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इस स्थान पर रखेंगे लाफिंग बुद्धा की मूर्ति तो घर में आएगी सुख-समृद्धि

लाफिंग बुद्धा के लिए मान्यता है कि उनके स्टेच्यू को कभी खुद खरीदकर घर में नहीं रखना चाहिए।

लॉफिंग बुद्धा।

पौराणिक मान्यताओं अनुसार महात्मा बुद्ध को एक अध्यात्मिक रुप में जानते हैं। बौद्ध ने अन्याय के खिलाफ रहकर शांति का जीवन अपनाया था। यहां आज हम महात्मा बौद्ध की नहीं लाफिंग बुद्धा की बात करने जा रहे हैं, कई लोग अपना घर से सजाते समय और वास्तु के अनुसार लाफिंग बुद्धा रखना शुभ मानते हैं। आपको यदि कोई कंफ्यूजन इस बात को लेकर है कि महात्मा बुद्ध और लाफिंग बुद्धा एक थे तो ये बिल्कुल गलत है। उनका महात्मा बुद्ध से कोई रिश्ता नहीं था। माना जाता है कि बुद्ध किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं था, ये एक अवस्था का नाम माना जाता है। इसका अर्थ होता है कि ज्ञान की प्राप्ति होना। जिसे ज्ञान की प्राप्ति हो गई वो बुद्ध कहलाने लगा।

मान्यता है कि लाफिंग बुद्धा महात्मा बुद्ध के शिष्य थे और ज्ञान की प्राप्ति के बाद उन्होनें सभी लोगों में खुशियां फैलाने का संकल्प लिया था। घर में लाफिंग बुद्धा का स्टेच्यू रखना शुभ माना जाता है, इसके साथ लाफिंग बुद्धा के लिए मान्यता है कि उनके स्टेच्यू को कभी खुद खरीदकर घर में नहीं रखना चाहिए। कोई दोस्त या रिश्तेदार गिफ्ट करे तभी उसे घर में रखना शुभ माना जाता है।

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– वास्तु के अनुसार माना जाता है कि लाफिंग बुद्धा की मूर्ति घर के मुख्य दरवाजे के बिल्कुल सामने नहीं रखना चाहिए। इसे जमीन से उचित ऊंचाई पर ही रखा जाना चाहिए। लाफिंग बुद्धा की मूर्ति घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मक ऊर्जा लाती है।
– मूर्ति को घर में ऐसे स्थान पर रखें जहां से घर में आने-जाने वाले को आसानी से दिखे।

– लाफिंग बुद्धा की मूर्ति कई प्रकार की आती है जिसमें से जिस मूर्ति में लाफिंग बुद्धा के पास पोटली होती है वो घर में पैसों से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है।
– मेहनत करने के बाद भी किसी काम में सफलता नहीं मिल पा रही है तो लाफिंग बुद्धा की वो मूर्ति रखें जिसमें उनके दोनों हाथों में कमंडल हो।

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