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ज्योतिष शास्त्र: जानिए कुंडली में किस योग से मिलता है यश

ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इन ग्रह-नक्षत्रों से बनने वाले योग का प्रभाव इस संसार में जन्म लेने वाले हर इंसान पर पड़ता है।

Author नई दिल्ली | January 14, 2019 6:13 PM
सांकेतिक तस्वीर।

ज्योतिष शास्त्र में 27 नक्षत्र बताए गए हैं। ज्योतिषियों का मानना है कि ये नक्षत्र व्यक्ति की कुंडली में कई योग बनाते हैं। ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इन ग्रह-नक्षत्रों से बनने वाले योग का प्रभाव इस संसार में जन्म लेने वाले हर इंसान पर पड़ता है। इसके अलावा व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों और नक्षत्रों के साथ ही उसके अच्छे-बुरे कर्मों का प्रभाव भी पड़ता है। क्या आप जानते हैं कि कौन सा नक्षत्र हमारे जीवन पर क्या प्रभाव डालता है? या कौन सा ग्रह इंसान को खूब नाम और यश दिलाता है? साथ ही कौन से योग व्यक्ति के जीवन को अपयश से कलंकित करते हैं? यदि नहीं तो चलिए ज्योतिष के अनुसार हम आपको यह सब बताते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक कुंडली के चौथे, सातवें और दसवें भाव से व्यक्ति की यश की स्थिति देखी जाती है। कभी-कभी 12वें भाव से भी नाम और यश का पता चलता है। मुख्य रूप से चंद्रमा और शुक्र यश प्रदान करने वाले ग्रह माने जाते हैं। ज्योतिष के मुताबिक शनि, राहु और खराब चंद्रमा यश में बाधा पहुंचाते हैं। इसके अलावा जीवन में यश तब मिलता है जब व्यक्ति की कुंडली में चौथा, सातवां और नौवां भाव मजबूत होता है। चंद्रमा और शुक्र में से कोई एक मजबूत हो और कुंडली में पञ्च महापुरुष योग बने तो जातक यश प्राप्त करता है। साथ ही कुंडली में गजकेसरी योग बने तो व्यक्ति को उसके जीवन में यश मिलता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे योग हैं जो व्यक्ति को अपयश दिलाते हैं। इसके लिए ज्योतिष में कहा गया है कि जब व्यक्ति की कुंडली में सूर्य या चंद्रमा ग्रहण योग बनाए अथवा कुंडली का आठवां या दशवां भाव खराब हो तो इंसान अपयश से घिर जाता है। साथ ही जब जातक की कुंडली में शुक्र या चंद्रमा नीच राशि में हो तो व्यक्ति को जीवन में अपयश प्राप्त होता है। हालांकि यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहती है।

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