Kharmas 2026 Date: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, जब ग्रहों के राजा सूर्य गुरु की राशि मीन या फिर धनु राशि में प्रवेश करते हैं, तो खरमास आरंभ हो जाते हैं। ऐस में साल में दो बार खरमास लगता है। इस अवधि में विवाह, मुंडन, छेदन और अन्य सोलह संस्कारों जैसे मांगलिक कार्यों को करना उचित नहीं माना जाता। ऐसे ही पिता के कारक सूर्य जल्द ही गुरु की राशि मीन में प्रवेश करने वाले हैं, जिससे खरमास आरंभ हो जाएंगा। आइए जानते हैं खरमास कब से हो रहे हैं आरंभ और इस पूरे एक माह किन चीजों का रखें ध्यान।
कब से कब तक होंगे खरमास? (Kharmas 2026 Start End Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य 15 मार्च को तड़के 1 बजकर 18 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके साथ ही खरमास आरंभ हो जाएगा। इस राशि में सूर्य 14 अप्रैल को 09:38 ए एम बजे तक रहेंगे। इसके बाद मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस पूरे माह शुभ और मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होही।
खरमास में मांगलिक कार्य क्यों नहीं किए जाते?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य देव गुरु ग्रह बृहस्पति की राशियों यानी धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो उस समय गुरु की स्थिति कमजोर मानी जाती है। इसलिए इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, छेदन और अन्य सोलह संस्कार जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते। इसके अलावा नया व्यापार शुरू करना, नई दुकान खोलना, प्रॉपर्टी या वाहन खरीदना भी इस समय शुभ नहीं माना जाता।
खरमास के नियम (Kharmas 2026 Niyam)
खरमास के दौरान क्या करना चाहिए? (Do These Things During Kharmas)
- प्रतिदिन सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। इसके लिए तांबे के पात्र में जल, सिंदूर, लाल फूल और अक्षत मिलाकर सूर्य को अर्पित करें। ऐसा करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
- इस महीने में जप, तप और दान का विशेष महत्व होता है। इन कार्यों से विभिन्न दोषों से मुक्ति मिलने की मान्यता है।
- पूरे खरमास के दौरान गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
- गाय, ब्राह्मण और जरूरतमंद लोगों की सेवा और सहायता करना भी इस समय अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
- इस अवधि में कम से कम एक बार किसी पवित्र तीर्थ स्थान की यात्रा करना भी शुभ माना जाता है।
- खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है। नियमित पूरा करने के साथ विष्णु मंत्र, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
खरमास में किन कार्यों से बचना चाहिए (Do Not Do These Things During Kharmas)
- खरमास के दौरान विवाह से जुड़े कार्य जैसे शादी, सगाई, तिलक या बेटी की विदाई नहीं करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से दांपत्य जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।
- खरमास के दौरान गृह प्रवेश करना भी शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इससे घर में दोष उत्पन्न होने की आशंका बताई जाती है।
- इस अवधि में नया व्यवसाय शुरू करने से भी बचना चाहिए, क्योंकि ऐसे कार्यों में बाधाएं और कठिनाइयां आने की संभावना रहती है।
- मुंडन, छेदन, जनेऊ सहित अन्य सोलह संस्कार भी खरमास के दौरान नहीं किए जाते।
खरमास के दौरान करें इन मंत्रों का जाप
- ॐ सूर्याय नम:
- ॐ घृणि सूर्याय नम:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा
- ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
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डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
