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काफी लोगों को नहीं पता रामायण से जुड़ी ये पांच बातें, आप जानते हैं ?

राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न चार भाई थे, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते है कि उनकी एक बड़ी बहन भी थी जिनका नाम शांता था।

हिंदू धर्म ग्रंथ में रामायण को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।

रामायण के बारे जानकारी में हमने रामलीला देखकर या टीवी पर सीरियल देखकर हासिल की होगी। वहीं कुछ लोगों ने रामायण का अध्ययन भी किया होगा। लेकिन इस दौरान कुछ ऐसे तथ्य भी है, जिन्हें ज्यादातर लोग नहीं जानते। ऐसे लोगों के लिए आज हम आपको बता रहे हैं पांच ऐसी बातें जिनके बारे में बहुत ही कम लोगों को पता है।

राम की एक बड़ी बहन भी थीं- हम सब यह जानते है कि राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न चार भाई थे, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते है कि उनकी एक बड़ी बहन भी थी जिनका नाम शांता था। पौराणिक कथा के अनुसार अंग देश के राजा रोमरपंत की कोई संतान नहीं थी, जिस वजह से वह बहुत दुखी थे जब उन्होंने ये अपना दुख राजा दशरथ के सामने व्यक्त किया तो उन्होंने अपनी पुत्री शांता उन्हें गोद दे दी।

लक्ष्मण को राम ने दिया था मृत्यु दंड- यह जानकारी बहुत ही चौंका देने वाली है कि श्रीराम जी ने ही लक्ष्मण को मृत्यु दण्ड दिया था। एक बार यमराज श्रीराम जी के पास आए और उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ महत्वपूर्ण बातें करनी है लेकिन बात करने से पहले उन्होंने श्रीराम जी से वचन लिया कि अगर हमें किसी ने बात करते हुए देखा या सुना तो उसे मृत्यु दण्ड देना होगा। वह दोनों जब बात कर रहे थे तभी लक्ष्मण अंदर आ गए और मजबूरन राम जी को लक्ष्मण को मृत्यु दण्ड देना पड़ा।

लक्ष्मण शेषनाग के अवतार- हम सब लोग यह जानते है कि भगवान राम विष्णु जी के अवतार थे पर यह कोई नहीं जानता कि लक्ष्मण शेषनाग के अवतार थे।

हनुमान जी का ऐसे पड़ा बजरंगबली नाम- पौराणिक कथा के मुातबिक एक बार सीता सिन्दूर लगा रही थीं तो हनुमान जी ने माता से पूछा है कि माता आप रोज सिन्दूर क्यों लगाती हैं सीता ने बताया कि वह श्री राम की लम्बी उम्र के लिए ऐसा करती है। यह सुन कर हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिन्दूर लगा लिया तभी से उन्हें बजरंग बली कहा जाने लगा। हिन्दी में बजरंग को सिन्दूर कहा जाता है इसलिए उन्हें बजरंग बली कहा जाने लगा।

वनवास के दौरान नहीं सोए थे लक्ष्मण- ये तो सब जानते है कि लक्ष्मण जी चौदह साल तक वनवास में थे लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे कि वह चौदह साल में एक बार भी सोये नहीं थे। उन्होंने नींद कि देवी निंदरा से वरदान लिया था कि उन्हें चौदह साल तक नींद न आए ताकि वह अपने बड़े भाई और सीता जी की सेवा कर सके। लक्ष्मण जी के बदले की नींद उनकी पत्नी उर्मिला को मिली थी और वह चौदह साल तक सोई रही थी ।

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