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सावन में कौन से शिवलिंग की पूजा करने से मिलता है क्या लाभ, जानिए

सावन में स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करने को भी काफी शुभ माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि स्फटिक के शिवलिंग का जलाभिषेक करने से घर में समृद्धि आती है।

Sawan Shivratri 2018 Jal date: शिवलिंग शिव जी का प्रतीक माना गया है।

सावन का महीना भगवान शंकर को समर्पित है। कहते हैं कि सावन में श्रद्धाभक्ति के साथ शिव जी की आराधना करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इन सबके बीच सावन में शिवलिंग की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौन से शिवलिंग की पूजा करने से क्या लाभ मिलता है? यदि नहीं तो आज हम आपको इस बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। इससे पहले आपको बता दें कि शिवलिंग भगवान शिव का कोई अंग नहीं है। बल्कि शिवलिंग शिव जी का प्रतीक माना गया है। ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग की पूजा करने से शिव जी के दसों रूपों की आराधना हो जाती है।

आपने पारद शिवलिंग के बारे में सुना होगा। सावन में पारद के शिवलिंग की पूजा करना बहुत ही शुभ माना गया है। कहते हैं कि जो लोग सावन में श्रद्धाभाव से पारद के शिवलिंग की पूजा करते हैं, शिव उनकी मनोकामनाएं जरूर पूरी करते हैं। इसके साथ ही आपने लकड़ी से बना शिवलिंग भी जरूर देखा होगा। ऐसा माना जाता है कि लकड़ी के शिवलिंग की पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है। मान्यता है कि इससे जीवन में आ रही आर्थिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है और आय के नए स्रोत पैदा होते हैं।

सावन में स्फटिक के शिवलिंग की पूजा करने को भी काफी शुभ माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि स्फटिक के शिवलिंग का जलाभिषेक करने से घर में समृद्धि आती है। मान्यता है कि इससे पारिवारिक दिक्कतें खत्म होती हैं और घर में सुख-शांति आती है। इसके अलावा आप मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण करके भी पूजा-अर्चना कर सकते हैं। कहते हैं कि मिट्टी का शिवलिंग बनाने के बाद उस पर भस्म जरूर लगा देनी चाहिए। ऐसी मान्यता है कि इससे शक्ति और सिद्धी की प्राप्ति होती है।

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