ताज़ा खबर
 

Lohri 2020: क्यों और कैसे मनाया जाता है लोहड़ी पर्व, जानिए इसकी पूजा विधि और महत्व

Lohri 2020: इस त्योहार में शाम के समय लोहड़ी जलाई जाती है। लोहड़ी की पवित्र अग्नि में लोग मूंगफली, गजक, तिल, मक्का डालकर चारों तरफ परिक्रमा भी करते हैं और गाते बजाते हुए इस त्योहार का जश्न मनाया जाता है।

Lohri 2020 Date, Puja Vidhi, Timings: यह पर्व नए विवाहित जोड़े और बच्चों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होता है।

आनंद और खुशियों का प्रतीक त्योहार लोहड़ी इस साल कहीं 13 जनवरी तो कहीं 14 जनवरी को मनाया जायेगा। मूलरूप से यह पर्व पंजाब और हरियाणा में मनाया जाता है लेकिन इसकी बढ़ती हुई लोकप्रियता के कारण अब इसे भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मनाया जाने लगा है। इस पर्व को लोग नाच गाकर एक साथ सेलिब्रेट करते हैं। ये दिन शरद ऋतु के समापन से भी जोड़कर देखा जाता है। इसे किसानों का आर्थिक रूप से नूतन वर्ष भी कहा जाता है। जानिए कैसे मनाई जाती है लोहड़ी और क्या है इसका मुहूर्त…

Happy Lohri 2020: Wishes Images, Status, Quotes, Wallpapers, Messages, Greetings Card, Photos

इस त्योहार में शाम के समय लोहड़ी जलाई जाती है। लोहड़ी की पवित्र अग्नि में लोग मूंगफली, गजक, तिल, मक्का डालकर चारों तरफ परिक्रमा भी करते हैं और गाते बजाते हुए इस त्योहार का जश्न मनाया जाता है। पारंपरिक रूप से इस पर्व वाले दिन लोहड़ी की अग्नि में रवि की फसलों को अर्पित किया जाता है और परिवार में सुख समृद्धि की कामना की जाती है। इस दिन सरसों दा साग, मक्के की रोटी बनाई जाती है। यह पर्व नए विवाहित जोड़े और बच्चों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण होता है। इस दिन छोटे बच्चे घर-घर जाकर लोहड़ी की बधाई मांगते हैं और लोग बच्चों को लोहड़ी बधाई के रूप में खाने-पीने की चीजें देते हैं। नये शादीशुदा लोग इस दिन लोहड़ी की परिक्रमा कर अपने सुखी जीवन की कामना करते हैं।

लोहड़ी पर ऐसे करें पूजन: इस दिन पश्चिम दिशा में पश्चिम की तरफ ही मुख करके पूजा की जाती है। इसके लिए एक काले कपड़े पर महादेवी का चित्र स्थापित करें। उनके आगे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। सिंदूर चढ़ाएं, बेलपत्र चढ़ाकर रेवड़ियों का भोग लगाएं। सूखे नारियल का गोला लें उसमें कपूर डालकर अग्नि जलाकर उसमें रेवड़ियां, मूंगफली व मक्का डालें। इसके बाद उस अग्नि की परिक्रमा कम से कम 7 बार जरूर करें। ॐ सती शाम्भवी शिवप्रिये स्वाहा॥ मंत्र का जाप करें। पौराणिक कथाओं के अनुसार लोहड़ी आद्यशक्ति, श्रीकृष्ण व अग्निदेव के पूजन का पर्व है।

2020 का वार्षिक राशिफल देखें यहां…

मेष (Aries ) | वृषभ (Taurus) | मिथुन (Gemini) | कर्क (Cancer) | सिंह (Leo) | कन्या (Virgo) | तुला (Libra) | वृश्चिक (Scorpio) | धनु (Sagittarius) | मकर (Capricorn) | कुंभ (Aquarius) | मीन (Pisces)

Live Blog

Highlights

    09:39 (IST)13 Jan 2020
    लोहड़ी पर ऐसे करें पूजा...

    -घर की पश्चिम दिशा में पश्चिममुखी होकर काले कपड़े पर महादेवी का चित्र स्थापित कर पूजन करें।-सरसों के तेल का दीपक जलाएं, लोहबान से धूप करें, सिंदूर चढ़ाएं, बेलपत्र चढ़ाएं, रेवड़ियों का भोग लगाएं।-सूखे नारियल के गोले में कपूर डालकर अग्नि प्रज्वलित कर रेवड़ियां, मूंगफली व मक्का अग्नि में डालें।-इसके बाद सात बार अग्नि की परिक्रमा करें।-लोहड़ी पूजा के साथ इस मंत्र का जाप करें: पूजन मंत्र: ॐ सती शाम्भवी शिवप्रिये स्वाहा॥-लोहड़ी का पर्व मूलतः आद्यशक्ति, श्रीकृष्ण व अग्निदेव के पूजन का पर्व है।

    23:04 (IST)12 Jan 2020
    लोहड़ी के दिन बनता है विशेष पकवान

    लोहड़ी के दिन विशेष पकवान बनते हैं, जिसमें गजक, रेवड़ी, मूंगफली, तिल-गुड़ के लड्डू, मक्का की रोटी और सरसों का साग प्रमुख होते हैं। लोहड़ी से कुछ दिन पहले से ही छोटे बच्चे लोहड़ी के गीत गाकर लोहड़ी के लिए लकड़ियां, मेवे, रेवडियां, मूंगफली इकट्ठा करने लग जाते हैं।

    21:43 (IST)12 Jan 2020
    ये भी है एक पौराणिक मान्यता

    एक मान्यता के अनुसार द्वापरयुग में जब सभी लोग मकर संक्रांति का पर्व मनाने में व्यस्त थे। तब बालकृष्ण को मारने के लिए कंस ने लोहिता नामक राक्षसी को गोकुल भेजा, जिसे बालकृष्ण ने खेल-खेल में ही मार डाला था। लोहिता नामक राक्षसी के नाम पर ही लोहड़ी उत्सव का नाम रखा। उसी घटना को याद करते हुए लोहड़ी पर्व मनाया जाता है। 

    20:27 (IST)12 Jan 2020
    सती के त्याग के रूप में भी मनाया जाता है यह त्योहार

    लोहड़ी को लेकर मान्यता है कि सुंदरी एवं मुंदरी नाम की लड़कियों को सौदागरों से बचाकर दुल्ला भट्टी ने हिंदू लड़कों से उनकी शा‍दी करवा दी थी। पौराणिक मान्यता अनुसार सती के त्याग के रूप में भी यह त्योहार मनाया जाता है। वहीं एक और मान्यता है, कहा जाता है कि संत कबीर की पत्नी लोई की याद में यह पर्व मनाया जाता है।  

    19:35 (IST)12 Jan 2020
    ये है पौराणिक मान्यता

    पौराणिक मान्यता के अनुसार सती के त्याग के रूप में यह त्योहार मनाया जाता है। कथानुसार जब प्रजापति दक्ष के यज्ञ की आग में कूदकर शिव की पत्नी सती ने आत्मदाह कर लिया था। उसी दिन की याद में यह पर्व मनाया जाता है।

    18:29 (IST)12 Jan 2020
    वैसाखी त्योहार की तरह लोहड़ी का सबंध फसल और मौसम से

    खेत खलिहान का उत्सव वैसाखी त्योहार की तरह लोहड़ी का सबंध फसल और मौसम से भी है। इस दिन से पंजाब में मूली और गन्ने की फसल बोई जाती है। लोहड़ी का आधुनिक रूप आधुनिकता के चलते लोहड़ी मनाने का तरीका बदल गया है। अब लोहड़ी में पारंपरिक पहनावे और पकवानों की जगह आधुनिक पहनावे और पकवानों को शामिल कर लिया गया है।

    17:37 (IST)12 Jan 2020
    13 और 14, दोनों तारीख को मनाई जा रही लोहड़ी

    हर साल 13 जनवरी को लोहड़ी और 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाती है लेकिन इस बार लोहड़ी 14 जनवरी और मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। हालांकि, कई जगह लोहड़ी 13 जनवरी की शाम को मनाई जाएगी। 

    17:13 (IST)12 Jan 2020
    इस दिन कृष्ण ने किया था लोहिता का वध...

    एक कथा के अनुसार मकर संक्रांति के दिन कंस ने श्री कृष्ण को मारने के लिए लोहिता नामक राक्षसी को गोकुल भेजा था, जिसे श्री कृष्ण ने खेल-खेल में ही मार डाला था। उसी घटना के फलस्वरूप लोहड़ी पर्व मनाया जाता है।

    16:24 (IST)12 Jan 2020
    लोहड़ी की पूजन विधि (Lohri Pujan Vidhi):

    -घर की पश्चिम दिशा में पश्चिममुखी होकर काले कपड़े पर महादेवी का चित्र स्थापित कर पूजन करें।-सरसों के तेल का दीपक जलाएं, लोहबान से धूप करें, सिंदूर चढ़ाएं, बेलपत्र चढ़ाएं, रेवड़ियों का भोग लगाएं।-सूखे नारियल के गोले में कपूर डालकर अग्नि प्रज्वलित कर रेवड़ियां, मूंगफली व मक्का अग्नि में डालें।-इसके बाद सात बार अग्नि की परिक्रमा करें।-लोहड़ी पूजा के साथ इस मंत्र का जाप करें: पूजन मंत्र: ॐ सती शाम्भवी शिवप्रिये स्वाहा॥-लोहड़ी का पर्व मूलतः आद्यशक्ति, श्रीकृष्ण व अग्निदेव के पूजन का पर्व है।

    15:50 (IST)12 Jan 2020
    Lohri 2020: लोहड़ी पर क्यों जलाई जाती है आग, जानिए

    ऐसा कहा जाता है कि राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में आग को जलाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार राजा दक्ष ने यज्ञ करवाया था, लेकिन इसमें अपने दामाद शिव और पुत्री सती को आमंत्रित नहीं किया। इस बात से नाराज़ होकर सती अपने पिता के पास जवाब लेने पहुंची। वहां, पति शिव की निंदा वह बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उन्होंने खुद को उसी यज्ञ में भस्म कर दिया। सती की मृत्यु का समाचार सुन भगवान शिव ने वीरभद्र को उत्पन्न कर उसके द्वारा यज्ञ का विध्वंस करा दिया।

    15:12 (IST)12 Jan 2020
    उत्साह से भरा त्योहार है लोहड़ी, जानिए इसे मनाने की विधि...

    लोहड़ी के दिन लकड़ियों व उपलों का छोटा सा ढेर बनाकर जलाया जाता है जिसमें मूंगफली, रेवड़ी, भुने हुए मक्की के दानों को डाला जाता है। लोग अग्नि के चारों और गीत गाते, नाचते हुए खुशी मनाते हैं व भगवान से अच्छी पैदावार होने की कामना करते हैं। अविवाहित लड़कियां-लड़के टोलियां बनाकर गीत गाते हुए घर-घर जाकर लोहड़ी मांगते हैं, जिसमें प्रत्येक घर से उन्हें मुंगफली रेवड़ी एवं पैसे दिए जाते हैं। जिस घर में बच्चा पैदा होता है उस घर से विशेष रुप से लोहड़ी मांगी जाती है।

    दे माए लोहड़ी... जीवे तेरी जोड़ीखोल माए कुंडा जीवे तेरा मुंडा

    14:45 (IST)12 Jan 2020
    लोहड़ी पर्व 2020...

    इस दिन लोग घरों और चौराहों के बाहर लोहड़ी जलाते हैं. आग का घेरा बनाकर दुल्ला भट्टी की कहानी सुनाई जाती है. इस दौरान रेवड़ी, मूंगफली और लावा खाने की परंपरा हैं. यह पर्व शाम के समय मनाया जाता है. इस दिन मूंगफली, गुड़, तिल और गजक खाने की परंपरा है.

    14:12 (IST)12 Jan 2020
    पारंपरिक रूप से फसलों की कटाई से जुड़ा है यह पर्व...

    लोहड़ी की अग्नि में रबी की फसलों (जौ,चना,मसूर,सरसों,गेहूं,मटर,मक्का) को अर्पित किया जाता है। इसी वक्‍त पंजाब में फसलों की कटाई शुरू होती है। देवताओं को नई फसल का भोग लगाकर पूरे साल के लिए भगवान से धन और संपन्‍नता की प्रार्थना की जाती है। महिलाएं, पुरुष और बच्‍चे सभी पवित्र अग्नि के चारों ओर नृत्‍य करते हुए लोकगीत और भजन गाते हैं। लोहड़ी की रात को सबसे सर्द और सबसे लंबी रात माना जाता है।

    13:39 (IST)12 Jan 2020
    भगवान कृष्ण से भी है लोहड़ी का कनेक्शन...

    ऐसी कथा है कि मकर संक्रांति की तैयारी में सभी गोकुलवासी लगे थे और कंस बाल कृष्ण को मारने के लिए साजिश रच रहा था। कंस ने भगवान कृष्ण को मारने के लिए लोहिता नामक राक्षसी को गोकुल में भेजा था। कृष्ण ने खेल-खेल में ही लोहिता राक्षसी को मार दिया। इस खुशी में मकर संक्रांति से एक दिन पहले लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है।

    13:15 (IST)12 Jan 2020
    13 और 14 जनवरी दोनों ही दिन मनाई जायेगी लोहड़ी...

    आमतौर पर हर साल लोहड़ी पर्व 13 जनवरी को मनाया जाता है। लेकिन इस बार इसकी तारीखों को लेकर मतभेद है। क्योंकि इस पर्व को मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाने की परंपरा है। जो कि इस बार संक्रांति 15 जनवरी को मनाई जा रही है। इसलिए पंचांगों में साल 2020 में लोहड़ी 14 जनवरी को बताई गई है। वहीं कुछ लोग 13 जनवरी को भी लोहड़ी मनायेंगे। 

    12:42 (IST)12 Jan 2020
    माता सती से जुड़ी है लोहड़ी मनाने की ये कथा...

    लोहड़ी मनाने को लेकर कई मान्यताएं हैं। एक पौराणिक मान्यता प्रजापति दक्ष और उनकी पुत्री सती से जुड़ी है। मान्यता है कि दक्ष ने भगवान शिव का तिरस्कार किया और भोलेनाथ को यज्ञ में शामिल नहीं किया। अपने पति की उपेक्षा देखकर माता सती ने अग्निकुंड में अपने प्राणों की आहुति दे दी। ऐसा माना जाता है कि तब से ही प्रायश्चित के तौर पर लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है।

    12:07 (IST)12 Jan 2020
    लोहड़ी पर्व कैसे मनाया जाता है जानिए...

    इस त्योहार में शाम के समय खुली जगह पर लोहड़ी जलाई जाती है। इस पवित्र अग्नि में मूंगफली, गजक, तिल, मक्का डालते हुए अग्नि की परिक्रमा की जाती है। लोग इस अग्नि के पास लोकगीत गाते हुए उत्सव मनाते हैं। यह अग्नि दुल्ला भट्टी की याद दिलाती है जिन्होंने जंगल में आग जलाकर सुंदरी और मुंदरी नाम की दो गरीब लड़कियों की शादी करवायी थी। ऋतु परिवर्तन से जुड़ा लोहड़ी का त्योहार शीत ऋतु के जाने और वसंत ऋतु के आगमन के तौर भी मनाया जाता है।

    11:29 (IST)12 Jan 2020
    कब जलायी जायेगी लोहड़ी?

    लोहरी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम में 5 बजकर 45 मिनट के बाद रहेगा क्योंकि शाम में 4 बजकर 26 मिनट के बाद से 5 बजकर 45 मिनट तक रोग काल रहेगा। लोहड़ी मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू कश्मीर में माना जाता है। इसकी तैयारी लोहड़ी से कुछ दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। लोहड़ी में मूंगफली, गुड़, तिल और गजक का विशेष महत्‍व माना जाता है।

    10:45 (IST)12 Jan 2020
    लोहड़ी पर्व क्यों और कैसे मनाते हैं...

    लोहड़ी का त्योहार लोग प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए मनाते हैं। लोहड़ी के अगले दिन मकर संक्रांति का त्योहार भी मनाया जाता है। माना जाता है जहां पंजाबी और सिख लोग लोहड़ी के दिन फसल पकने की खुशी मनाते हैं तो वहीं, हिंदू धर्म के लोग मकर संक्रांति को फसल पकने पर भगवान धन्यवाद करते हैं। लोहड़ी का त्योहार नवविवाहित दंपति और घर में आए नए शिशु के लिए महत्वपूर्ण होता है।

    09:59 (IST)12 Jan 2020
    13 या 14 जनवरी कब है लोहड़ी?

    इस बार लोहड़ी की तारीखों को लेकर उलझन बनी हुई है। मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ने के कारण लोग 14 जनवरी को लोहड़ी मनाने की बात कह रहे हैं। क्योंकि मकर संक्रांति से एक दिन पहले ये पर्व मनाया जाता है। तो वहीं हर साल 13 जनवरी को लोहड़ी मनाने वाले इसी तारीख को इस बार भी लोहड़ी मनायेंगे। 

    09:41 (IST)12 Jan 2020
    क्यों और कैसे मनाया जाता है यह पर्व?

    नव विवाहित जोड़ों के लिए ये पर्व खास माना गया है। क्योंकि इस दिन ये लोग अग्नि में आहुति देकर अपने सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हैं। पारंपरिक तौर पर लोहड़ी फसल की बुआई और कटाई से जुड़ा एक पर्व है। इस मौके पर पंजाब में नई फसल की पूजा की जाती है। लोग अपने घर के बाहर लोहड़ी जलाते हैं और सब मिलकर इस पर्व का जश्न मनाते हैं। इस दिन आग के पास लड़के भांगड़ा और लड़कियां गिद्दा पाती हैं। इस तरह लोग नाच गाकर एक दूसरे को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हैं।

    Next Stories
    1 Sakat Chauth 2020: सकट चौथ पूजन की सही विधि, कथा, आरती, मंत्र और चांद निकलने का समय यहां देखें
    2 Horoscope Today, 12 January 2020: बुध बदलेंगे राशि, सिंह, कर्क, मकर सहित कई राशियों पर पड़ेगा प्रभाव, जानिए आज का राशिफल
    3 आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang) 12 January 2020: आज सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि पुष्य योग में जरूरी कार्यों को करें संपन्न, जानिए पूरा पंचांग
    ये पढ़ा क्या?
    X