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जानिए, पुत्रजीवक बीज क्यों है महिलाओं से लिए वरदान और क्या बताए गए हैं इसके लाभ

प्राचीन चिकित्सा शास्त्र आयुर्वेद यह कहता है कि यह बीज उन महिलाओं के लिए वरदान है जिन्हें पुत्र की प्राप्ति नहीं होती है।

Author नई दिल्ली | June 14, 2019 12:22 PM
पुत्रजीवक बीज।

पुत्र प्राप्ति की इच्छा हर शादीशुदा महिला की होती है। इसके लिए वे बहुत सारे प्रयत्न भी करती हैं। यदि किसी महिला को पुत्र की प्राप्ति में किसी प्रकार की बाधा आती है तो इसके लिए शास्त्रों पुत्र जीवक बीज के बारे में बताया गया है। शास्त्रों में पुत्रजीवक बीज को महिलाओं के लिए वरदान माना गया है। प्राचीन चिकित्सा शास्त्र आयुर्वेद यह कहता है कि यह बीज उन महिलाओं के लिए वरदान है जिन्हें पुत्र की प्राप्ति नहीं होती है। साथ ही इसे हजारों वर्षों से पुत्र की कामना के लिए बहुत ही अच्छी मानी गई है। क्योंकि यह पुत्र की कामना रखने वाली महिलाओं के लिए संतान देने में मदद करता है। इसलिए इसे पुत्रजीवक का नाम दिया गया है। आगे इसके बारे में आगे जानते हैं।

ऐसी मान्यता है कि इसके बीज से बनी माला पर जाप मंत्र करने से पुत्र की आयु लंबी होती है। साथ ही संतान स्वस्थ्य भी रहता है। पुत्रजीवक का पेड़ पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसका वृक्ष हमेशा हरा रहता है और इसके तने में हरे रंग की छाल होती है। पत्ते के किनारे कटे से होते हैं और इनका गहरा होता है। साथ ही साथ इसके फूल पीले हरे रंग के और गुच्छे में होते हैं। वहीं इसके फल गोल और नुखीले होते हैं। कहते हैं कि संतान प्राप्ति के लिए पुत्रजीवक बीज के गिरि को दूध के साथ मासिक के दिनों में लिया जाता है।

इसके अलावा पुत्रजीवक पेड़ की छाल, बिल्व की जड़ और मालकांगड़ी की जड़ को पानी में पीस कर दिन में एक बार दो से तीन सप्ताह तक लेने से गर्भावस्था के दौरान असामान्य रक्तस्राव रुक जाता है। साथ ही साथ सभी प्रकार के मासिक धर्म रोगों के लिए बीज का गुदा और जीरा दूध में पीसकर मासिक धर्म के दौरान लिया जाता है। जो कि पुत्र प्राप्ति के लिए बेहद फायदेमंद बताया गया है। इस प्रकार पुत्र जीवक बीज महिलाओं को पुत्र प्राप्ति के लिए वरदान साबित हो सकता है।

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