दिव्य धाम की सीरीज में यहं हम बात करने जा रहे हैं मल्लिकार्जुन मंदिर के बारे में, जो आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में श्रीशैलम पर्वत पर स्थित है। दक्षिण भारत के मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग को भगवान भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मंदिर श्रीशैलम में नल्लमाला पहाड़ियां के बीच स्थित है और कृष्णा नदी के किनारे बसा हुआ है। यहां भगवान शिव ‘मल्लिकार्जुन’ और माता पार्वती ‘भ्रमराम्बा’ के रूप में विराजमान हैं। यह दुनिया के एकमात्र तीन मंदिरों में से एक है जहां ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ दोनों एक ही स्थान पर स्थित हैं। यहां माता सती का ऊपरी होंठ गिरा था।

14 मई से मिथुन, सिंह और कन्या राशि वालों के जीवन में आ सकता है सकारात्मक बदलाव, गुरु और शुक्र बनाएंगे गजलक्ष्मी राजयोग

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का धार्मिक महत्व

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यहां एक साथ शिव और शक्ति दोनों की आराधना का पुण्य मिलता है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ माता सती के 18 महाशक्तिपीठों में से एक है। इसे ‘दक्षिण का कैलाश’ भी कहा जाता है, जहाँ शिव (मल्लिकार्जुन) और पार्वती (भ्रामरम्बा) एक साथ वास करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती अपने पुत्र कार्तिकेय को मनाने के लिए यहां आए थे। इसी कारण यह स्थान पारिवारिक सुख और शांति का भी प्रतीक माना जाता है।

मंदिर का इतिहास

मल्लिकार्जुन मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना माना जाता है। इस मंदिर का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों और पुराणों में मिलता है। विभिन्न राजवंशों जैसे सातवाहन वंश, विजयनगर साम्राज्य और काकतीय वंश ने इस मंदिर का निर्माण और विस्तार कराया। आपको बता दें कि मंदिर की वास्तुकला द्रविड़ शैली की उत्कृष्ट मिसाल मानी जाती है।

05 या 06 मई कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी, जानिए तिथि, पूजा- विधि और शुभ मुहूर्त

कैसे पहुंचे मल्लिकार्जुन मंदिर

अगर हम मंदिर से सबसे पास एयरपोर्ट की बात करें तो सबसे नजदीकी एयरपोर्ट राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (हैदराबाद) है, जो लगभग 200 किमी दूर है। वहीं नजदीकी रेलवे स्टेशन मार्कापुर रोड रेलवे स्टेशन है, जहां से सड़क मार्ग द्वारा श्रीशैलम पहुंच सकते हैं। साथ ही आपको बता दें कि हैदराबाद, कुरनूल और विजयवाड़ा से नियमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

मेष राशि का वर्षफल 2026वृष राशि का वर्षफल 2026
मिथुन राशि का वर्षफल 2026कर्क राशि का वर्षफल 2026
सिंह राशि का वर्षफल 2026कन्या राशि का वर्षफल 2026
तुला राशि का वर्षफल 2026वृश्चिक राशि का वर्षफल 2026
धनु राशि का वर्षफल 2026मकर राशि का वर्षफल 2026
कुंभ राशि का वर्षफल 2026मीन राशि का वर्षफल 2026

डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें