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विद्यार्थियों के लिए लाता है सौभाग्य, जानें क्या है गणेश रुद्राक्ष का महत्व

गणेश रुद्राक्ष को लाल धागे, सोने या चांदी के तार में ही धारण किया जाता है। रुद्राक्ष धारण करने के लिए सोमवार का दिन ही सबसे शुभ माना जाता है।

Author Published on: February 22, 2018 10:13 AM
गणेश रुद्राक्ष से निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है।

जीवन की समस्याओं से निपटने के लिए कई लोग ईश्वर का सहारा लेते हैं उसमें वो रत्नों में चमत्कारी शक्तियां तलाश करते हैं। वहीं दूसरी तरह रुद्राक्ष जिसमें किसी प्रकार की चमक नहीं होती वो भगवान शिव के सबसे ज्यादा करीब है। मान्यता है कि रुद्राक्ष का निर्माण शंकर के आंसुओं से हुआ था। वैसे तो रुद्राक्ष कई प्रकार के होते हैं लेकिन उसमें सबसे श्रेष्ठ गणेश रुद्राक्ष को माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र गणेश को देवों में सबसे उत्तम स्थान दिया जाता है। रुद्राक्ष धारण के लिए माना जाता है कि यह अनेकों कष्टों का निवारण करता है और शरीर को स्वस्थ्य रखने में मदद करता है। गणेश रुद्राक्ष से निर्णय लेने की क्षमता का विकास होता है। गणेश जी को बुद्धि का देवता माना जाता है, इसी कारण से विद्यार्थियों के लिए गणेश रुद्राक्ष सौभाग्यशाली माना जाता है।

भगवान गणेश को संकट हारा और रिद्धि-सिद्धि का स्वामी माना जाता है। गणेश रुद्राक्ष को धारण करने वाले के जीवन में सकारात्मकता का प्रभाव पड़ता है। जिससे व्यक्ति के जीवन के कष्टों का समापन होता है। ऐश्वर्य की प्राप्ति और मोक्ष पाने की इच्छा के लिए गणेश रुद्राक्ष लाभकारी माना जाता है। जिस रुद्राक्ष पर भगवान गणेश की आकृति हो और उनकी सूंड की आकृति उभरी हुई दिखाई दे रही हो उसे ही दिव्य माना जाता है।

गणेश रुद्राक्ष को लाल धागे, सोने या चांदी के तार में ही धारण किया जाता है। रुद्राक्ष धारण करने के लिए सोमवार का दिन ही सबसे शुभ माना जाता है। गणेश रुद्राक्ष धारण करने के लिए गणेश चतुर्थी का दिन सौभाग्यशाली माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माना जाता है कि किसी भी रत्न या रुद्राक्ष को धारण करने से पहले किसी विद्वान का परामर्श अवश्य ले लेना चाहिए। रुद्राक्ष और रत्न तभी प्रभावी रहते हैं जब उनका शुभ योग आपकी कुंडली में होता। कुंडली के ग्रहों की दशा और दिशा के अनुसार ही रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

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