Root Of Kela Benefits: रत्न शास्त्र में 9 ग्रहों का वर्णन मिलता है। वहीं इन रत्नों पर अलग- अलग ग्रहों का आधिपत्य होता है। लेकिन आपको बता दें कि रत्न काफी महंगे होते हैं। इसलिए रत्नों को हर व्यक्ति नहीं खरीद सकता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं केले के पेड़ की जड़ के बारे में, जिसका संबंध पुखराज रत्न से माना जाता है। वहीं केले के पेड़ की जड़ बाजार में आसानी से मिल जाती है। साथ ही केले के पेड़ की जड़ को धारण करने से पुखराज धारण करने के बराबर ही फल मिलता है। आइए जानते हैं केले के पेड़ की जड़ का महत्व और धारण करने की विधि…
केले के पेड़ की जड़ धारण करने के लाभ
केले के पेड़ की जड़ हाथ में बांधने से ज्ञान में वृद्धि होती है। साथ ही डिसीजन मेकिंग अच्छी होती है। व्यक्ति की सोच सकारात्मक होती है। वहीं विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए यह अत्यंत फायदेमंद है, क्योंकि यह एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है। साथ ही संतान प्राप्ति में बाधा आ रही हो तो भी इसको धारण किया जा सकता है। साथ ही अगर बृहस्पति के कारण विवाह में अड़चन आ रही है, तो केले की जड़ को हाथ में पहन सकते हैं।
ये लोग कर सकते हैं धारण
मेष, धनु व मीन राशि वाले लोग केले के पेड़ की जड़ पहन सकते हैं। वहीं अगर कुंडली में गुरु ग्रह नवम, लग्न और पंचम भाव में शुभ होकर स्थित हो तो आप केले की जड़ को हाथ में धारण कर सकते हैं। वहीं अगर आप, शिक्षक, धार्माचार्य या ज्योतिषाचार्य हैं और कथा वाचक हैं तो भी आप केले के पेड़ की जड़ को हाथ में बांध सकते हैं।
जानिए बांधने की सही विधि
केले के पेड़ की जड़ बाजार में आसानी से मिल जाती है। साथ ही इस जड़ को आपको विशाखा नक्षत्र में खरीदकर लानी चाहिए। साथ ही इसे गुरुवार के दिन पहनना चाहिए। इसे पीले कपड़े में लपेटकर बांधना शुभ रहता है। वहीं इसे बांधने से पहले गंगाजल से शुद्ध कर लें। साथ ही धारण करने से पहले गुरु बृहस्पति के बीज मंत्र का 108 बार जाप जरूर करें। साथ ही गुरु ग्रह संबंंधित वस्तुओं का दान निकालकर मंदिर में दान करें।
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
