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Maa Durga Aarti, Jai Ambe Gauri: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी…आरती को गाकर पूजा करें संपन्न

Jai Mata Di, Mata Ki Aarti Song, Durga Ji Ki Aarti Or Ganesh Aarti/Navratri 2020: नवरात्रि में पूरे विधि विधान के साथ मां दुर्गा की अराधना की जाती है। उनकी कथा सुनी जाती है। मां को तरह तरह की चीजों का भोग लगाया जाता है। लेकिन एक चीज ऐसी है जिसके बिना मां अम्बे की पूजा अधूरी मानी जाती है। वो है आरती, यहां से पढ़ें जय अम्बे गौरी आरती (Jai Ambe Gauri)...इसी के साथ गणेश जी आरती करना भी न भूलें।

जय अम्बे गौरी आरती…

Durga Aarti Lyrics, Mata Ki Aarti, Song, Bhajan/Navratri 2020 (माता की आरती, दुर्गा आरती): आज नवरात्रि का पहला दिन है। आज ही घट स्थापना की जायेगी। घरों में जौ बोएं जायेंगे इसी के साथ कई लोग अपने घर में अखंड ज्योत भी जलायेंगे। जो पूरे नवरात्रि तक जलती रहेगी। नवरात्रि में पूरे विधि विधान के साथ मां दुर्गा की अराधना की जाती है। उनकी कथा सुनी जाती है। मां को तरह तरह की चीजों का भोग लगाया जाता है। लेकिन एक चीज ऐसी है जिसके बिना मां अम्बे की पूजा अधूरी मानी जाती है। वो है आरती, यहां से पढ़ें जय अम्बे गौरी आरती…

दुर्गा मां की आरती (Durga Maa Ki Aarti/Mata Ki Aarti):

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी,
तुमको निशदिन ध्यावत,
हरि ब्रह्मा शिवरी।

मांग सिंदूर विराजत,
टीको मृगमद को,
उज्ज्वल से दोउ नैना,
चंद्रवदन नीको॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

कनक समान कलेवर,
रक्ताम्बर राजै,
रक्तपुष्प गल माला,
कंठन पर साजै॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

केहरि वाहन राजत,
खड्ग खप्पर धारी,
सुर-नर-मुनिजन सेवत,
तिनके दुखहारी॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

कानन कुण्डल शोभित,
नासाग्रे मोती,
कोटिक चंद्र दिवाकर,
सम राजत ज्योती॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

शुंभ-निशुंभ बिदारे,
महिषासुर घाती,
धूम्र विलोचन नैना,
निशदिन मदमाती॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

चण्ड-मुण्ड संहारे,
शोणित बीज हरे,
मधु-कैटभ दोउ मारे,
सुर भयहीन करे॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

ब्रह्माणी, रूद्राणी,
तुम कमला रानी,
आगम निगम बखानी,
तुम शिव पटरानी॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

चौंसठ योगिनी मंगल गावत,
नृत्य करत भैरों,
बाजत ताल मृदंगा,
अरू बाजत डमरू॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

तुम ही जग की माता,
तुम ही हो भरता,
भक्तन की दुख हरता,
सुख संपति करता॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

भुजा चार अति शोभित,
खडग खप्पर धारी,
मनवांछित फल पावत,
सेवत नर नारी॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

कंचन थाल विराजत,
अगर कपूर बाती,
श्रीमालकेतु में राजत,
कोटि रतन ज्योती॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

श्री अंबेजी की आरति,
जो कोइ नर गावे,
कहत शिवानंद स्वामी,
सुख-संपति पावे॥
॥ॐ जय अम्बे गौरी…॥

जय अम्बे गौरी,
मैया जय श्यामा गौरी,
तुमको निशदिन ध्यावत,
हरि ब्रह्मा शिवरी।

देवी मां की पूजा से पहले भगवान गणेश जी की आरती करना न भूलें जिसके बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है…

गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti):

जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

एकदंत, दयावन्त, चार भुजाधारी,
माथे सिन्दूर सोहे, मूस की सवारी।
पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा,
लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा।। ..
जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।।

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया,
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया।
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा।

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।
कामना को पूर्ण करो जय बलिहारी।

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