April 2026 Ekadashi List: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। साथ ही हर महीने लगभग 2 एकादशी पड़ती हैं। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और पूरे भक्ति भाव से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से जीवन में सुख- संपन्नता आने की मान्यता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं मई के महीने में पड़ने वाली एकादशियों के बारे में, आपको बता दें कि मई के महीने में अपरा और पद्मिनी एकादशी पड़ेंगी। जिनका विशेष महत्व है। साथ ही इन एकादशी पर व्रत रखने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इनकी तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त…

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अपरा एकादशी 2026 (Kab Hai Apara ekadashi 2026)

ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की तिथि की शुरुआत- 12 मई को दोपहर 02 बजकर 51 मिनट पर
ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी की तिथि का समापन- 13 मई को दोपहर 01 बजकर 28 मिनट पर

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार 13 मई को अपरा एकादशी मनाई जाएगी।

अपरा एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 08 मिनट से 04 बजकर 50 मिनट तक
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 33 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 07 बजकर 02 मिनट से 07 बजकर 23 मिनट तक
निशिता मुहूर्त – रात 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक

अचला एकादशी का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के बड़े से बड़े पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इसे अचला एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो फल कठिन तप, दान और तीर्थ यात्रा से मिलता है, वही फल इस व्रत को करने से प्राप्त हो सकता है।

कब है पद्मिनी एकादशी (Kab Hai padmini ekadashi 2026)

फ्यूचर पचांग के अनुसार पद्मिनी 27 मई को मनाई जाएगी।

एकादशी तिथि आरंभ : 26 मई, सुबह 5:11 बजे,
एकादशी तिथि समाप्त : 27 मई, सुबह 6:22 बजे,
पारण का समय : 28 मई, सुबह 5:45 बजे – सुबह 7:57 बजे

पद्मिनी एकादशी शुभ मुहूर्त 2026

पद्मिनी एकादशी पर 2 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग- 05:25 ए एम से 05:56 ए एम

रवि योग- 05:25 ए एम से 05:56 ए एम

पद्मिनी एकादशी का धार्मिक महत्व

विष्णु पुराण के अनुसार पद्मिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलने की मान्यता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा और उपवास करने पर मोक्ष की प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त होते हैं।

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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें