May 2026 Shubh Muhurat: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, मई माह का आरंभ वैशाख माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि के साथ हो रहा है, जो ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि के साथ समाप्त होगा। इस माह कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। अगर आप मई माह में वाहन, घर, संपत्ति खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं या फिर शादी-विवाह से लेकर अन्य मांगलिक कार्य करना चाहते हैं, तो जान लें कि मई माह में कब-कब किस नक्षत्र, योग में करना लाभकारी हो सकता है। आइए जानते हैं ठाकुर प्रसाद कैलेंडर के अनुसार, मई माह में पड़ने वाले घर-संपत्ति, वाहन खरीदने से लेकर विवाह,  गृह प्रवेश, नामकरण से लेकर नया व्यापार आरंभ करने का शुभ मुहूर्त…

Monthly Tarot Reading May 2026: मई माह में इन 5 राशियों के जीवन में पड़ सकता है सकारात्मक प्रभाव, जानें मासिक टैरो राशिफल

मई 2026 विवाह मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार मई माह में विवाह के लिए करीब 7 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो 3, 6, 13, 18, 23, 25 और 28 मई है।

तिथिमुहूर्त का समयनक्षत्र
3 मईसुबह 7:09 बजे – रात 10:27 बजेअनुराधा
6 मईसुबह 7:51 बजे – दोपहर 3:53 बजेमूल
13 मईसुबह 4:41 बजे – दोपहर 11:21 बजेउत्तर भाद्रपद
18 मईरात 1:59 बजे – सुबह 4:38 बजेरोहिणी
23 मईरात 2:08 बजे – सुबह 4:37 बजेमघा
25 मईसुबह 4:31 बजे – सुबह 4:36 बजेउत्तर फाल्गुनी
28 मईसुबह 8:08 बजे – अगले दिन सुबह 3:54 बजेस्वाति

मई 2026 में वाहन खरीदने का शुभ मुहूर्त

अगर आप मई माह में कार या फिर कोई अन्य वाहन खरीदना चाहते हैं, तो 1, 4, 10, 11 और 14 मई को खरीद सकते हैं।

तारीखदिनसमयनक्षत्र
1 मई 2026शुक्रवारसुबह 05:42 से 2 मई 2026, सुबह 04:35 तकस्वाति
4 मई 2026सोमवारसुबह 05:39 से 09:58 तकअनुराधा
10 मई 2026रविवारसुबह 5:35 बजे से दोपहर 3:06 बजे तकधनिष्ठा
11 मई 2026सोमवारदोपहर 3:24 से 12 मई 2026, सुबह 1:28 तकशतभिषा
14 मई 2026गुरुवारसुबह 11:20 से रात 10:34 तकरेवती

मई 2026 में गृह प्रवेश का मुहूर्त

हिंदू धर्म के अनुसार, नए घर में प्रवेश करने से पहले शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और हवन करना अति आवश्यक है, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा की बढ़ोतरी हो। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहें। अगर आप मई माह में गृह प्रवेश करने जा रहे हैं, जो बता दें कि 4, 8 और 13 मई को शुभ मुहूर्त है।

तिथिदिनमुहूर्त का समय
4 मई 2026सोमवारसुबह 05:51 बजे – 07:27 बजे
8 मई 2026शुक्रवारदोपहर 12:21 बजे – रात 09:20 बजे
13 मई 2026बुधवारसुबह 05:32 बजे – दोपहर 01:29 बजे

मई 2026 मुंडन का मुहूर्त

16 संस्कारों को में से  आठवां और महत्वपूर्ण संस्कार है मुंडन। इस दौरान शिशु के जन्म के बाद पहली बार विधि-विधान और मुहूर्त देखकर मुंडन किया जाता है। ये आमतौर पर पहले, तीसरे वर्ष में किसी पवित्र स्थान या मंदिर में बाल कांटे जाते हैं। अगर आप मई माह में अपने बच्चे का मुंडन कराने की सोच रहे हैं, तो 4, 9, 11 और 14 मई को करा सकते हैं।

प्रारंभ समयसमाप्ति समयनक्षत्र
सोमवार, 4 मई, सुबह 09:57 बजेसोमवार, 4 मई, शाम 04:12 बजेज्येष्ठा
शनिवार, 9 मई, रात 01:16 बजेशनिवार, 9 मई, सुबह 05:14 बजेश्रवण
सोमवार, 11 मई, दोपहर 03:25 बजेमंगलवार, 12 मई, रात 01:28 बजेशतभिषा
गुरुवार, 14 मई, रात 10:33 बजेशुक्रवार, 15 मई, सुबह 08:31 बजेअश्विनी

मई 2026 में नामकरण संस्कार

हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से ये पांचवें नंबर में आता है। इस दौरान शिशु के जन्म के 11वें या फिर 12वें दिन नामकरण आयोजित किया जाता है। इसमें तिथि, नक्षत्र की गणनाओं के आधार पर बच्चे का नामकरण किया जाता है। अगर आप मई माह में बच्चे का नामकरण करना चाहते हैं, तो  1, 5, 9, 13, 17, 24 और 28 मई को करा सकते हैं।

तारीखदिनसमयनक्षत्र
1 मई 2026शुक्रवारसुबह 7:14 बजे से 2 मई 2026, रात 8:12 बजे तकमाघ
5 मई 2026मंगलवारसुबह 7:14 बजे से 6 मई 2026, सुबह 2:23 बजे तकहस्त
9 मई 2026शनिवारदोपहर 12:44 से 10 मई 2026, सुबह 07:14 तकचित्रा
13 मई 2026बुधवारदोपहर 1:14 बजे से 14 मई 2026, सुबह 2:56 बजे तकअनुराधा
17 मई 2026रविवार18 मई 2026, सुबह 07:14 से 02:44 बजे तकउत्तराभाद्रपद
20 मई 2026बुधवारसुबह 7:14 बजे से 21 मई 2026, रात 8:33 बजे तकरेवती
24 मई 2026रविवार25 मई 2026, सुबह 07:14 से 02:56 तकरोहिणी
28 मई 2026गुरुवार29 मई 2026, सुबह 07:14 से 02:44 बजे तकमाघ

मई 2026 नया व्यापार आरंभ करने का मुहूर्त

हिंदू धर्म के अनुसार किसी भी कार्य को आरंभ करने से पहले शुभ मुहूर्त देखना बेहद जरूरी माना जाता है, जिससे आपको कई गुना अधिक फलों की प्राप्ति हो। ऐसे ही अगर आप नया व्यापार मई माह में आरंभ करना चाहते हैं, तो इसके लिए सिर्फ 7 मई का दिन सबसे ज्यादा शुभ माना जा रहा है।

तारीखदिनसमयनक्षत्र
7 मई 2026गुरुवारसुबह 8:32 बजे से 10:45 बजे तकपूर्वा आषाढ़ा

डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।