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Mahesh Navmi 2020: 31 मई को मनाई जाएगी महेश नवमी, जानिए क्यों खास है यह दिन और क्या है मान्यता

Mahesh Navami 2020: माहेश्वरी समाज के द्वारा इस पर्व को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। भगवान शिव की आज्ञा से ही माहेश्वरी समाज के पूर्वजों ने क्षत्रिय कर्म छोड़कर वैश्य समाज को अपनाया। तब से ही यह समुदाय 'माहेश्वरी' नाम से प्रसिद्ध हुआ।

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Mahesh Navami 2020 Date: ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी मनाई जाती है। जो इस साल 31 मई को पड़ रही है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। माहेश्वरी समाज के द्वारा इस पर्व को बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। महेश नवमी पूजा का मुहूर्त 31 मई को शाम 5:35 बजे तक रहेगा।

पूजा विधि: इस दिन कमल पुष्पों से भगवान शिव की पूजा करें। गंगाजल से शिवलिंग का जलाभिषेक करें। शिव जी को पुष्प, बेल पत्र आदि चढ़ाएं। फिर उस पर भस्म से त्रिपुंड लगाएं। इस दिन भगवान शिव की पूजा के समय डमरू बजाया जाता है। शिव पार्वती दोनों की पूजा से खुशहाल जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

मान्यता: धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माहेश्वरी समाज के पूर्वज क्षत्रिय वंश के थे। शिकार के दौरान वे ऋषियों के शाप से ग्रसित हुए। तब इस दिन भगवान शिव ने उन्हें शाप से मुक्त कर उनके पूर्वजों की रक्षा की व उन्हें हिंसा छोड़कर अहिंसा का मार्ग बतलाया था। युधिष्ठिर संवत 9 ज्येष्ठ माह शुक्ल नवमी के दिन भगवान महेश और आदिशक्ति माता पार्वती ने ऋषियों के श्राप के कारण पत्थर बने हुए 72 क्षत्रिय उमराओं को श्रापमुक्त किया और पुनर्जीवन देते हुए कहा कि ‘आज से तुम्हारे वंश पर हमारी छाप रहेगी, तुम ‘माहेश्वरी’ कहलाओगे’। भगवान महेश और माता पार्वती की कृपा से 72 क्षत्रिय उमरावों को पुनर्जीवन मिला। भगवान शिव की आज्ञा से ही माहेश्वरी समाज के पूर्वजों ने क्षत्रिय कर्म छोड़कर वैश्य समाज को अपनाया। तब से ही यह समुदाय ‘माहेश्वरी’ नाम से प्रसिद्ध हुआ।

महेश नवमी पंचांग: इस दिन सूर्य वृषभ में तो चंद्र सिंह राशि में रहेगा। नक्षत्र उत्तराफाल्गुनी और योग वज्र रहेगा। महेश नवमी के दिन कई शुभ मुहूर्त भी रहने वाले हैं। अमृत काल 08:20 PM से 09:49 PM तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहने वाला है। अमृत सिद्धि योग 03:01 AM जून 01 से 05:12 AM जून 01 तक रहेगा। रवि योग भी पूरे दिन रहने वाला है।

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