतिषी से पूछकर ही पहनें।

किन रत्नों के साथ न पहनें मूंगा

रत्न शास्त्र के अनुसार, मूंगा को कुछ रत्नों के साथ पहनने की मनाही होती है। इन रत्नों के साथ मूंगा को पहनने से नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। इसलिए मूंगा को पन्ना, हीरे, नीलम, मोती या ओपल के साथ नहीं पहनना चाहिए । इसके अलावा नीलम और माणिक्य के साथ मूंगा को पहना जा सकता है।

असली और नकली मूंगा की पहचान (Real vs Fake Red Coral)

मार्केट में मूंगा के नाम पर कई लाल रंग के पत्थर बेचे जाते हैं। लेकिन जरूरी नहीं हैं कि वह असली हो। इसलिए सही मूंगा को खरीदना बेहद जरूरी है।

कैसे करें असली मूंगा की पहचान

  • असली मूंगा को छूने में वह ठंडा लगता है और धीरे-धीरे गर्म होता है। बल्कि नकली मूंगा गर्म ही होता है।
    प्राकृतिक रूप से मूंगा का रंग गहरा और सामान होता है। इसमें हल्की-हल्की धारियां होती है। ये एकदम चमकीली होता है।
  • अगर आप घर में इसका परीक्षण करना चाहते हैं, तो नींबू के रस या फिर सिरके की कुछ बूंदे असली मूंगा में डाले। अगर मूंगे में कैल्शियम कार्बोनेट के कारण छोटे-छोटे बुलबुले बनने लगते हैं। हालांकि इस परीक्षण को थोड़ा सतर्क होकर करें।
    पानी या दूध में मूंगा डालने पर हल्का लाल रंग छोड़ता है।
    लैब सर्टिफिकेट मौजूद होना चाहिए।

मूंगा का सबसे अच्छा ओरिजिन कौन सा है?

मूंगा (Coral) का सबसे अच्छा ओरिजिन इटली (Italian Coral) और जापान (Japanese Coral) को माना जाता है। जहां इटालवी मूंगा अपनी उच्च गुणवत्ता और चमकदार लाल या गुलाबी रंग के लिए प्रसिद्ध है। वहीं, जापान का मूंगा (कोच्चि, ओकिनावा) अपने गहरे लाल के लिए प्रसिद्ध है। भारत की बात करें, तो अंडमान और लक्षद्वीप और ताइवान में मिलते हैं। लेकिन ये इटली में मिलने वाले मूंगा की तुलना में ये कम गुणवत्ता वाले होते हैं।

मूंगा किस धातु में पहनें? (Metal for Red Coral)

मूंगा मंगल का रत्न है। इसे तांबा (Copper), चांदी (Silver) या सोने (Gold) में धारण किया जाता है। धारण करने से पहले ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।

मूंगा कितने कैरेट का पहनें?

प्रसिद्ध मत के अनुसार अपने वजन का दसवां हिस्सा कैरेट में धारण किया जा सकता है। जैसे 80 किलो वजन है तो 8 कैरेट का मूंगा धारण करना उचित होगा। अगर आपका वजन 55 है, तो 5.5 कैरेट का पहने।

मूंगा पहनने की विधि (How to Wear Red Coral)

मूंगा (Red Coral) रत्न को किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के मंगलवार के दिन पहनना लाभकारी माना जाता है। इसे होरा और अभिजीत मुहूर्त में पहनना सबसे लाभकारी माना जाता है। मंगलवार के दिन स्नान के बाद मूंगा की अंगूठी के पहले गंगाजल, दूध में में करीब आधा घंटा के लिए रख दें। इसके बाद इसे शुद्ध जल से धो लें। फिर हनुमान जी या अपने इष्ट देव को अर्पित करें। फिर ” ऊं अं अंगारकाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप के बाद इसे दाहिने हाथ की अनामिका (ring finger) में धारण कर लें।

मूंगा रत्न धारण करने से पहले ध्यान रखें ये बातें

अगर आपने मूंगा रत्न धारण करने वाले हैं, तो कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए। मूंगा वह व्यक्ति धारण कर सकता है जिसे अपने भीतर ऊर्जा की कमी महसूस हो रही हो या जो क्रोध के कारण अपना चिड़चिड़ापन, गुस्सैल हो और अपना गुस्सा दूसरों पर निकाल रहा हो।

मूंगा रत्न धारण करने के बाद ध्यान रखें ये बातें

  • मूंगा रत्न पहनते समय कुछ विशेष सावधानियां आवश्यक हैं। यदि रत्न गलत, अशुद्ध या नकली हो, तो इसका कोई लाभ नहीं मिलता। इसलिए मूंगा हमेशा शुद्ध और दोषरहित होना चाहिए।
  • यदि मूंगा पहनने के बाद व्यक्ति में अत्यधिक क्रोध, मानसिक अस्थिरता, या दुर्घटना जैसी अनहोनी महसूस होने लगे, तो इसे तुरंत उतार देना चाहिए और किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श लेना चाहिए।
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डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। जनसत्ता इसके सफल होने या इसके माध्यम से किसी भी प्रकार के चमत्कार का दावा नहीं करता है। किसी भी रत्न को धारण करने से पहले संबंधित विषय के प्रमाणित विशेषज्ञ या ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें।