ताज़ा खबर
 

Magha Navratri 2020: माघ गुप्त नवरात्रि कब से हो रही है शुरू? क्या है इन दिनों का महत्व

Magha Gupta Navratri 2020: जिस प्रकार शारदीय और चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, उसी तरह गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या की पूजा की जाती है।

Author नई दिल्ली | Updated: January 16, 2020 5:51 PM
माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी के साधक पूजा से संबन्धित कड़े नियमों का पालन करते हैं।

Magha Gupta Navratri 2020: भागवत पुराण के मुताबिक साल में चार नवरात्रि पड़ती है। जिसमें से शारदीय और चैत्र नवरात्रि प्रमुख हैं। इसके अलावा साल में दो गुप्त नवरात्रि भी पड़ती है। जिस प्रकार शारदीय और चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, उसी तरह गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या की पूजा की जाती है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में क्रमशः काली, तारा, षोडशी (त्रिपुर सुंदरी) भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमवाती, बंगलामुखी, मतंगी और लक्ष्मी देवी की उपासना की जाती है। माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी के साधक पूजा से संबन्धित कड़े नियमों का पालन करते हैं। यह इस बार 25 जनवरी से शुरू होकर 04 फरवरी तक चलने वाला है।

शुभ मुहूर्त: माघ नवरात्रि के लिए घट स्थापना 25 जनवरी, शनिवार को की जाएगी। घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 09 बजकर 48 मिनट से लेकर 10 बजकर 47 मिनट तक है। यानि घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त की कुल अवधि 59 मिनट है। इसके अलावा घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त 12:12 पी एम से 12:55 पी एम तक है।

माघ नवरात्रि के नौ दिनों के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है। कलश स्थापना करने वाले साधक सुबह और शाम के समय दुर्गा चालीसा, सप्तशती का पाठ या मंत्रों का जाप करते हैं। इसके अलावा दोनों वक्त देवी की आरती करनी होती है। देवी दुर्गा को लाल फूल अधिक प्रिय माना गया है इसलिए साधक ये कोशिश करते हैं कि भगवती को लाल पुष्प चढ़ाया जाए। माघ गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में खान-पान और आहार बिलकुल सात्विक होता है।

तंत्र साधना में विश्वास रखने वाले साधक के लिए गुप्त नवरात्रि खास महत्व की मानी गई है। धार्मिक मान्यता है कि माघ गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्या की गुप्त रूप से आराधना की जाती है। इसलिए इस नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि का नाम दिया गया है। इस नवरात्रि के आठवें या नौवें दिन साधक कन्या पूजन के साथ ही व्रत का उद्यापन करते हैं। तंत्र विद्या के जानकार ऐसा कहते हैं कि गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधना किसी योग्य साधक के मार्गदर्शन और संरक्षण करना चाहिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 Bigg Boss एक्स कंटेस्टेंट मंदाना करीमी का हॉट लुक वायरल, फारसी में समझाया प्यार का मतलब
2 'मैं शादी का फैसला लूंगा तो...', मलाइका से शादी का घरवालों के प्रेशर पर बोले Arjun Kapoor
3 चाणक्य नीति: इन बातों को कभी किसी से नहीं करना चाहिए शेयर, नहीं तो पड़ जायेंगे मुश्किल में
ये पढ़ा क्या?
X