Ketu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में छाया ग्रह राहु के अलावा केतु का विशेष महत्व है। केतु इस समय सिंह राशि में विराजमान है। इसके अलावा वह एक निश्चित अवधि के बाद नक्षत्र परिवर्तन भी कर रहे है जिसका असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलता है। ज्ञान और अध्यात्म के कारक ग्रह केतु 29 मार्च को मघा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिष शास्त्र में केतु को पूर्व जन्म के कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है। ऐसे में केतु की स्थिति में बदलाव का असर कुछ राशि के जातकों के जीवन में विशेष पड़ सकता है। लेकिन जिन लोगों की कुंडली में केतु की महादशा या अंतर्दशा चल रही है, तो हीलिंग, चिकित्सा, योग, परामर्श जैसे क्षेत्रों से जुड़े जातकों को अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। जानें केतु का मघा नक्षत्र में जाना किन राशियों के लिए हो सकता है लाभकारी…

द्रिक पंचांग के अनुसार, केतु 29 मार्च 2026, रविवार को 04:49 ए एम बजे मघा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और 5 दिसंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे। केतु को पिछले जन्म के कर्मों का फल देने वाला, मोक्ष का ग्रह माना जाता है। ये व्यक्ति को आत्मज्ञान, आत्मचिंतन करने में मदद करता है। मघा नक्षत्र में केतु के आने से कुछ राशि के जातक अपने व्यक्तित्व पर ध्यान देंगे। इसके अलावा अहंकार को छोड़ने से लेकर अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य को समझने की कोशिश करेंगे

मिथुन राशि (Mithun Zodiac)

इस राशि के तीसरे भाव में केतु विराजमान रहेंगे। इस भाव को साहस, संचार और यात्रा से संबंधित माना जाता है। इसके अलावा इस राशि के लग्न भाव में गुरु मार्गी अवस्था में विराजमान होंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों के आत्मविश्वास में तेजी से वृद्धि हो सकती है। अध्यात्म की ओर आपका झुकाव हो सकता है। ऐसे में कई तीर्थ यात्राएं कर सकते हैं। जीवन में खुशियां की दस्तक हो सकती है। हालांकि वैवाहिक जीवन को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है।

कन्या राशि (Kanya Zodiac)

कन्या राशि के जातकों के लिए केतु का मघा नक्षत्र में जाना कुछ मामलों में लाभ दिला सकता है। इस राशि में केतु बारहवें भाव से रहने वाले हैं। इस भाव को मोक्ष, अध्यात्म और विदेशी चीजों से जुड़ा  माना जाता है। ऐसे में केतु के मघा नक्षत्र में जाने से इस राशि के जातकों के अध्यात्म में काफी अधिक झुकाव हो सकता है। इस अवधि में आध्यात्मिक उन्नति सबसे अधिक हो सकती है। ध्यान और साधना में आपका अधिक वक्त समय व्यतीत करेंगे।

तुला राशि (Tula Zodiac)

इस राशि के जातकों के लिए केतु का मघा नक्षत्र में जाना कई क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। इस राशि में केतु ग्यारहवें भाव में रहेगा। यह भाव को आय और मित्रों से संबंधित माना जाता है। ऐसे में केतु के मघा नक्षत्र में जाने से इस राशि के जातकों के आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। इससे आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां समाप्त हो सकती है। हालांकि दोस्तों से संबंधित कुछ समस्याएं हो सकती है।

वृश्चिक राशि (Vrashchik Zodiac)

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए केतु का मघा नक्षत्र में जाना लाभकार हो सकता है। इस राशि में केतु दसवें भाव में रहने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों के करियर के साथ-साथ कर्म के क्षेत्र में प्रभाव देखने को मिलने वाला है। करियर के क्षेत्र की बात करें, तो कई बड़ा बदलाव हो सकता है। नई नौकरी मिलने के चांसेस बन रहे हैं। इसके अलावा नौकरी में आपके मन मुताबिक जगह ट्रांसफर हो सकता है या फिर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। सलाहकार, चिकित्सक या फिर अध्यात्म से जुडे जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।

केतु के शुभ प्रभाव के लिए करें ये उपाय

  • केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए सेवा भाव रखें। जब जिसे जरूरत है उसकी मदद करेंगे।
  • रोजाना अपने माथे में तिलक लगाएं।
  • केतु के नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें।
  • रोजाना इस मंत्र का पाठ करें- “पलाश पुष्प संकाशं तारकाग्रह मस्तकम्, रौद्रं रौद्रात्मकं घोरं तं केतुं प्रणमाम्यहम।”
  • किसी ज्योतिषी से परामर्श लेकर नौ मुखी या बारह मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभकारी हो सकता है।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।