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कुंभ में पहली बार शामिल हुआ किन्नर अखाड़ा, जानिए इससे जुड़ी खास बातें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में चल रहे अर्धकुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। शैव और वैष्णव अखाड़ों की तरह ही किन्नरों ने भी अखाड़ों के कुछ नियम तय किए हैं।

Author February 5, 2019 5:36 PM
कुंभ में अखाड़े की पेशवाई करता किन्नर अखाड़ा।

प्रयागराज का कुंभ मेला बाहर के देखने में जितना भव्य और दिव्य लगता है, अंदर से उतना ही खूबसूरत है। भव्यता से सुसज्जित इस कुंभ में साधु-संत यहां आने वाले लोगों को अध्यात्म का पाठ पढ़ाकर उनकी जिंदगी को बेहतर बना रहे हैं। इस बार कुंभ में किन्नर अखाड़े को भी शामिल किया गया है। इस अखाड़े में रोज हजारों की भीड़ उमड़ रही है। किन्नर अखाड़ा के बारे में आज भी लोग कम जानते हैं। आगे जानते हैं कि कुंभ में पहली बार शामिल होने वाला किन्नर अखाड़ा क्या है? और इससे जुड़ी खास बातें क्या हैं?

देश भर के किन्नरों ने एक अलग अखाड़ा खड़ा कर लिया है। जो कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में चल रहे अर्धकुंभ का सबसे बड़ा आकर्षण बना हुआ है। शैव और वैष्णव अखाड़ों की तरह ही किन्नरों ने भी अखाड़ों के कुछ नियम तय किए हैं। जिसको मानने वाला ही इस अखाड़े में शामिल हो सकता है। किन्नर अखाड़े के महाराष्ट्र पीठाधीश्वर पायल गुरु का कहना है कि अखाड़ा सिर्फ इसलिए नहीं बनाया गया है कि हम धर्म के क्षेत्र में कोई दखल हो। दरअसल इस अखाड़े की कोशिश है किन्नरों की छवि को बदलना।

शादी और जन्म के मौके पर जो किन्नरों की बधाई टोली चलती है उनको छोड़कर शेष जो रेल या अन्य जगहों पर पैसा मांगते हैं। साथ ही कोई ऐसा काम करते हैं जिससे किन्नरों की छवि खराब होती है। वैसे लोगों को बदलना इस अखाड़े का मुख्य उद्देश्य है। गुजरात के अहमदाबाद में एक बहुचरा माता का मंदिर है। जिसे मुर्गी वाली माता भी कहते हैं। कहते हैं कि ये किन्नरों की कुल देवी है। किन्नर अखाड़े में भी इसकी पूजा सबसे पहले की जाती है।

किन्नर अखाड़ा द्वारा देश भर में दस मठ बना लिए गए हैं। इस अखाड़े का दावा है कि अब तक 5 हजार किन्नर दीक्षा ले चुके हैं। किन्नर अखाड़े में शामिल होने की पहली शर्त ये है कि उसे वो सब काम छोड़ने होंगे जो अब तक करता आया है। दस मठ में से किसी एक मठ के पीठाधीश्वर को गुरु बनाना होगा। जो भी किन्नर अखाड़े में शमिक किया जाएगा उसे इसके नियम को मानना होगा। वरना दीक्षा नहीं दी जाएगी।

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