Chandra Grahan 2026 Date: हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है। यह केवल एक खगोलीय घटना ही नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी पड़ता है। हिंदू मान्यताओं में ग्रहण काल को अशुभ समय माना गया है, इसलिए यदि भारत में ग्रहण दिखाई देता है, तो सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता और मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं।

इस वर्ष का दूसरा यानी आखिरी चंद्र ग्रहण श्रावण मास की पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन के दिन पड़ रहा है। जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो कई देशों में ‘ब्लड मून’ का दुर्लभ दृश्य देखने को मिलता है। ऐसे में यदि यह ग्रहण भारत में दिखाई देता है, तो धार्मिक रूप से सूतक काल मान्य होगा। अब जानते हैं कि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं, सूतक काल का समय क्या रहेगा और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें।

खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन इसका दृश्य प्रभाव लगभग पूर्ण ग्रहण जैसा लगेगा। इसकी वजह यह है कि इस दौरान पृथ्वी की गहरी छाया (अम्ब्रा) चंद्रमा के करीब 93 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगी। जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरते समय मुड़ जाती हैं। इस प्रक्रिया के कारण चंद्रमा पूरी तरह काला दिखाई देने के बजाय गहरे लाल रंग का नजर आता है।

चंद्र ग्रहण की तिथि और समय 2026 (Chandra Grahan 2026 Date)

साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को लग रहा है, जो सुबह 06:53 से दोपहर 12:31 तक रहेगा। ये समय timeanddate वेबसाइट के द्वारा बताया गया है। इस दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है।

उपछाया ग्रहण- 28 अगस्त को 06:53
आंशिक सूर्यग्रहण- 28 अगस्त को 08:03
अधिकतम ग्रहण- 28 अगस्त को 09:42
आंशिक सूर्यग्रहण समापन का समय-
28 अगस्त को 11:21 पर
उपछाया ग्रहण समाप्त- 28 अगस्त को दोपहर 12:31 पर

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भारत में दिखेगा कि नहीं

साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह के समय आरंभ हो रहा है। ऐसे में ये भारत में नजर नहीं आएगा। भारत में नजर न आने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा।

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण आरंभ होने के करीब 9 घंटे पहले से सूतक काल आरंभ हो जाता है, जो मोक्षकाल के साथ समाप्त हो जाता है। इस अवधि में मंदिरों के कपाट बंद होने के साथ शुभ, मागंलकि कामों को करने की मनाही होती है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। लेकिन इस बार भारत में चंद्र ग्रहण नजर नहीं आ रहा है। इसलिए सूतक काल मान्य नहीं होगा।

भारत के अलावा किन देशों में दिखाई देगा चंद्र ग्रहण

ये चंद्र ग्रहण यूरोप, पश्चिमी एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर और अंटार्कटिका आदि जगहों पर दिखाई दे सकता है।

चंद्र ग्रहण का राशियों पर असर (Chabdra Grahan 2026 Horoscope)

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा कुंभ राशि में राहु के साथ विराजमान होंगे। ऐसे में ग्रहण योग का भी निर्माण होगा। ऐसे में 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है।

मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों को सतर्क रहने की जरूरत है। इव राशि के जातकों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी प्रकार का जल्दबाजी करने से बचें। हर काम को सावधानी के साथ करने की कोशिश करें। आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में बेवजह के खर्च से बचकर रहें। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है। अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की जरूरत है।  

मिथुन, कर्क, तुला, धनु, धनु, कुंभ और मीन राशि के जातकों के जीवन में काफी हद तक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। करियर में बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। नए अवसर मिल सकते हैं। इसलिए सोच-विचार कर निर्णय लें। परिवार के साथ अच्छा वक्त बीत सकता है। वैवाहिक जीवन में चली आ रही समस्याएं समाप्त हो सकता है। पार्टनर के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। नई योजनाएं बन सकती हैं। इसके अलावा यात्रा के योग बन रहे हैं। धन लाभ के संकेत हैं। इस अवधि में निवेश करना लाभकारी हो सकता है। आध्यात्मिकता की ओर झुकाव बढ़ेगा। मानसिक शांति के लिए ध्यान करें।

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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।