मई में लगने जा रहा है चंद्र ग्रहण, कब, कहां और कैसे देगा दिखाई जानिए पूरी डिटेल यहां

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2021: चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगा और शाम में 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।

Chandra Grahan 2021, lunar eclipse 2021, chandra grahan 2021 date, lunar eclipse 2021 in india,ग्रहण एवं सूतक के दौरान समस्त प्रकार के ठोस एवं तरल खाद्य पदार्थों का सेवन निषिद्ध है।

Chandra Grahan (Lunar Eclipse) 2021 Date And Time: साल का पहला ग्रहण होगा चंद्र ग्रहण। जो 26 मई को लगने जा रहा है। इस दिन वैशाख पूर्णिमा भी है। वृश्चिक राशि वालों पर इस ग्रहण का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण होगा जो भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजकर 17 मिनट पर शुरू होगा और शाम में 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा।

क्यों नहीं लगेगा सूतक: ये ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दिन में लग रहा है। इसलिए भारत के लोग इस ग्रहण को नहीं देख पाएंगे। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जो चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से स्पष्ट दिखाई न दे उस चन्द्रग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होता है। उपच्छाया वाले चन्द्रग्रहण नग्न आँखों से दृष्टिगत नहीं होते हैं इसीलिये इस ग्रहण का सूतक काल नहीं होता है। केवल प्रच्छाया वाले चन्द्रग्रहण जिन्हें हम खुली आँखों से देख पाते हैं उनका ही विचार किया जाता है।

ग्रहण से संबंधित सावधानियां: सूतक: सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण से पूर्व सूतक लग जाता है। हिन्दु मान्यताओं के अनुसार सूतक काल के समय पृथ्वी का वातावरण दूषित हो जाता है। जिस कारण इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते। साथ ही कुछ विशेष कार्यों को करने की भी मनाही होती है। वास्तु अनुसार घर में इन जगहों पर झाड़ू रखने से होता है आर्थिक नुकसान, जानिए इससे जुड़े नियम

ग्रहणकाल के समय भोजन: सूतक लगने से लेकर ग्रहण खत्म होने तक भोजन नहीं करने की सलाह दी जाती है। ग्रहण एवं सूतक के दौरान समस्त प्रकार के ठोस एवं तरल खाद्य पदार्थों का सेवन निषिद्ध है।

गर्भवती स्त्रियों के लिये सावधानियाँ: गर्भवती स्त्रियों को ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि ग्रहण से निकलने वाली दूषित ऊर्जा का बुरा प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ने के आसार रहते हैं। ग्रहणकाल में गर्भवती को कुछ भी काटने और सिलने से भी मना किया जाता है।

प्रतिबन्धित गतिविधियाँ: ग्रहण काल में तेल मालिश करना, भोजन करना, जल ग्रहण करना, मल-मूत्र विसर्जन करना, बाल बनाना, मञ्जन-दातुन करना तथा यौन गतिविधियों में लिप्त होना मना किया जाता है। शुक्र ग्रह का राशि परिवर्तन कब? 5 राशि वालों की सुख सुविधाओं में होने वाली है बढ़ोतरी

ग्रहण के दौरान मंत्र जाप करें:
तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।
हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥१॥

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