ताज़ा खबर
 

Magh Mela 2020 dates: आर्थिक मंदी दूर करने के लिए हो रही 54 त्रिशूलों की पूजा, जानिए माघ मेले की महत्वपूर्ण तिथियां

Magh Mela 2020 Allahabad Dates: हिंदू धर्म में माघ के महीने को बेहद ही पवित्र माना जाता है। इन दिनों जप तप, स्नान, दान और पुण्य का विशेष महत्व है। पौष पूर्णिमा से हर साल प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो जाता है। यहां लाखों की संख्या में तीर्थयात्री आस्था की डुबकी लगाने और कल्पवास करने के लिए एकत्रित होते हैं।

प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो चुका है।

Magh Mela 2020 Prayagraj: माघ मेले की शुरुआत हो चुकी है। ये मेला महाशिवरात्रि यानी 21 फरवरी तक चलेगा। जिसकी शुरुआत 10 जनवरी से हुई है। हिंदू धर्म में माघ के महीने को बेहद ही पवित्र माना जाता है। इन दिनों जप तप, स्नान, दान और पुण्य का विशेष महत्व है। पौष पूर्णिमा से हर साल प्रयागराज में माघ मेला शुरू हो जाता है। यहां लाखों की संख्या में तीर्थयात्री आस्था की डुबकी लगाने और कल्पवास करने के लिए एकत्रित होते हैं। जानिए क्या खास है इस बार के माघ मेले में और क्या है महत्वपूर्ण तिथियां…

ऐसे समय में जब आर्थिक विशेषज्ञ देश में आर्थिक मंदी का मुकाबला करने के लिए एक रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में संत भी अपना काम कर रहे हैं। परमहंस आश्रम (अमेठी) के महंत मौनी महाराज एक विशेष ‘त्रिशूल पूजा’ करेंगे जिसमें हवन और आरती शामिल है। इस पूजा के माध्यम से वो धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश करेंगे जिससे देश की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार आ सके। माघ मेले में उनके शिविर में इस संबंध में अनुष्ठान एक महीने तक जारी रहेगा।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए, महंत ने कहा: “यह पूजा 54 ‘त्रिशूल’ (त्रिशूल) के साथ आयोजित की जाती है और अनुष्ठानों को दिन में तीन बार आयोजित किया जाता है। पूजा के लिए त्रिशूल को लाल रंग से रंगा गया है और देवी को प्रसन्न करने के लिए फूलों और सूखे फलों का प्रसाद बनाया जाता है।

संगम तट पर कल्पवास: माघ मेले के दौरान संगम तट पर ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए श्रद्धालु कुछ दिनों के लिए वास करते हैं। इसे ही ‘कल्‍पवास’ कहा जाता है। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार माघ के महीने में पवित्र गंगा नदी में स्‍नान करना फलदायी होता है। जानिए स्नान की कौन-कौन सी तारीखें हैं विशेष…

स्‍नान की विशेष तिथियां:
पौष पूर्णिमा- 10 जनवरी (शुक्रवार) ये निकल चुकी है।
मकर संक्रांति- 15 जनवरी (बुधवार) पवित्र नदी में स्नान करने के लिए बेहद शुभ दिन
मौनी अमावस्या- 24 जनवरी (शुक्रवार) नदी स्नान के लिए शुभ दिन और पितरों के तर्पण के लिए भी
बसंत पंचमी- 30 जनवरी (मंगलवार) इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से मिलेगा मोक्ष
माघी पूर्णिमा- 9 फरवरी (रविवार) नदी स्नान के लिए ये दिन भी माना गया है विशेष
महाशिवरात्रि- 21 फरवरी (शुक्रवार) माघ मेले का आखिरी दिन और नदी स्नान की दृष्टि से बेहद शुभ दिन

Next Stories
1 साप्ताहिक राशिफल (Saptahik Rashifal): ग्रहों के राशि परिवर्तन से जानिए कैसा रहने वाला है आपका ये सप्ताह, 3 राशि वालों के लिए खुशखबरी
2 Lohri 2020: क्यों और कैसे मनाया जाता है लोहड़ी पर्व, जानिए इसकी पूजा विधि और महत्व
3 Sakat Chauth 2020: सकट चौथ पूजन की सही विधि, कथा, आरती, मंत्र और चांद निकलने का समय यहां देखें
ये पढ़ा क्या?
X