Mangal In Mesh,Vipreet Rajyog 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल को काफी महत्वपूर्ण ग्रहों में से एक माना जाता है। मंगल ग्रहों के सेनापति होने के साथ-साथ ऊर्जा, भाई, भूमि, शक्ति, साहस, पराक्रम, आत्मविश्वास, शौर्य आदि के कारक माने जाते हैं। ऐसे में मंगल की स्थिति में बदलाव का असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिलता है। इस समय मंगल मीन राशि में शनि के साथ विराजमान है। लेकिन 11 मई को वह राशि परिवर्तन करके अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश कर जाएंगे। मंगल इस राशि में आकर पंच महापुरुषों में से एक रूचक राजयोग का निर्माण करेंगे। इसके अलावा कुछ भावों में विपरीत राजयोग का निर्माण करेंगे, जिससे इन राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं मंगल के विपरीत राजयोग बनाने से किन राशियों के लिए लाभकारी हो सकता है…

ज्योतिष के अनुसार, जब मंगल लग्न या चंद्रमा से पहले (1, 4, 7, 10 भाव में मेष, वृश्चिक या फिर मकर में स्थिति हो, तो रूचक राजयोग बनता है। वहीं जब मंगल 6, 8 और 12 भावों में होने पर विपरीत राजयोग का निर्माण करते हैं। ऐसे में मंगल मेष राशि वृश्चिक, कन्या और वृषभ राशि में विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। जानिए इन राशियों को पर क्या प्रभाव देखने को मिलने वाला है।

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल 11 मई 2026, सोमवार को 12:47 पी एम बजे मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 21 जून तक इसी राशि में रहने वाले हैं। इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। करीब 18 महीनों बाद मंगल अपनी ही राशि मेष में प्रवेश कर रहे हैं। जहां पर शनि तथा राहु के अशुभ प्रभाव नहीं होगा। ऐसे में वह काफी शक्तिशाली स्थिति में होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल शुभ अवस्था में होते हैं तो साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि करते हैं।

मंगल ग्रह को मजबूत करने के उपाय

अगर आपकी कुंडली में मंगल की स्थिति कमजोर है, तो किसी भी राजयोग के बनने का संपूर्ण प्रभाव आपके ऊपर देखने को नहीं मिलने वाला है। ऐसे में मंगल को मजबूत करने के लिए हनुमान जी की पूजा करने के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके अलावा हर मंगलवार के दिन गुड़-मसूर की दाल का दान करें। इसके अलावा हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने से भी लाभ मिल सकता है।

वृषभ राशि पर मंगल के विपरीत राजयोग का असर (Taurus Zodiac)

इस राशि के जातकों के लिए विपरीत राजयोग कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के बारहवें भाव में मंगल विराजमान होंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। 12वें भाव के सक्रिय होने से इस राशि के जातकों को विदेश से जुड़े कार्यों जैसे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट, विदेशी व्यापार या विदेश में नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं। इसके अलावा आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। भविष्य के लिए भी बचत कर पाने में सफल हो सकते हैं। विदेश यात्रा के भी योग बन रहे हैं।

मंगल की चौथी दृष्टि तीसरे भाव में पड़ रही है। ऐसे में साहस, पराक्रम और संवाद क्षमता में वृद्धि देखने को मिलने वाली है। जो लोग अब तक अपनी बात खुलकर नहीं रख पा रहे थे, वे इस दौरान अधिक प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखने में सफल होंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और विरोधियों का सामना करने की शक्ति भी मिलेगी। मीडिया, कम्युनिकेशन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभदायक सिद्ध हो सकता है। सातवें भाव पर मंगल की दृष्टि व्यापार, साझेदारी और प्रोफेशनल संबंधों को सक्रिय करेगी।

विदेशों से जुड़े व्यापार, ऑनलाइन बिजनेस या विदेशी कंपनियों के साथ कार्य करने वालों के लिए उन्नति और नए अवसरों के योग बन सकते हैं। भूमि, भवन, संपत्ति और निवेश से जुड़े मामलों में भी यह गोचर सकारात्मक परिणाम दे सकता है। प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने के अवसर बन सकते हैं। अगर कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें भी सफलता हासिल हो सकती है। आपके पक्ष में स्थितियां बन सकती है। हालांकि भाई-बहन के स्वास्थ्य को लेकर परेशान हो सकते हैं। इसलिए थोड़ा सजग रहें।

कन्या राशि पर मंगल के विपरीत राजयोग का असर (Virgo Zodiac)

इस राशि के जातकों के लिए मंगल का विपरीत राजयोग बनाना कई मायनों में खास हो सकता है। इस राशि के छठे भाव में मंगल रहने वाले हैं। मंगल अष्टम भाव बैठकर ग्यारहवें भाव को देखेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को अचानक धन लाभ हो सकते हैं। लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। इसके साथ निवेश करने से आपको अच्छा खासा लाभ मिल सकता है। सट्टेबाजी, शेयर मार्केट के माध्यम से आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं। शनि के सप्तम भाव में होने से कार्यक्षेत्र में भी काफी लाभ मिल सकता है। हालांकि, मंगल अष्टम भाव में होने के कारण स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है, विशेषकर रक्त संबंधी समस्याओं और वाहन चलाते समय सतर्कता बरतनी चाहिए।

वृश्चिक राशि पर मंगल के विपरीत राजयोग का असर (Scorpio Zodiac)

मंगल के वृश्चिक राशि में आने से इस राशि के जातकों के लिए भी विपरीत राजयोग काफी लाभकारी हो सकता है। इस राशि के जातकों के लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ धन्य-धान्य की बढ़ोतरी हो सकती है। मंगल के प्रभाव के कारण आपको शत्रुओं पर विजय मिल सकती है। इसके अलावा कार्यस्थल में लंबे समय से चली आ रही समस्याएं, बाधाएं अब समाप्त हो सकती है। एक नई ऊर्जा के साथ आप आगे बढ़ सकते हैं। ऐसे में आपके आत्म विश्वास में भी वृद्धि देखने को मिलने वाली है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, स्पोर्ट्स या टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़े जातकों को इस अवधि में विशेष लाभ मिल सकता है।

ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।

मेष वार्षिक राशिफल 2026वृषभ वार्षिक राशिफल 2026
मिथुन वार्षिक राशिफल 2026कर्क वार्षिक राशिफल 2026
सिंह वार्षिक राशिफल 2026कन्या वार्षिक राशिफल 2026
तुला वार्षिक राशिफलवृश्चिक वार्षिक राशिफल 2026
धनु वार्षिक राशिफल 2026मकर वार्षिक राशिफल 2026
कुंभ वार्षिक राशिफल 2026मीन वार्षिक राशिफल 2026

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।