Maa Siddhidatri Ki Aarti Lyrics: नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री देवी की आराधना करने का विधान है। इसके साथ ही इस दिन कन्या पूजन करने के साथ कई साधक व्रत का पारण कर देते हैं। मां दुर्गा का ये स्वरूप की पूजा करने से सिद्धियों की प्राप्ति होती है। हिंदू मान्यता के अनुसार, मां सिद्धिदात्री ने भगवान शिव को अष्ट सिद्धियां प्रदान की थीं, जिसके बाद शिव का आधा शरीर देवी स्वरूप में बदल गया और वे अर्धनारीश्वर कहलाए। इसलिए मां सिद्धिदात्री को शक्ति का सर्वोच्च रूप माना जाता है। आइए जानते हैं मां सिद्धिदात्री की आरती के बारे में…
मां सिद्धिदात्री की आरती (Maa Siddhidatri Ki Aarti Lyrics)
जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दाता
तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता,
तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि!!
कठिन काम सिद्ध कराती हो तुम
जब भी हाथ सेवक के सर धरती हो तुम,
तेरी पूजा में तो न कोई विधि है
तू जगदम्बे दाती तू सर्वसिद्धि है!!
रविवार को तेरा सुमरिन करे जो
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो,
तुम सब काज उसके कराती हो पूरे
कभी काम उसके रहे न अधूरे!!
तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया
रखे जिसके सर पर मैया अपनी छाया,
सर्व सिद्धि दाती वो है भाग्यशाली
जो है तेरे दर का ही अम्बे सवाली!!
हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा
महा नंदा मंदिर में है वास तेरा,
मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता
वंदना है सवाली तू जिसकी दाता!!
मां सिद्धिदात्री के मंत्र:
सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
