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महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने 18 दिनों तक खाई थी मूंगफली, पढ़ें पूरा प्रसंग

महाभारत युद्ध की घोषणा हुई तो पांडवों और कौरवों ने अलग-अलग राज्यों के राजाओं को युद्ध में उनका साथ देने के लिए आमंत्रित किया। इस आमंत्रण को कई राजाओं ने स्वीकार किया और युद्ध में शामिल होने के लिए आए।

Author नई दिल्ली | April 18, 2018 4:13 PM
सांकेतिक तस्वीर।

महाभारत युद्ध से जुड़े तमाम प्रसंग काफी प्रचलित हैं। इन्हीं प्रसंगों में से एक है भगवान श्रीकृष्ण द्वारा लगातार 18 दिनों तक मूंगफली खाने का प्रसंग। इस प्रसंग के मुताबिक श्रीकृष्ण को महाभारत युद्ध के दौरान उडुपी राज्य के राजा की मदद करने के लिए ऐसा करना पड़ा था। दरअसल जब महाभारत युद्ध की घोषणा हुई तो पांडवों और कौरवों ने अलग-अलग राज्यों के राजाओं को युद्ध में उनका साथ देने के लिए आमंत्रित किया। इस आमंत्रण को कई राजाओं ने स्वीकार किया और युद्ध में शामिल होने के लिए आए। इन राजाओं ने अपनी-अपनी पसंद के हिसाब से पांडवों या फिर कौरवों की ओर से लड़ने का फैसला किया।

प्रसंग के मुताबिक, इन्हीं राजाओं में से एक थे उडुपी राज्य के राजा। उन्होंने महाभारत युद्ध में पांडवों या फिर कौरवों के पक्ष में लड़ने से मना कर दिया। उडुपी के राजा ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा, “हे प्रभु! महाभारत का युद्ध काफी लंबा चलेगा और योद्धा हर रात युद्ध-विराम होने पर थककर अपने शिविर में आएंगे। ऐसे में उन्हें खाने की जरूरत पड़ेगी। इसलिए मैं चाहता हूं कि मैं रणभूमि में जाकर युद्ध ना करूं, बल्कि युद्ध करके रात को शिविर में भूखे पेट आए योद्धाओं के लिए खाने का प्रबंध करूं।” श्रीकृष्ण को उडुपी राजा का विचार का पसंद आया और उन्होंने इसकी इजाजत दे दी।

इसके बाद उडुपी राजा के समक्ष एक और समस्या आ खड़ी हुई। समस्या यह थी कि प्रत्येक दिन युद्ध में कुछ योद्धा मारे जाएंगे। ऐसे में कितने लोगों के लिए खाने का प्रबंध किया जाए, ताकि अन्न की बर्बादी ना हो और खाना किसी के लिए कम भी ना पड़े। उन्होंने अपनी इस समस्या के बारे में श्रीकृष्ण को बताया। श्रीकृष्ण ने उडुपी राजा की इस समस्या का समाधान निकाला। श्रीकृष्ण ने कहा कि युद्ध के दौरान जितने योद्धा मारे जाएंगे, वह उतने मूंगफली के दाने खाएंगे। श्रीकृष्ण ने लगातार 18 दिन तक ऐसा ही किया। दिलचस्प यह कि इसकी जानकारी केवल उडुपी राजा को ही थी।

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