सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है, यहां हम बात करने जा रहे हैं मोहिनी एकादशी के बारे में। यह व्रत वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है और इसका संबंध भगवान विष्णु के मोहिनी रूप से जुड़ा हुआ है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह एकादशी खासतौर पर मन के भ्रम, मोह और नकारात्मकता को दूर करने के लिए जानी जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल को ऱखा जाएगा। आइए जानते हैं तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त…

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मोहिनी एकादशी तिथि 2026 (Mohini ekadashi kab hai)

  • एकादशी तिथि प्रारंभ- 26 अप्रैल 2026 को शाम 06:05 बजे से
  • एकादशी तिथि समाप्त- 27 अप्रैल 2026 को शाम 06:14 बजे तक

हिंदू धर्म में उदयातिथि को प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए मोहिनी एकादशी का व्रत 27 अप्रैल, सोमवार को रखा जाएगा।

मोहिनी एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 09:02 से दोपहर 10:40 तक (शुभ चौघड़िया)

मोहनी एकादशी पूजा- विधि

इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। साथ ही घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। वहीं भगवान विष्णु को तुलसी दल, पीले फूल और फल अर्पित करें। साथ ही “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। साथ ही दिनभर व्रत रखकर भगवान का स्मरण करें। वहीं अगले दिन विधिपूर्वक पारण करें।

मोहनी एकादशी धार्मिक महत्व

मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट होने की मान्यता हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यह व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति, आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। विष्णु पुराण के अनुसार, इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य को भ्रम, लोभ और बुरे कर्मों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही यह व्रत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें