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भोजन के बाद सौंफ और मिश्री खाने के क्या हैं ज्योतिषीय लाभ, जानिए

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए भी सौंफ से जुड़ा एक ज्योतिषीय उपाय किया जाता है। इसके तहत सौंफ, सुरमा, काले तिल और लोध मिले हुए जल से स्नान करने के लिए कहा गया है।

Author नई दिल्ली | August 22, 2018 3:04 PM
सौंफ।

हममें से बहुत सारे लोग भोजन के बाद सौंफ और मिश्री खाना पसंद करते हैं। ऐसा माना जाता है कि भोजन के बाद इसे खाने से पाचन तंत्र सही रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भोजन के बाद सौंफ और मिश्री खाने के ज्योतिषीय लाभ क्या हैं? यदि नहीं तो हम आपको इस बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सौंफ पर बुध और मंगल ग्रह का प्रभाव होता है। ऐसे में माना जाता है कि सौंफ खाने से कुंडली में बुध और मंगल ग्रह की दशा मजबूत होती है। इससे व्यक्ति अपने जीवन में तमाम तरह के कष्टों से बचकर रहता है।

ज्योतिष शास्त्र में सौंफ से जुड़े कुछ उपाय भी बताए गए हैं। कहते हैं कि कोई भी महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने से पहले थोड़ी सी सौंफ और गुड़ खा लेना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से उस काम में सफलता मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके अलावा घर के पूर्व, उत्तर या पूर्वोत्तर दिशा में सौंफ का पौधा लगाने की सलाह दी जाती है। कहते हैं कि ऐसा करने से घर के लोगों की सेहत अच्छी रहती हैं। मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होता जिससे परिवार के लोग आपस में मिलजुलकर रहते हैं।

शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से बचने के लिए भी सौंफ से जुड़ा एक ज्योतिषीय उपाय किया जाता है। इसके तहत सौंफ, सुरमा, काले तिल और लोध मिले हुए जल से स्नान करने के लिए कहा गया है। माना जाता है कि इस उपाय से कुंडली में शनिग्रह की दशा सदैव मजबूत रहती है। इसके अलावा बुरे सपनों से बचने के लिए भी सौंफ से जुड़ा एक उपाय किया जाता है। इसके लिए रात में सोने से पहले सिरहाने पर सौंफ की एक पोटली रखने के लिए कहा गया है।

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