ताज़ा खबर
 

किसी की बहन और पत्नी पर बुरी नजर डालने वालों के लिए भगवान राम ने बताई थी यह सजा

बाली की पत्नी को रोते देखकर भगवान राम ने कहा- शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और आयु से मिलकर बना है।

तस्वीर का इस्तेमाल सांकेतिक तौर पर किया गया है।

धर्म ग्रंथ रामायण में बालि के बारें में कहा जाता था कि वो किसी से भी युद्ध करते तो सामने वाले की आधी शक्ति उनमें आ जाती। यही कारण था कि उन्हें हराना आसान नहीं था। बालि कभी किसी से युद्ध नहीं हारा। रावण जैसे योद्धा को उसने बुरी तरह से हराया। जो कोई भी बालि से लड़ने गया उसने मुंह की खाई। लेकिन बालि भगवान राम के तीर से मर गए। भगवान राम ने उन्हें छिपकर तीर मारा। तीर लगते ही वो जमीन में गिर गए।

तीर मारने के बाद भगवान राम बालि के पास पहुंचे। बालि ने भगवान राम को कहा कि आप धर्म की रक्षा करते हैं तो फिर मुझे इस प्रकार क्यों मारा। इस सवाल के जवाब में श्रीराम ने कहा- अनुज बधू भगिनी सुत नारी। सुनु सठ कन्या सम ए चारी॥ इन्हहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई। ताहि बधें कछु पाप न होई॥

इसका अर्थ होता है- किसी के भी छोटे भाई की पत्नी, बहन, पुत्र की पत्नी और पुत्री, ये सब समान होती है। जो कोई भी इन पर बुरी नजर डालता है, अगर ऐसे लोगों को मारा जाता है तो इसमें कोई बुराई नहीं होती। भगवान राम ने आगे कहा कि बालि, तूने अपने भाई सुग्रीव की पत्नी पर बुरी नजर रखी और सुग्रीव को मारना चाहा। यही कारण था कि तुझे बाण मारा गया। श्री राम का ये जबाव सुनकर बालि संतुष्ट हो गया और श्रीराम से अपने पापों की क्षमा याचना की और अपने प्राण त्याग दिए। साथ ही बालि ने अपने बेटे अंगद को श्रीराम की सेवा में सौंप दिया।

बालि के मरने के बाद बालि की पत्नी तारा रोने लगी। बाली की पत्नी को रोते देखकर भगवान राम ने कहा- शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और आयु से मिलकर बना है। भगवान राम ने कहा- बालि ने शरीर तुम्हारे सामने सोया है, लेकिन उसकी आत्मा अमर है। इसलिए रोना नहीं चाहिए। भगवान राम की बाते सुनकर तारा शांत हुई। ये सारी बाते होने के बाद श्री राम ने सुग्रीव को राज्य सौंप दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App