ताज़ा खबर
 

Moonga Ratna: क्यों पहना जाता है मूंगा रत्न? जानिए किन राशि वालों को इसे भूलकर भी नहीं धारण करना चाहिए

Moonga Gemstone: जिन लोगों की कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में होता है उन्हें मूंगा धारण करना चाहिए। मूंगा अमूमन लाल रंग, सिंदूरी या गेरुआ रंग का होता है।

मेष और वृश्चिक राशि वालों के लिए ये रत्न शुभ माना गया है। (फोटो सोर्स- पिक्साबे)

Coral Gemstone: ज्योतिष शास्त्र में रत्न ज्योतिष का विशेष महत्व माना जाता है। कुंडली में कमजोर ग्रहों को मजबूत करने के लिए रत्न पहनने की सलाह दी जाती है। मूंगा रत्न की बात की जाए तो ये रत्न मंगल ग्रह से संबंधित है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में होता है उन्हें मूंगा धारण करना चाहिए। मूंगा अमूमन लाल रंग, सिंदूरी या गेरुआ रंग का होता है। जानिए मूगा रत्न पहनने के फायदे और किन्हें ये रत्न धारण करना चाहिए।

मूंगा रत्न के लाभ: मूंगा रत्न धारण करने से मंगल ग्रह मजबूत होकर अपना शुभ फल प्रदान करने लगता है। इसे पहनने से रक्त चार भी संतुलित होता है। इस रत्न को पहनने से आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है जिससे व्यक्ति अपने हर काम को उचित ढंग से कर पाता है। ये सोच को सकारात्मक करता है। मूंगा नेतृत्व क्षमता का विकास करता है और जीवन की चुनौतियों से लड़ने में सक्षम बनाता है।

किन्हें करना चाहिए धारण: मेष और वृश्चिक राशि वालों के लिए ये रत्न शुभ माना गया है। मंगल दोनों ही राशियों के स्वामी ग्रह भी हैं। इसके अलावा सिंह, धनु और मीन राशि के जातक भी मूंगा पहन सकते हैं। वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि के जातकों को मूंगा पहनने से बचना चाहिए। वैसे किसी भी रत्न को धारण करने से पहले विद्वान ज्योतिषाचार्यों की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। यदि कुंडली में मंगल अष्टम में नीच राशि का या शत्रु राशि का हो, या फिर मंगल शनि के साथ हो तो मूंगा धारण करना सही नहीं माना जाता है। ऐसी स्थिति में मूंगा पहनने से अनिष्ट होने की आशंका रहती है।

मूंगा धारण करने की विधि: मूंगा रत्न सोने या तांबे की धातु में धारण किया जा सकता है। ध्यान रखें कि इसका वज़न 6 कैरेट से कम नहीं होना चाहिए। रत्न धारण करने से पहले इसे गाय के दूध या गंगाजल में पूरी रात डूबोकर रखें। फिर मंगलवार के दिन लाल रंग के आसन पर बैठें और मूंगा रत्न की अंगूठी लाल कपड़े पर रखें। फिर इस कपड़े पर कुछ फूल रखें और अगरबत्ती दिखाएं। इसके बाद ‘’ऊँ भौं भौमाय नम:’’ मंत्र का 108 बार जाप करें और अंगूठी अनामिका अंगुली में धारण कर लें। यह भी पढ़ें- इस मूलांक वाले अपने कार्यों से सभी को कर देते हैं चकित, जया किशोरी का भी यही है बर्थ मूलांक

कैसे करें असली मूंगे की पहचान:
-मूंगा रत्न बहुत ही चिकना होता है। जिस वजह से इस पर पानी नहीं ठहरता है। इसलिए इस रत्न की पहचान करने के लिए रत्न पर पानी की कुछ बूंदे डालें यदि पानी इस पर ठहरता है तो ये नकली है और यदि पानी नहीं ठहरता तो मूंगा सही हो सकता है।
-असली मूंगा की पहचान करने के लिए दूसरा तरीका उसे शीशे पर रगड़ें। अगर रगड़ने पर तेज आवाज़ महसूस होती है तो समझ लीजिए यह नकली है। क्योंकि असली मूंगा को शीशे से रगड़ने पर कोई आवाज नहीं आती है।
-तीसरा तरीका मूंगा रत्न की पहचान का ये है कि दूध से भरे आधे ग्लास में मूंगा रत्न डाल दें। कुछ देर बाद आप देखेंगे कि दूध का रंग सफेद से लाल दिखाई देने लगेगा। हालांकि मूंगा निकालने पर दूध का रंग सफेद ही दिखेगा।
-चौथा तरीका ये है मूंगा रत्न को हल्दी की गांठ पर रगड़ें। अगर ऐसा करने पर हल्दी का रंग लाल हो जाता है तो इसका मतलब रत्न असली है। वहीं रत्न नकली होने पर हल्दी के रंग में कोई बदलाव नहीं होगा।

Next Stories
1 इस मूलांक वाले अपने कार्यों से सभी को कर देते हैं चकित, जया किशोरी का भी यही है बर्थ मूलांक
2 आज 26 साल की हुईं जया किशोरी, जानिये कब करेंगी शादी, कितना कमाती हैं और कहां करती हैं खर्च
3 सूर्य का राशि परिवर्तन जुलाई 2021, जानिए किन राशि वालों को नौकरी में लाभ मिलने की है प्रबल संभावना
यह पढ़ा क्या?
X