Basant Panchami 2018, Saraswati Puja Vidhi Katha and Mantra in Hindi, Happy Basant Panchmi: All you Need to Know about how to do Worship of Mata Saraswati on Vasant Panchami Festival - बसंत पंचमी 2018 पूजा विधि: विधान के अनुसार पूजन से मिलता है फल, जानिए कैसे करें मां सरस्‍वती की पूजा - Jansatta
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बसंत पंचमी 2018 पूजा विधि: विधान के अनुसार पूजन से मिलता है फल, जानिए कैसे करें मां सरस्‍वती की पूजा

Basant Panchami 2018 Puja Vidhi, Mantra: बसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी के नाम से जाना जाता है। हर वर्ष हिंदू पंचाग के अनुसार माघ माह की शुक्ल पक्ष तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।

Basant Panchami 2018 Puja Vidhi: बसंत पंचमी के दिन ज्ञान-विज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी माता सरस्वती का जन्म हुआ था।

Basant Panchami 2018 Puja Vidhi: बसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी के नाम से जाना जाता है। हर वर्ष हिंदू पंचाग के अनुसार माघ माह की शुक्ल पक्ष तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन पीताम्बर धारण करना शुभ माना जाता है। इस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। भारत में पूरे साल को 6 ऋतुओं में बांटा जाता है, जिसमें से वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा माना जाता है। इस ऋतु में खेत-खलिहान सभी हरे-भरे होने शुरु हो जाते हैं। इसी कारण से वसंत ऋतु के स्वागत में बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस वर्ष बसंत पंचमी का त्योहार 22 जनवरी को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन ज्ञान-विज्ञान, संगीत, कला और बुद्धि की देवी माता सरस्वती का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।

बसंत पंचमी की पूजा विधि: देवी सरस्वती की पूजा करने वाले शख्स का शरीर पूरी तरह शुद्ध होना आवश्यक है। इसलिए सुबह पानी में नीम और तुलसी के पत्ते डालकर स्नान करना चाहिए। नहाने से पहले नीम और हल्दी का लेप लगाना चााहिए और नहाने के बाद पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए।

बसंत पंचमी 2018 पूजा शुभ मुहूर्त और पूजन विधि: जानें पूजा का शुभ समय और मंत्र

– पूजा के लिए पीले रंग के चावल, पीले लड्डू और केसर वाले दूध का इस्तेमाल किया जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार पूजा के लिए सफेद फूल, चन्दन, श्वेत वस्त्र से देवी सरस्वती जी की पूजा करनी चाहिए।

– पूजा से पहले मंदिर की सफाई करनी चाहिए। मूर्ति को हल्दी, कुमकुम, चावल और फूलों से श्रृंगार करें। मूर्ति के पास किताबें या वाद्ययंत्र रख लें। पानी से भरे एक कलश के पास पांच आम के पत्ते और एक सुपारी का पत्ता रखें। माता सरस्वती की मूर्ति के पास भगवान गणेश की मूर्ति रखें।

– माता सरस्वती के पूजन के लिए अष्टाक्षर मूल मंत्र “श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा” परम श्रेष्ठतम बहुत उपयोगी होता है।

बसंत पंचमी 2018 सरस्वती पूजा विधि और शुभ मुहूर्त: जानिए सरस्वती पूजा के मंत्र, आरती और शुभ समय

– गणेश वंदना के बाद माता सरस्वती चालीसा का पाठ करें। आखिर में विद्या और कला के लिए माता से वंदना करें। नई पुस्तकों पर रोली मोली से पूजा के बाद श्री गणेशाय नम: लिखें। हो सके तो इस दिन सरस्वती के नाम का व्रत रखें। रात में फिर से धुप और दीपक जलाकर 108 बार मां सरस्वती के नाम का जाप करें। पूजा के बाद देवी को दण्डवत प्रणाम करना चाहिए।

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